सीएम नीतीश ने सियासी अटकलों पर लगाया विराम, दूसरे चरण की चल रही प्रगति यात्रा
Source : MEDIA
By : डीबी न्यूज अपडेट| Edited By: प्रिंस अवस्थी
Nitish Kumar News: सीएम नीतीश कुमार ने इधर-उधर की चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है. गोपालगंज कलेक्ट्रेट में विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम दो बार गलती से इधर से उधर चले गए थे, अब हमेशा साथ रहेंगे और बिहार के साथ देश का विकास करेंगे. सीएम नीतीश कुमार के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर विराम लग गया है. बता दें कि प्रगति यात्रा के दूसरे चरण में शनिवार को सीएम नितीश कुमार गोपालगंज पहुंचे थे.
‘हमलोग बिहार को आगे बढ़ा रहे हैं’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीएम ने कहा कि पहले हिन्दू-मुस्लिम के बीच विवाद की खबरें आती थीं. जब बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से बिहार की स्थिति बदली है. हर क्षेत्र में विकास के काम किए जा रहे हैं. किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है. हमलोग मिलकर लगातार बिहार को आगे बढ़ा रहे हैं. सीएम ने कहा कि बिहार का कोई भी इलाका विकास से अछूता नहीं है. हमलोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण का काम बड़े पैमाने पर कराया है जिसके कारण बिहार के किसी भी कोने से पहले छह घंटे में लोग पटना पहुंचते थे, अब उसे घटाकर पांच घंटे किया गया है. इसके लिए हर प्रकार से काम किया जा रहा है.
धीरे-धीरे कई दल साथ आएंगे-नितीश
इससे पहले उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा था वे बस दिन-रात बोल सकते हैं.” बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘धीरे-धीरे कई दल साथ आएंगे और इसकी प्रबल संभावना है कि वे 2024 का चुनाव साथ मिल कर लड़ेंगे. उन्होंने कहा था कि विभिन्न दलों के नेताओं के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई है. यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस से दूरी रखने वाली तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) और आम आदमी पार्टी (आप), दोनों ही इस तरह के गठबंधन का हिस्सा होंगी, उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच गठबंधन के बारे में समझौता होने के बाद ही कुछ ठोस बात कही जा सकती है.
उन्होंने कहा था कि जिन नेताओं से उन्होंने मुलाकात की है, मीडिया को उस बारे में जानकारी होगी. कुमार ने राष्ट्रीय राजधानी की अपनी पिछली यात्रा के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप नेता अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी. टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हाल में कहा था कि वह कुमार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ मिलकर भाजपा को हराएंगी.
नीतीश कुमार के लिए खाली नहीं है वैकेंसी!
यह बात तो नीतीश कुमार को भी पता है कि राष्ट्रीय जनता दल आगे की राजनीति में बतौर मुख्यमंत्री कोई वैकेंसी खाली नहीं है. जिस तरह से नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को अगला सीएम बनाने की सार्वजनिक घोषणा घोषणा की और फिर एनडीए के साथ गलबहिया कर ली, उसके बाद से नीतीश कुमार की विश्वसनीय लालू प्रसाद की नजर में कम हो गई. थोड़ी बहुत जो कसर बची थी वह इंडिया गठबंधन को बीच मझधार ने छोड़ने के कारण वह भी चली गई.
ऐसे में राजद की तरफ नीतीश कुमार अगर मुड़ भी जाते हैं सीएम की कुर्सी तो नहीं ही मिलेंगी. लेकिन उनका चेहरा एक बार फिर अविश्वसनीय हो जायेगा. ऐसा इसलिए कि काफी महत्वाकांक्षी रहे लालू प्रसाद आगामी विधान सभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को आईएनडीआईए का चेहरा बनाकर सत्ता पाने की हर संभव कोशिश करेंगे. ऐसे भी आरजेडी के वरीय नेता तेजस्वी यादव को अगला मुख्यमंत्री बनाने के लिए पुरजोर मेहनत कर रहे हैं. ऐसे में नीतीश कुमार क्यों अपनी मिट्टी पलीद करने महागठबंधन में क्यों जाएंगे? ऐसे में निश्चित से अनिश्चित की ओर नीतीश कुमार क्यों जाएंगे?
गहरा होता जा रहा पलटू राम का दाग?
नीतीश कुमार भी यह जानते हैं कि अगर 2025 के चुनाव में वह पलटी मारेंगे तो उन्हें सिर्फ पलटू राम की उपाधि मिल सकती है और कुछ नहीं. साथ ही इसके जंगल राज वाले राजद के गठबंधन के साथ तीसरी बार पाली खेलने पर राजनीतिक जगत में नीतीश कुमार की शुचिता वाली राजनीत एक बहस का मुद्दा बन चुका है.
भाजपा और नीतीश के बीच तालमेल
राजनीत में गिव एंड टेक की नीति भाजपा और जदयू के बीच ही फलीभूत होती है. नीतीश कुमार अगर एनडीए की राजनीति में सीएम का पद बड़ी ही आसानी से पा लेते हैं तो नीतीश कुमार के कंधे पर सवार हो कर भाजपा बिहार में अपनी जड़े भी गहरी कर रही है.
