बांग्लादेश में ‘जुलाई विद्रोह’ के नेता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. मोहम्मद यूनुस ने राजकीय शोक की घोषणा की.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Bangladesh Violence : छात्र विद्रोह के नेता शरीफ उस्मान हादी की 19 दिसंबर को मृत्यु के बाद, बांग्लादेश में व्यापक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे. ढाका में जनता के आक्रोश के बीच, कई प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों और अखबारों के कार्यालयों में तोड़फोड़ की. यूनुस ने हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा किया और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ को देश के सबसे बड़े अखबार, प्रोथोम अलो और साथ ही डेली स्टार के ऑफिस में तोड़फोड़ करते और उसे आग के हवाले करते हुए देखा गया. बीडी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका के कवरान बाजार में डेली स्टार के कार्यालय पर भीड़ के हमले के चार घंटे से अधिक समय बाद वहां कम से कम 25 पत्रकारों को आग में दहकते ऑफिस से बाहर निकालकर बचाया गया. गुस्साई भीड़ आधी रात करीब 12 बजे यहां हमला करने पहुंच गई थी.
शुक्रवार की अल सुबह भीड़ अंग्रेजी दैनिक के कार्यालय में घुस गई थी. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने बंगाली दैनिक प्रोथोम आलो पर हमला किया था, इमारत में तोड़फोड़ की थी और नारे लगाते हुए आग लगा दी थी.
सबसे बड़े समाचार पत्रों पर क्यों हमला?
AFP के मुताबिक, बांग्लादेश के सबसे बड़े समाचार पत्रों में शामिल दोनों समाचार पत्रों को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया है क्योंकि उनका आरोप है कि वे पड़ोसी देश भारत के साथ गठबंधन में हैं, जहां शेख हसीना ने शरण ली है. रिपोर्ट के अनुसार पहला हमला बांग्ला भाषा के अखबार प्रोथोम अलो पर हुआ, जहां भीड़ नारे लगाती हुई गई थी. बीडी न्यूज के अनुसार, भीड़ ने आधी रात करीब 12 बजे ऑफिस में आग लगाने से पहले तोड़फोड़ की. द डेली स्टार के 25 पत्रकारों का बचाव शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे हुआ. हमलावरों ने रात करीब 12:30 बजे अखबार के ऑफिस में आग लगाने से पहले पहले उसके ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर तोड़फोड़ की. बीडी न्यूज के अनुसार, आग ने तेजी से दो मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे हवा में धुएं का गुबार फैल गया.
शेख मुजीबुर्रहमान के घर हमला
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक, बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान (पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता) के आवास में एक बार फिर तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल फरवरी और फिर अगस्त में इस घर पर दो बार हमला हुआ था, जो मौजूदा अशांति के बीच एक और घटना को दर्शाता है.
बांग्लादेश में ‘जुलाई विद्रोह’ के एक प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की 6 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद गुरुवार रात सिंगापुर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. पिछले हफ्ते अज्ञात बंदूकधारियों ने हादी के सिर में गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज मैं आपके समक्ष अत्यंत दुखद समाचार लेकर आया हूं. जुलाई विद्रोह के निडर योद्धा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे.’
स्थिति को काबू करने में नाकाम रही पुलिस
इसी तरह की एक और घटना में लोगों का एक समूह राजधानी में शाहबाग से कारवां बाजार की ओर मार्च करते हुए गया, जहां उन्होंने बांग्लादेशी दैनिक प्रोथोम आलो की बिल्डिंग को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन किया. मौके पर तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति को काबू करने में नाकाम रही.
यह हमला गुरुवार देर रात शुरू हुआ, जब प्रदर्शनकारी लाठियां और रॉड लेकर आए. उन्होंने ऑफिस में तोड़फोड़ की और उसकी ज्यादातर खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए. बांग्लादेशी दैनिक, ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, आधी रात के आसपास, प्रदर्शनकारियों का एक समूह ऑफिस में घुस गया और सड़क पर फर्नीचर और जरूरी दस्तावेज फेंककर आग लगा दी. प्रोथोम आलो के एक पत्रकार के अनुसार, इलाके में तनाव बढ़ने के कारण कई रिपोर्टर और कर्मचारी अभी ऑफिस के अंदर फंसे हुए हैं.
