आज संसद के शीतकालीन सत्र का 20वां और सेकेंड लास्ट डे है. कल की कार्यवाही के बाद यह सेशन खत्म हो जाएगा. अपने 54वें जन्मदिन पर राहुल गांधी ने ‘सफेद टी-शर्ट’ कैंपेन शुरू किया था और बताया था कि सफेद रंग उनके लिएपारदर्शिता, सादगी और मजबूती का प्रतीक है.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Parliament Winter Session : संसद के शीतकालीन सत्र का आज 20वां दिन है. बुधवार की तरह आज भी संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में हंगामे के आसार दिख रहे हैं. अंबेडकर को लेकर अमित शाह की टिप्पणी पर विपक्षी दल लगातार बीजेपी पर हमलावर है. इससे पहले कांग्रेस के नेताओं ने अंबेडर की तस्वीर लेकर सड़क पर उतर आए थे. इसके अलावा कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन कर रही है, जिसमें 2 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत भी हुई है. कई कार्यकर्ता घायल बताए जा रहे हैं. इसी बीच दोनों सदनों में हंगामा भी हो रहा है.
नीली टी शर्ट पहनकर राहुल पहुंचे संसद
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद पहुंचे. राहुल गांधी नीली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे हैं. वहीं, पार्टी आज संसद परिसर में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के पास से मकर द्वार तक मार्च निकालेगी. इस दौरान वह राज्यसभा में बाबा साहब अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग करेगी.
राहुल ने नीली टी-शर्ट पहनकर संदेश दिया
अपने 54वें जन्मदिन पर राहुल गांधी ने ‘सफेद टी-शर्ट’ कैंपेन शुरू किया था और बताया था कि सफेद रंग उनके लिएपारदर्शिता, सादगी और मजबूती का प्रतीक है. लेकिन गुरुवार को उन्होंने नीली टी-शर्ट पहनने का फैसला किया, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर और दलित पहचान से जुड़ी है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल ने नीला रंग पहनकर संदेश दिया है कि वो दलितों के साथ हैं और उनका अपमान नहीं सहेंगे.
प्रोटेस्ट के दौरान राहुल ने कई बारे दोहराया कि बाबा साहेब पर गृह मंत्री की अपमानजनक टिप्पणी को देश न भूलेगा और न ही बर्दाश्त करेगा. अमित शाह को माफी मांगनी ही होगी.
के. सुरेश ने दिया नोटिस
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने डॉ. बीआर अंबेडकर के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राज्यसभा में की गई टिप्पणी पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया.
नीला रंग दलित राजनीति का प्रतीक
नीले रंग ने 1942 में राजनीतिक महत्व तब हासिल किया, जब डॉ. अंबेडकर ने शेड्यूल्ड कास्ट्स फेडरेशन की स्थापना की और नीले झंडे को अपनाया. इस झंडे पर अशोक चक्र बना हुआ था. बाद में 1956 में अंबेडकर की बनाई रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने भी इसी झंडे को अपना प्रतीक बनाया.
समय के साथ नीला रंग दलित पहचान और आंदोलन का प्रतीक बन गया. बहुजन समाज पार्टी (BSP) और अन्य दलित कल्याण से जुड़े दलों ने इसे अपने राजनीतिक प्रचार में अपनाया. अंबेडकर महासभा के लालजी निर्मल ने 2018 में बताया था, नीला बाबा साहेब का पसंदीदा रंग था, जो उनकी विशाल दृष्टि को दर्शाता है.
दलित कार्यकर्ता एसआर दरापुरी ने भी बताया कि बाबा साहेब के हर प्रतिमा में नीला कोट, एक हाथ में संविधान और दूसरे हाथ की उंगली आगे बढ़ने का संकेत देती है.
नीली साड़ी में संसद पहुंची प्रियंका
कांग्रेस नेता सहित इंडिया गठबंधन के सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने कहा, “अमित शाह को माफी मांगनी होगी. पीएम मोदी के दिल में अंबेडकर के लिए जरा भी सम्मान है, तो अमित शाह को तुरंत बर्खास्त करें.”
गृह मंत्री को माफी मांगनी चाहिए- राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश संविधान निर्माता का अपमान सहन नहीं करेगा तथा गृह मंत्री को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा संविधान और बाबासाहेब द्वारा किए गए काम को खत्म करना चाहती है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘अंबेडकर का नाम लेने से अधिकार मिलते हैं. उनका नाम लेना मानवीय गरिमा का प्रतीक है. उनका का नाम करोड़ों दलितों-वंचितों के आत्मसम्मान का प्रतीक है.”
आंबेडकर के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष विरोध मार्च गुरुवार को निकाला. कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, तो बीजेपी के सदस्यों ने मुख्य विपक्षी दल पर संविधान निर्माता के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध व्यक्त किया. सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई जिसका वीडियो सामने आया. बीजेपी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्का-मुक्की की जिसमें उसके सांसद प्रताप सारंगी के सिर पर चोट लग गई. दूसरी तरफ, राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी सांसदों ने उन्हें संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की.
