कान्हा की बांसुरी वादन के मधुर तान से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता, एक शाम कान्हा की बासुरी के नाम का शहीद स्मारक गोलबाजार में हुआ आयोजन

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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur News: श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर हर वर्ष शहीद स्मारक गोलबाजार में एक शाम कान्हा की बासुरी के नाम का आयोजन किया जाता है, जिसमें बांसुरी की तान सुनकर प्रेक्षागृह मे आए श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए. कार्यक्रम का प्रारंभ श्रीनृसिंहपीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया. इसके बाद कार्यक्रम में आए बांसुरी वादन के कलाकारों ने सुमधुर बांसुरी का वादन शुरू किया. इसके पूर्व भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों में सजाने का क्रम चलता रहा और बड़ी संख्या में महिलाएं लड्डू गोपाल को सजाया और आकर्षक स्वरूप देने की कोशिश की. कार्यक्र में संस्कारधानी के श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के अनेक रूपों के दर्शन हुए, जिसे देखकर सभी भावविभार हो गए.
बांसुरी की तान से भजन का गायन
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम…लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम…
इस भजन को बांसुरी की तान से कलाकारों ने गायन किया, जिसे श्रोता सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए. यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से प्रारंभ हुआ, जो देर रात्रि तक चलता रहा. कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी और श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. यह कार्यक्रम अभी कुछ दिनों पहले ही शुरू हुए हैं, इससे पहले सनातन धर्म महासभा के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण शोभायात्रा का आयोजन होता रहा है. जिसका प्रतिनिधित्व जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज का हर वर्ष मिल रहा है.
प्रतियोगिता के प्रतिभागी हुए सम्मनित

बांसुरी गायन के पश्चात नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज गोरखपुर में आयोजित कान्हा चित्रकला स्पर्धा एवं लड्डू गोपाल श्रृंगार प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. उन प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. सभी प्रतिभागियों ने भगवान श्रीकृष्ण के अनेक रूपों का प्रदर्शन किया और आकर्षक व सुंदर बनाने की भरपूर कोशिश की. इस अवसर बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूपों के दर्शन हुए.
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गोपाल लालजी मन्दिर हनुमानताल ट्रस्ट के न्यासी बाबू विश्वमोहन, गिरिराज चाचा, स्वामी बालकदास जी, राममूर्ति मिश्रा, संदीप जैन, शरद काबरा, गोविंद पाठक, श्याम साहनी, गुलशन माखीजा, एसबी मिश्रा, डॉ. संदीप मिश्रा, मनोज पटेल, राजेन्द्र यादव सहित श्रद्धालु-भक्त उपस्थित रहे. इसके आवा शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा प्रकट की. भगवान श्रीकृष्ण को अपना आदर्श माना और उन्हीं के मार्ग पर चलने की प्रेरणा ली.
बासुरी की धुन सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
गोपाल लाल जी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित कान्हा की बासुरी कार्यक्रम में आए श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ. नरसिंह मंदिर जबलपुर के श्रीमंहत जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के भजन बासुरी की धुन में सुना और बासुरी वादन करने वाले कलाकारों की सराहना की.
प्रतियोगिता में शामिल कलाकरों का हुआ सम्मान
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. जिसमें प्रमुख रूप से चित्रकारी, बरसाने का मेला, कान्हा झांकी सजाओ प्रतियोगिता और कान्हा की मुरली एवं मुकुट सजाओ प्रतिस्पर्धा का आयोजन किाया गया था. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम प्रकट करते हुए प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की झांकी, मुरली और मुकुट को सजाया. इस प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों काे जगद्गगुरु द्वारा सम्मानित किया गया. सभी प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय प्रतिभागियों को नकद राशि, प्रशस्ति पत्र और पुरुस्कार वितरित किया गया.
राग और स्वर कला की प्रस्तुति
कान्हा की बासुरी कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय खतिलब्ध बासुरी बाद निरंजन पुरी गोस्वामी, वासु मिथलेश के द्वारा राग और स्वर कला का प्रदर्शन किया. शहीद स्मारक प्रेक्षागृह में आयोजित कान्हा की बांसुरी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कृतज्ञता प्रकट की.
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