भोपाल पुलिस ने एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है जो उमा भारती और डी रूपा के फर्जी वीडियो बनाता था. आरोपी बीए सेकंड ईयर का छात्र है और 6 महीने के अंदर उसने 300 ऐसे वीडियो बनाए थे. इस काम से उसके बैंक अकाउंट में 9 हजार रुपये भी आए.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: भोपाल पुलिस ने उस आरोपी यूट्यूबर को अरेस्ट कर लिया है, जो पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और आईपीएस अधिकारी डी रूपा के फेक वीडियो बनाकर अपलोड करता था. आरोपी ने बताया है कि वह लाइक्स और व्यूज के लिए यह गलत काम करता था. आरोपी बीए सेकंड ईयर का छात्र है और 6 महीने के अंदर उसने 300 ऐसे वीडियो बनाए थे. इस काम से उसके बैंक अकाउंट में 9 हजार रुपये भी आए.
6 महीने से यूट्यूब और फर्जी वीडियो का काम कर रहा
आरोपी की पहचान 20 साल के शाकिर खान के तौर पर हुई. वह खंडवा के लहाड़पुर गांव का निवासी है और बीए की पढ़ाई के साथ खेती का काम करता है. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह 6 महीने से यूट्यूब और फर्जी वीडियो का काम कर रहा है. इन वीडियो पर उसे लाइक और व्यू मिलते हैं, जिससे उसकी कमाई होती है.
उमा भारती के निजी सचिव ने की थी शिकायत
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निजी सचिव ने पुलिस में शिकायत की थी, जिसके बाद केस दर्ज हुआ और पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई. अब आरोपी का पता चल गया है. शिकायत में कहा गया था कि पूर्व आईपीएस डी रूपा का एक एडिटेड वीडिया वायरल हो रहा है, जिसके जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. इस वीडियो में आईपीएस अधिकारी ये दावा करती दिख रही हैं कि उन्होंने उमा भारती को गिरफ्तार कर लिया है.
आरोपी ने किया खुलासा
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी शाकिर खान ने पुलिस पूछताछ में फेक वीडियो(Uma Bharti Fake Video News ) को लेकर खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि यूट्यूब पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए ऐसे गलत काम करता था, ताकि इससे पैसे कमा सके. पिछले 6 महीने में शाकिर ने लगभग 300 वीडियोस बनाए थे। इस काम से उसके बैंक खातें में 9 हजार रुपए भी आए हैं.
यहां जानें फेक वीडियो की पूरी कहानी
बता दें कि उमा भारती के निज सचिव (PA) ने फेक वीडियो(Uma Bharti Fake Video News ) मामले की शिकायत पुलिस स्टेशन में की थी. अपनी शिकायत में इन्होने बताया था कि एक दिन फोन इस्तेमाल करने के दौरान यूट्यूब पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पूर्व सीएम उमा भारती और आईपीएस अधिकारी डी. रूपा का एक वीडियो मिला. वीडियो में दिखाया गया है था कि डी. रूपा ने नौकरानी बनकर उमा भारती को ठेकेदारों से पैसे वसूलते हुए रंगे हाथ पकड़ा है और उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है.
तीन सौ से ज्यादा एडिट वीडियो पोस्ट किए
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया है कि आरोपित शाकिर खान उर्फ पाजी छह माह में करीब 300 ऐसे फर्जी वीडियो बना रहा था. वह आईपीएस और नेताओं के वीडियो उठाकर उसमें कांट छांट कर उसमें नए मनमर्जी के कंटेंट रखकर उसके वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करता था. इससे लोग उसे देखते थे और इससे उसके लाइक और कमेंट्स मिलते थे। इससे उसके कमाई हो रही थी.
क्या है पूरे वीडियो में
आगे कहा गया है कि, ‘दरअसल 2000 बैच की तेज तर्रार आईपीएस दीपा दिवाकर मौदगिल उर्फ डी रूपा जिस राज्य में होती हैं, वहां कोई भी कानून का उल्लंघन नहीं कर सकता और यह चर्चा में तब आ गई जब इन्हें पता चला कि एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ठेकेदारों से जबरदस्ती पैसे मांग रही हैं. तभी रूपा, मुख्यमंत्री के घर नौकरानी बनकर पहुंच गई.
जैसे ही उन्होने मुख्यमंत्री को ठेकेदारों से पैसे मांगते देखा, तभी अपना असली चेहरा दिखाया तो सभी के होश उड़ गए. डी रूपा ने मुख्यमंत्री को उनके ही घर से गिरफ्तार कर लिया. तो अब आप बताइये, क्या हर आईपीएस ऑफिसर को अपना काम ऐसी ही ईमानदारी से करना चाहिये?’
उमेश गर्ग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह वीडियो जानबूझकर उमा भारती और बीजेपी की छवि खराब करने के इरादे से बनाया गया है. इससे उनकी छवि धूमिल हुई है और उन्हें नुकसान पहुंचा है. उन्होंने मांग की है कि वीडियो बनाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और वीडियो को इंटरनेट से हटाया जाए. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
