रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. वे अब हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ मीटिंग करेंगे.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Russian Vladimir Putin India Visit: दो दिवसीय दौरे पर भारत आए व्लादिमीर पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने यहां उनका स्वागत किया है. भारत और रूस के बीच हैदराबाद हाउस में बहुत ही अहम बैठक होने वाली है. पीएम मोदी और पुतिन द्विपक्षीय बैठक में कई मसलों पर बात कर सकते हैं. इससे पहले पुतिन ने राजघाट की विजिटर्स बुक में एक खास नोट लिखा और अपने हस्ताक्षर किए. उसके बाद हैदराबाद हाउस के लिए रवाना हो गए.
बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने महात्मा गांधी बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने फूल चढ़ाने के बाद अपना सिर भी झुकाया. बतादें कि पुतिन का यह दौरा कई देशों के लिए तकलीफदेह है. उनके दौरे से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को सबसे ज्यादा बुरा लग सकता है.
पुतिक का भारत में दूसरा दिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं. पुतिन का आज (शुक्रवार, 5 दिसंबर) दूसरा दिन है. रूस राष्ट्रपति के सम्मान में भारत के राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी दी गई. पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में खास मीटिंग के लिए पहुंच चुके हैं. पुतिन-पीएम मोदी के साथ कई कार्यक्रमों में आज शामिल होंगे.
राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम ने हाथ मिलाया
पुतिन सुबह राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया. उन्होंने प्रेसिडेंट मुर्मू और पीएम मोदी से हाथ मिलाया. इसके बाद रूसी राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया. पहले रूस का राष्ट्रगान और फिर भारत का भी राष्ट्रगान हुआ. इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने गार्ड निरीक्षण भी किया और सम्मान को स्वीकार किया.
भारतीय डेलिगेशन से मुलाकात की
रूसी राष्ट्रपति पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किए जाने के बाद पुतिन ने वहां मौजूद भारतीय डेलिगेशन से मुलाकात की. इसके बाद फिर पुतिन ने रूसी डेलिगेशन से राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी की मुलाकात कराई.
पीएम मोदी ने कहा, “आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी साझी प्राथमिकता है. इसे साकार करने के लिए आज हमने 2030 तक के लिए एक इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम पर सहमति बनाई है. इससे हमारा व्यापार और निवेश डाइवर्सिफाई, बैलेंस और सस्टेनेबल बनेगा.”
बिजनेस संबंधों को नई ताकत देगा
उन्होंने कहा, “आज राष्ट्रपति पुतिन और मुझे इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम में शामिल होने का अवसर मिलेगा. मुझे विश्वास है कि ये मंच हमारे बिजनेस संबंधों को नई ताकत देगा. इससे एक्सपोर्ट, को-प्रोडक्शन और को-इनोवेशन के नए दरवाजे भी खुलेंगे.”
पीएम मोदी ने कहा, “दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है. हम आईएनएसटीसी, नॉर्दर्न सी रूट, चेन्नई–व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर पर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे.” उन्होंने कहा, “भारत के सीफेरर्स की पोलर वॉटर में ट्रेनिंग के लिए सहयोग करेंगे. यह आर्कटिक में हमारे सहयोग को नई ताकत तो देगा ही, साथ ही भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनाएगा.”
मेक इन इंडिया को सशक्त बनाने की क्षमता
“शिपबिल्डिंग में हमारा गहरा सहयोग मेक इन इंडिया को सशक्त बनाने की क्षमता रखता है. इससे रोजगार, स्किल और रीजनल कनेक्टिविटी, सबको बल मिलेगा.” पीएम मोदी ने कहा, “सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में दशकों पुराना सहयोग, क्लीन एनर्जी की साझा प्राथमिकता को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है.”
“हम इस सहयोग को जारी रखेंगे. क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग, पूरे विश्व में सुरक्षित और डाइवर्सिफाइड सप्लाई चेन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है. इससे क्लीन एनर्जी, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और न्यू-एज इंडस्ट्री में हमारी साझेदारी को ठोस समर्थन मिलेगा.” पीएम मोदी ने कहा, “हाल ही में रूस में भारत के दो नए कॉन्सुलेट खोले गए हैं. इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और नजदीकियां बढ़ेंगी. इस वर्ष अक्टूबर में लाखों श्रद्धालुओं को काल्मिकिया में इंटरनेशनल बौद्ध फोरम में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आशीर्वाद मिला.”
वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे
“हम मिलकर वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे. हम दोनों देशों के छात्र, स्कॉलर्स और खिलाड़ियों का आदान-प्रदान भी बढ़ाएंगे.” “पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रॉकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला. इन सबकी जड़ एक ही है. भारत का विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है. इसके खिलाफ वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है. दोनों देशों के बीच यूएन, जी20, ब्रिक्स, एससीओ और अन्य मंचों पर करीबी सहयोग रहा है.”
