राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है. प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Dharmendra Pradhan Resignation: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन केंद्र सरकार पर भारी पड़ा और अंतत: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो ही गया. अब शिक्षा मंत्रालय की कमान प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंप दिया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बात के निर्देश दिए थे कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा जाए. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है. यहां बतादें कि CJP ने केंद्र सरकार से 3 मांगे रखी थीं, आज शनिवार (25 जुलाई 2026) को उन सभी मांगों को मान लिया गया है और इसी के साथ नीट विवाद का आंदोलन भी सीजेपी ने समाप्त करने की घोषणा भी कर दी है.
अब शिक्षा मंत्रालय को भी संभालेंगे प्रह्लाद जोशी
केंद्र सरकार में प्रह्लाद जोशी पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इन मंत्रालयों के साथ-साथ वह अब शिक्षा मंत्रालय का कामकाज और नीतिगत फैसलों की निगरानी भी करेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से पांच बार के सांसद हैं. उन्हें पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी भी माना जा रहा है.
प्रह्लाद जोशी ने नेता प्रतिपक्ष पर 2 दिन पहले ही बोला था हमला
दो दिन पहले 23 जुलाई को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला था और युवाओं को गुमराह करने के आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश के हर छात्र का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा था कि जब भी प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आईं, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए.
सरकार ने सीजेपी की इन मांगों को माना
- नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा.
- नीट विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा.
- 20 मार्च को सीजेपी संगठन के द्वारा ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी को वापस लिए जाने की मांग.
प्रधान का इस्तीफा होते ही छात्रों में खुशी की लहर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिए जाने की जैसे ही खबर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंची. प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने लंबे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता माना और जमकर जश्न मनाया. छात्रों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने का जनक साबित होगा.
सोनम वांगचुक ने कहा- शिक्षा में सुधार जरूरी
सोनम वांगचुक ने कहा कि इस आंदोलन से ये जवाबदेही तय हुई है कि अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, ‘जो कदम सरकार ने और धर्मेंद्र प्रधान ने उठाए हैं, मैं उसका स्वागत करता हूं और सम्मान करता हूं. मैं सभी देशवासियों को बधाई देता हूं. ये लोकतंत्र की जीत है. आगे भी हम लोकतंत्र को भारत में सुरक्षित रखेंगे.’
उन्होंने कहा आगे सरकार को घेरते हुए कहा कि, ‘विजय में विनम्रता सबसे बड़ी बात है और वही आपके चरित्र को परिभाषित करता है. एक तरफ जवाबदेही मिली है तो अब सुधार करने की आवश्यकता है. शिक्षा में सुधार होगा, आगे भी इस पर काम होगा, मुझे उम्मीद है… मेरी आशा है कि एक नए भारत की शुरूआत होगी. मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार इस बदलाव के साथ बहुत से बदलाव लाएगी.’ सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है और प्रदर्शनकारियों से अपने घरों को लौटने की अपील की है.
5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए
सीजेपी के डेलीगेशन से मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे. इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की. कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए. हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी. दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है. हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा.’
‘ देश के युवा जाग गए हैं…’, आंदोलन खत्म होने के बाद का बयान
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि इस देश के युवा जाग गए हैं और उन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है. सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “इस देश के युवा जाग गए हैं. उन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है. उन्होंने सही चीज के लिए लड़ाई लड़ी है और आज, आखिरकार, हमारी मांगें मान ली गई हैं. हम उन सभी परिवारों के बारे में सोच रहे हैं जिन्होंने पेपर लीक के बाद अपने करीबी लोगों को खो दिया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले राहुल गांधी?
10 जनपथ नई दिल्ली में राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने अपने संबोधित में कहा कि, ‘सबसे पहले यह हमारे जो स्टूडेंट हैं, उनकी जीत है. जो हिन्दुस्तान का फ्यूचर हैं. एजुकेशन सिस्टम जो हमारी शान हुआ करती थी. पूरी दुनिया में माना जाता था कि हमारे देश का एजुकेशन सिस्टम, बहुत बढ़िया है. उस पर सालों से आक्रमण हो रहा है. उसको कैप्चर किया जा रहा है. उसका निजीकरण किया जा रहा है. बेरोजगारी पर रिएक्शन था. हिंदुस्तान की जो हालत है, उस पर रिएक्शन था. प्रधान एक सिंबल है. करप्शन का सिंबल. एजुकेशन सिस्टम को बदहाल करने का सिंबल. अयोग्यता का सिंबल. उसको तो जाना ही थी. और अच्छा है कि वो गया. पर अब Concreate स्टेप एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए लेना पड़ेंगे.’
