मध्य प्रदेश के आलीराजपुर से दर्दनाक घटना सामने आई है। राउडी गांव में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले हैं।
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: अलिराजपुर : मध्य प्रदेश के अलीराजपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के पांच लोगों के शव उनके घर में फंदे पर लटके पाए गए हैं। घटना के बाद पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा होगा।
पुलिस हर एंगल से कर रही मामले की जांच
घटना के बाद से गांव में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची है। इसके साथ ही घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी पहुंची है।
मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल
जानकारी के अनुसार गुनेरी पंचायत के राउडी गांव के एक घर में राकेश सिंह, पत्नी ललिता, बेटी लक्ष्मी, बेटा प्रकाश और अक्षय के शव घर में ही फंदे पर लटके मिले। कुछ ग्रामीणों ने हत्या कर शवों को फंदे पर लटकाने की आशंका जताई है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल पर जांच की जा रही है। आलीराजपुर एसपी राजेश व्यास भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। परिवार के पड़ोस में रहने वाले लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राकेश सिंह किसान थे। सोमवार सुबह राकेश सहित पूरे परिवार के शव फंदे पर लटके मिलने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही साफ हो जाएगा कि यह हत्या है या खुदकुशी।
परिजनों को हत्या का शक
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जब स्वजन उनके घर पहुंचे तो पांचों के शव फंदे पर लटके मिले। इसके बाद उन्होंने आस-पास के लोगों और पुलिस को इसकी सूचना दी। इस मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपाल सिंह का कहना है कि यह परिवार खुदकुशी जैसा कदम नहीं उठा सकता है, यह हत्या है। पुलिस को इसकी जल्द जांच करना चाहिए।
मृतक के पिता पर हुआ था मामला
बता दें कि मृतक के पिता पर लगभग डेढ़ माह पहले धारदार हथियार से वार किया गया था। पुराने घटनाक्रम को देखते हुए यह हत्या भी हो सकती है। पूरे घटनाक्रम की जांच करने के लिए इंदौर से एफएसएल की टीम आ पहुंच रही है। मृतक के घर को चारों तरफ से पुलिस ने घेर रखा है और दरवाजा बंद है। अंदर किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि 1 जुलाई 2018 को दिल्ली के बुराड़ी में भी इसी तरह की घटना हुई थी।
