MP छिंदवाड़ा पहुंचे द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए आज सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा.
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शनिवार (19 अप्रैल) को द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज पहुंचे, जहां उनके प्रवचन हुए. इस दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो अचंभित करने वाला था. दरअसल इस कार्यक्रम में राजनीति के दो धुर विरोधी (वर्तमान सांसद विवेक बंटी साहू और पूर्व सांसद नकुलनाथ) एक ही मंच पर मौजूद देखे गए. ऐसा सियासी संयोग छिंदवाड़ा में पहलीबार देखने को मिला, जहां दोनों नेताओं ने करीब आधे घंटे तक एक साथ मंच साझा किया. इससे साफ हो गया कि सियासी मतभेद का धार्मिक गतिविधियों से कोई लेना देना नहीं.
आपस में बातचीत नहीं हुई
हालांकि, दोनों के बीच इस दौरान आपस में न कोई बातचीत नहीं हुई. न ही एक-दूसरे की नजरें मिलीं. इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान दोनों ने गुरुदेव की चरण पादुका को श्रद्धापूर्वक माथे लगाया और धर्मोपदेश का पालन करने का संकल्प लिया.

धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होकर करें काम- शंकराचार्य

धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होकर करें काम- शंकराचार्य
जगद्गुरु शंकराचार्य ने अपने प्रवचन में कहा कि धर्म की रक्षा के लिए आज सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा. उन्होंने समय की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि जो कार्य समय रहते किया जाए, वही सफल होता है.
चुनाव के बाद पहली बार नजर आए आमने-सामने
2024 के लोकसभा चुनाव में बंटी साहू ने नकुलनाथ को एक लाख से अधिक मतों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. चुनाव प्रचार के दौरान दोनों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ था. यह पहला अवसर था जब दोनों नेता आमने-सामने मंच पर आए. वह भी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी की शरण में. इस अवसर पर जगद्गुरु ने दोनों को आशिर्वाद दिया.
जगतगुरु का समय पर कर्म का संदेश
कथा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य ने गूढ़ शब्दों में जीवन और धर्म का मर्म समझाया. उन्होंने कहा कि मुझे लगता था कि मैं कैलाश पर्वत जा सकता हूं, लेकिन वह समय नहीं था। हर कार्य का उचित समय होता है. समय रहते जो धर्म के लिए काम किया जाता है, वही फलदायक होता है. धर्म की रक्षा के लिए आज समय आ गया है जब सबको साथ आकर एकजुट होना होगा.
श्रद्धा और आस्था सभी को एक मंच पर लाने में सक्षम- नकुलनाथ
नकुलनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा, “महाराज के आगमन से छिंदवाड़ा की पवित्रता और धार्मिक ऊर्जा में वृद्धि हुई है. यह सौभाग्य की बात है कि हमारे निवास में उनका पदार्पण हुआ.” धर्म के इस मंच ने यह सिद्ध कर दिया कि भले ही राजनीति में मतभेद हों, लेकिन श्रद्धा और आस्था सभी को एक सूत्र में बांध सकती है.
