आज जनता को समर्पित होगा दमोहनाका से मदन महल तक बना फ्लाईओवर, केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण, चल रही तैयारी
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Longest Flyover News: एमपी का सबसे लंबा फ्लाईओवर जबलपुर में बनकर तैयार हो चुका है. इसका उद्घाटन करके के लिए आज केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर पहुंच रहे हैं. यह फ्लाईओवर 1232 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. जबकि खबरों में इसकी निर्माण लागत 1052 करोड़ ही बताई जा रही थी. मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रदेश का यह सबसे लंबा फ्लाईओवर और देश का सबसे लंबा रेल केबल स्टे ब्रिज तैयार किया गया है.

फ्रांस के इंजीनियरों ने की है डिजाइन
लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों की मानें तो इस फ्लाईओवर की डिजाइन फ्रांस के इंजीनियरों के द्वारा तैयार की गई थी और उन्हीं की देखरेख में इस फ्लाईओवर का निर्माण हुआ है. जबकि इस फ्लाईओवर के निर्माण में 2 एजेंसियों ने काम किया है.
इनकी रहेगी उपस्थिति
लोकार्पण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला, कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद आशीष दुबे सहित विधायक, महापौर व जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे.
ये है खासियत
- स्थान- मदन महल से दमोहनाका तक फ्लाईओवर का निर्माण हुआ है.
- लागत- 1232 करोड़ रुपये फ्लाईओवर पर खर्च किए गए हैं.
- खासियत-3 बो स्ट्रिंग ब्रिज बनाए गए हैं, जिसमें से 2 रानीताल और एक बल्देवबाग के पास बनाया गया है.
- लंबाई-6.855 किमी लंबा फ्लाईओवर बनाया गया है.
- टेक्नॉलॉजी- रेलवे लाइन के ऊपर 193.5 मीटर लंबा सिंगल स्पैन केबिल स्टे ब्रिज बनाया गया है, जो देश का सबसे लंबा केबिल स्टे ब्रिज है.
- नक्कासी- रेलवे ट्रैक की क्रासिंग में 56 स्टे केबल का इस्तेमाल किया गया है.
- समय-सीमा- मदन महल से दमोहनाका तक जाने में जहां 40 मिनट लगते थे, यह सफर 7 मिनट में पूरा हो जाएगा.
- खासियत- फ्लाईओवर के नीचे बास्केटबॉल कोर्ट, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क का निर्माण किया गया है.
- चौराहा- दमोहनाका चौक पर बनी 16.50 मीटर ऐलीवेटेड चौड़ी रोटरी है, जो भारत की सबसे चौड़ी रोटरी है. वहीं एक चौराहा मदन महल दशमेश द्वार के पास बना हुआ है.
- पर्यावरण- फ्लाईओवर के आसपास पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से 50 हजार पौधे लगाए गए हैं.
- अतिक्रमण- मदन महल से दमोहनाका तक करीब 600 अतिक्रमण हटाए गए हैं.
- सड़क की चौड़ाई-फ्लाईओवर के ऊपर सड़क की चौड़ाई 36 फीट की बनाई गई है.
- रैंप– फ्लाईओवर से नीचे उतरने और चढ़ने के लिए 6 रैंप बनाए गए हैं.
- निर्माण की समय-सीमा- फ्लाईओवर का निर्माण 4 साल में पूरा कर लिया गया है.
फ्लाईओवर पर मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स
मदन महल फ्लाईओवर पर शहर के विभिन्न हिस्सों से चढ़ने और उतरने के लिए कई जगह रैंप बनाए गए हैं. जैसे मदन महल का रैंप- यह फ्लाईओवर का एक मुख्य सिरा है, जहां से ट्रैफिक मदन महल स्टेशन और मेडिकल कॉलेज रोड की तरफ से फ्लाईओवर पर आ-जा सकता है. यहाँ मदन महल में बनी सर्कल रोटरी प्रमुख आकर्षण है जो ट्रैफिक को बांटती है. वहीं दमोह नाका का रैंप- यह फ्लाईओवर का दूसरा सबसे प्रमुख अंतिम छोर है, जो दमोह, अधारताल और आईएसबीटी (ISBT) की तरफ जाने वाले वाहनों को सीधी कनेक्टिविटी देता है. जबकि महानद्दा और एलआईसी (LIC) रोड का रैंप- ‘टी-शेप’ (T-Shape) में बना है, जो महानद्दा से एलआईसी चौक के बीच के ट्रैफिक को जोड़ता है. इसके अलावा गढ़ा रोड की ओर जाने के लिए भी रैंप बनाया गया है. गढ़ा और उसके आस-पास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों के लिए इस रैंप का प्रावधान किया गया है. लिंक रोड की ओर एक रैंप बनाया गया है, जो शहर के आंतरिक रास्तों से आने वाले ट्रैफिक को फ्लाईओवर पर चढ़ने और उतरने के लिए सुविधाजनक है. इतना ही नहीं रानीताल चौक और दशमेश द्वार (एलिवेटेड रोटरी) बनाई गई है. यह रानीताल चौराहे और दशमेश द्वार पर आधुनिक एलिवेटेड रोटरी (फ्लाईओवर के ऊपर गोल चक्कर) और बो-स्ट्रिंग ब्रिज आकर्षण का केन्द्र हैं. इससे वाहन चालक बिना किसी सिग्नल के शहर के अलग-अलग कोनों (जैसे गढ़ा, मदन महल, दमोह नाका) की तरफ आसानी से मुड़ सकते हैं.
