ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने बयान में कहा कि मांग को मंजूरी देने के लिए इंडिया गठबंधन के नेताओं को आश्वासन पत्र देना चाहिए. इसके लिए ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने एमवीए के उम्मीदवारों का प्रचार करने का दावा किया है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक उठापटक भी तेज होती जा रही है. इस बीच ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने महाविकास अघाड़ी (MVA) को पत्र लिखकर RSS पर प्रतिबंध लगाने सहित कई अन्य शर्त सरकार बनाने के लिए समर्थन की पेशकश की है. इसके लिए ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने एमवीए के उम्मीदवारों का प्रचार करने का दावा किया है, लेकिन उसके लिए एमवीए को कुछ शर्तें माननी होंगी.
17 मांगों को लेकर एमवीए को लिखा पत्र
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने उद्धव ठाकरे, शरद पवार और नाना पटोले को अपनी 17 मांगों वाला पत्र भेजा, जिसमें साफ किया कि अगर एमवीए उनकी शर्त मानेगा तभी वे उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में समर्थन करेंगे.
उलेमा बोर्ड की कैसी शर्तें
उलेमा बोर्ड ने MVA से वक्फ बिल का विरोध करने और मुस्लिमों को शिक्षा और नौकरियों में 10% आरक्षण देने की मांग की है. बोर्ड चाहता है कि राज्य के 48 जिलों में मस्जिदों, कब्रिस्तानों और दरगाहों की जब्त जमीनों का सर्वेक्षण किया जाए. इसके साथ ही महाराष्ट्र वक्फ मंडल के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का फंड दिया जाए. बोर्ड ने 2012 से 2024 तक के दंगों के मामलों में बंद निर्दोष मुस्लिम कैदियों को रिहा करने की भी मांग की है. बोर्ड ने मस्जिदों के इमामों और मौलवियों को 15,000 रुपये मासिक सरकारी वेतन देने की मांग की है.
RSS पर प्रतिबंध लगाया जाए
बोर्ड चाहता है कि MVA की सरकार आने पर उलमा बोर्ड के मौलवियों और इमामों को सरकारी समितियों में शामिल किया जाए. 2024 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समुदाय के 50 उम्मीदवारों को टिकट दिया जाए. राज्य वक्फ बोर्ड में 500 कर्मचारियों की भर्ती की जाए. वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने के लिए कानून पारित किया जाए. पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ बोलने पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए. MVA की सरकार बनने पर RSS पर प्रतिबंध लगाया जाए.
ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की शर्तें
- वक्फ बिल का विरोध .
- नौकरी और शिक्षा में 10% मुस्लिम आरक्षण.
- महाराष्ट्र के 48 जिलों में मस्जिद,कब्रिस्तान और दरगाह की जब्त जमीन को आयुक्त के ज़रिए सर्वे कराने का आदेश दिया जाए.
- महाराष्ट्र के वक्फ मंडल के विकास के लिए 1000 करोड़ का फंड दिया जाए.
- साल 2012 से 2024 के दंगे फैलाने के आरोपों में जेल में बंद निर्दोष मुसलमानों को बाहर निकालने की मांग.
- मौलाना सलमान अजहरी को जेल से बाहर निकालने के लिए एमवीए के 30 सांसद पीएम मोदी को खत लिखे.
- महाराष्ट्र में मस्जिदों के इमाम और मौलाना को सरकार हर महीने 15000 रुपये देने का वादा.
- पुलिस भर्ती में मुस्लिम युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाए.
- महाराष्ट्र में शिक्षित मुस्लिम समुदाय को पुलिस भर्ती में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
- इंडिया गठबंधन को रामगिरी महाराज और नितेश राणे को जेल में डालने के लिए विरोध करना चाहिए.
- महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के सत्ता में आने के बाद ऑल इंडिया उलमा बोर्ड के मुफ्ती मौलाना, अलीम हाफिज मस्जिद के इमाम को सरकारी समिति में लिया जाना चाहिए.
- महाराष्ट्र विधानसभा में 2024 के चुनाव में मुस्लिम समुदाय के 50 उम्मीदवारों को टिकट दिया जाना चाहिए.
- महाराष्ट्र सरकार की ओर से राज्य वक्फ बोर्ड में 500 कर्मचारियों की भर्ती की जानी चाहिए.
- महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अतिक्रमण हटाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में एक कानून पारित किया जाना चाहिए.
- हमारे पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ बोलने वाले लोगों पर कानूनी प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए.
- जब महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन के सहयोगी सरकार बनाएंगे, तो आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.
- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 भारत गठबंधन के लिए प्रचार करने के लिए अखिल भारतीय उलेमा बोर्ड को 48 जिलों में आवश्यक मशीनरी प्रदान की जानी चाहिए.
महाराष्ट्र में 48 जिलों में अखिल भारतीय उलेमा बोर्ड कार्यरत है. ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने बयान में कहा कि मांग को मंजूरी देने के लिए इंडिया गठबंधन के नाना पटोले, उद्धव ठाकरे, शरद पवार को आश्वासन पत्र देना चाहिए.
