नई टर्मिनल बिल्डिंग का रूफ टॉप कार पर गिरा, ड्राइवर बाल बाल बचा, हड़कंप, भार की वजह से लोहे के टेंट का एक हिस्सा कार पर गिरा है.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur News: प्रदेश के जबलपुर में स्थित डुमना एयरपोर्ट पर बारिश के बीच एक हादसा हो गया. हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हो पाई. सतर्कता से ड्राइवर बाल बाल बच गया. घटना के बाद मौके पर हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई. सूचना पर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे. घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. इस सब के बावजूद हाल ही में तैयार हुई नई नवेली टर्मिनल बिल्डिंग का रूफटॉप जमीन पर गिर जाने के बाद गुणवत्ता पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं. नीचे खड़ी आयकर विभाग की एक कार बुरी तरह पिचक गई, लेकिन गनीमत यह रही कि शेड गिरने से 10 मिनट पहले ही ड्राइवर और अधिकारी कार से बाहर आ गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में डुमना एयरपोर्ट पर बनी टर्मिनल बिल्डिंग का रूफटॉप वहां खड़ी एक कार क्रमांक एमपी 20 ZC 5496 पर आकर गिरा. जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार का सामने वाला हिस्सा पूरी तरह से चिपट गया. कार किसी इनकम टैक्स अधिकारी की बताई जा रही है. घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन इस घटना ने टर्मिनल बिल्डिंग की गुणवत्ता को बुरी तरह से बेनकाब कर दिया है. टर्मिनल बिल्डिंग का ये हिस्सा अगर एयरपोर्ट पर भीड़ भाड़ के दौरान गिरता तो निश्चित तौर पर बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था. खबर को और जानकारी के बाद अपडेट किया जाएगा.
भार की वजह से लोहे के टेंट का एक हिस्सा कार पर गिरा
दरअसल, टर्मिनल बिल्डिंग के पोर्च में केनोपी टेंट लगाया गया था ताकि बारिश का पानी टर्मिनल बिल्डिंग के अंदर ना आ सके. लेकिन बारिश का पानी कैनोपी टेंट से बाहर नहीं निकल पाया और टेंट के ऊपर पानी का भार बढ़ता गया. इसकी वजह से लोहे के टेंट का एक हिस्सा कार पर गिर गया. सूत्रों के मुताबिक इस हादसे के बाद जबलपुर डुमना एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने हादसे को लेकर जांच के निर्देश दिए हैं कि आखिरकार कहां टेक्निकल फॉल्ट आया, जिसकी वजह से लोहे का एक बड़ा हिस्सा गिर गया.
सुरक्षा भी सीआईएसएफ जवानों के सुपुर्द
इस घटना पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि एयरपोर्ट पर जो हादसा हुआ है उसकी जानकारी ली जाएगी. ऐसे हादसे दोबारा न हो इसके दिशा निर्देश भी दिए जाएंगे. आपको बता दें कि करीब 3 सालों में जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का विस्तारीकरण का कार्य किया गया है. भविष्य को ध्यान में रखते हुए तकरीबन 450 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, रनवे का विस्तार, पार्किंग, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वेटिंग लाउंज सहित हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए तमाम इंतेजाम किए गए हैं. एयरपोर्ट की सुरक्षा भी सीआईएसएफ जवानों के सुपुर्द की गई है. 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली जबलपुर डुमना एयरपोर्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया था, लेकिन उद्घाटन के चंद महीनों में ही एयरपोर्ट से ऐसी तस्वीरें आना कई सवाल खड़े करता है.
डुमना एयरपोर्ट की खामियां
डुमना एयरपोर्ट का लगभग ₹450 करोड़ की लागत से बनी नई टर्मिनल बिल्डिंग के मुख्य गेट के पास लगी फैब्रिक कैनोपी से बारिश के दौरान पानी टपकता है. इससे फर्श गीला और फिसलन भरा हो जाता है, जिसके कारण यात्रियों की सुरक्षा के लिए मुख्य गेट (डी1) को बंद करना पड़ा था. भारी बारिश के दौरान पानी जमा होने से पहले भी कैनोपी का एक हिस्सा फटकर नीचे खड़ी कार पर गिर गया था, जिससे बड़ा हादसा टला. इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं.
सीमित उड़ानों को लेकर चर्चा में डुमना
यात्रियों का रुझान देखते हुए सरकार ने नया रनवे बनवाया है. इसके बावजूद डुमना एयरपोर्ट से बहुत कम उड़ानों का संचालन हो रहा है. देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के प्रमुख शहरों के लिए सीधी (Direct) फ्लाइट्स की भारी कमी है, जिससे यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ानों का सहारा लेना पड़ता है. एयर कनेक्टिविटी के मामले में जबलपुर से आगे रीवा निकलता जा रहा है. जबकि रीवा का एयरपोर्ट अभी हाल ही में बनकर तैयार हुआ है. फिर भी सबसे ज्यादा फ्लाइटें चल रही हैं.
