गुजरात की लाजपोर जेल में रेप के दोषी नारायण साईं की कोठरी से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया है, जिसके कारण उसके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है.
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Gujrat Narayan Sai News: गुजरात के सूरत लाजपोर जेल में रेप का दोषी नारायण साईं बंद है. जिसके खिलाफ गुजरात जेल प्रशासन ने एक और एफआईआर दर्ज कराई है. लाजपोर जेल में नारायण साईं की कोठरी से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है. इसको लेकर उसके खिलाफ जेल प्रशासन ने सचिन पुलिस स्टेशन में नई शिकायत दर्ज कराई है. मोबाइल मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है.
दरअसल, जेल के अंदर जेलर के नाम पर पैसे वसूलने वाले ठग का मामला सामने आया था. जेल इंचार्ज दीपक भाभोर को मिली जानकारी के आधार उसे पकड़ा गया और फिर हर कोठरी में सरप्राइज चेकिंग की गई.
बैटरी अलग और सिम अलग छुपाता था साईं
मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि चेकिंग के दौरान सेपरेट सेल की कोठरी नंबर-1 से मोबाइल फोन मिला है. यह फोन दरवाजे के पीछे मैग्नेट से चिपकाया गया था. थैले के अंदर एक सिम कार्ड भी बरामद किया गया. पुलिस अधिकारियों ने यह फोन जब्त कर लिया है.
बताया जा रहा है कि नारायण साईं मोबाइल की बैटरी अलग छिपाता था. सावधानी के लिए सिम कार्ड अपने पास रखता था. बैटरी को उसने सिपाही कक्ष में छुपाया था.
साईं के खिलाफ होगी कार्रवाई
एक कैदी ने तकनीक के गुप्त उपयोग का खुलासा किया है. इसके बाद से लाजपोर जेल की सुरक्षा प्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल पुलिस जांच तेज है और कड़े कदम उठाने की तैयारी हो रही है. एक कैदी ने तकनीक के गुप्त उपयोग का खुलासा किया है. इसके बाद से लाजपोर जेल की सुरक्षा प्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल पुलिस जांच तेज है और कड़े कदम उठाने की तैयारी हो रही है.
थैले के अंदर एक सिम कार्ड भी बरामद किया गया
चेकिंग में सेपरेट सेल की कोठरी नंबर-1 से मोबाइल फोन मिला. यह फोन दरवाजे के पीछे मैग्नेट से चिपकाया गया था. थैले के अंदर एक सिम कार्ड भी बरामद किया गया. पुलिस अधिकारियों ने यह फोन जब्त कर लिया है | बताया जा रहा है कि नारायण साईं मोबाइल की बैटरी अलग छिपाता था. सावधानी के लिए सिम कार्ड अपने पास रखता था. बैटरी को उसने सिपाही कक्ष में छुपाया था.
22 साल बाद मिला था पीड़िता को न्याय
गुजरात के सूरत स्थित आश्रम में दो बहनों से दुष्कर्म के मामले में सेशंस कोर्ट ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. नारायण साईं साल 1997 से महिला के साथ यौन उत्पीड़न कर रहा था. इस मामले की शिकायत साल 2013 में दर्ज कराई गई थी, लेकिन महिला को इंसाफ मिलने में 22 साल लग गए. अक्टूबर 2013 में नारायण साईं पर सूरत की रहने वाली महिला ने बलात्कार का अरोप लगाया. पीड़िता नारायण साईं के आश्रम की साधिका थी और उसने नारायण साईं पर आश्रम में ही रेप का आरोप लगाया था. पीड़िता का ये भी आरोप था कि नारायण साईं कि ओर से उसे और उसके पिता को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं.
पीड़िता ने तमाम धमकियों के बावजूद रेप की शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया. वो और उसके पिता न्याय के लिए लड़ते रहे और आखिरकार दिसंबर, 2013 में नारायण साई को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पीपली इलाके से गिरफ्तार किया गया था.
सूरत की सेशंस कोर्ट ने 26 अप्रैल को हुई सुनवाई में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं को रेप का दोषी पाया था. अदालत ने सुनवाई के बाद सजा का ऐलान 30 अप्रैल 2019 को करने का फैसला लिया था.
11 महीनों में 12 फोन बरामद किए गए
बता दें कि पिछले 11 महीनों में लाजपोर जेल से 12 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं. हाई-प्रोफाइल कैदी नारायण साईं जैसे दोषी के पास भी मोबाइल पहुंच जाना जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन अक्सर विजिटर्स, नए आने वाले कैदियों या कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अंदर पहुंचाए जाते हैं. इस मामले में भी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है.
Source : PTI
