ग्रीन फील्ड हाई-वे की लंबाई 255 किलोमीटर होगी, एमपी को टाइगर कॉरीडोर की मिली सौगात, 60 हजार करोड़ से अधिक के रोड प्रोजेक्ट्स की हुई घोषणा
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Greenfield highways Jabalpur to Bhopal : केन्द्रीय सड़क निधि से 1200 करोड़ रुपए जबलपुर में निर्मित मदन महल-दमोहनाका फ्लाई ओवर का आज 23 अगस्त शनिवार को लोकार्पण हुआ. इस अवसर पर केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा कि जबलपुर से भोपाल के बीच 255 किलोमीटर लंबा नया ग्रीन फील्ड हाईवे बनाया जाएगा, जिसकी लागत 15 हजार करोड़ रुपए होगी. इसके लिए डीपीआर दिसंबर तक पूर्ण कर ली जाएगी. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर अप्रैल-मई 2026 से हाईवे निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं जबलपुर को टाइगर कॉरिडोर की भी सौगात केन्द्रीय मंत्री ने दिया है. इसके अलावा लखनादौन से रायपुर के बीच 220 किलोमीटर लंबा 4 लेन हाईस्पीड कॉरिडोर, 10 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा, यह रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से कनेक्ट होगा. इस प्रकार मध्यप्रदेश सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जुड़ेगा. इंदौर से भोपाल 160 किलोमीटर ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को स्वीकृति दी जा रही है. इसकी लागत 12 हजार करोड़ रुपए होगी.

केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4250 करोड़ से अधिक की लागत वाली 174 किलोमीटर लंबी 9 सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर प्रदेश के सबसे बड़े दमोहनाका-रानीताल-मदनमहल-मेडिकल रोड फ्लाईओवर का उद्घाटन किया. जबलपुर के महानद्दा में आयोजित समारोह में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश के लिये 60 हजार करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की घोषणाएं भी की.
जबलपुर सहित MP को मिली कई सौगात
- टाइगर कॉरिडोर जबलपुर से बांधवगढ़ तक 4600 करोड़ रुपए की लागत से 4 लोन सड़क बनाई जानी थी, जिसे बढ़ाकर अब 5500 करोड़ रुपए किया गया है. यह रोड कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच टाइगर रिजर्व को कनेक्ट करेगी.
- जबलपुर में हवाबाग से बंदरिया तिराहा और सांईबाबा मंदिर होते हुए शाहनाला तक 309 करोड़ रूपए से फ्लाई ओव्हर बनेगा.
- जबलपुर से मंडला और छत्तीसगढ़ सीमा तक 2.5 हजार करोड़ रुपए का 150 किलोमीटर का 6 लेन के चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा, यह कार्य 6 महीने में शुरू होगा.
- सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर 4 लेन चौड़ीकरण का कार्य 2.5 हजार करोड़ रुपए लागत से आगामी 6 माह में शुरू किया जाएगा.
- खरगोन-देशगांव-जुलवानिया मार्ग के 108 किलोमीटर 4 लेन चौड़ीकरण का कार्य 2300 करोड़ रुपए से किया जाएगा.
- महाराष्ट्र सीमा तक बैतूल-परसवाड़ा 2 लेन मार्ग को भी मंजूरी दी गई है. बालाघाट से मंडला के बीच बेहतर संपर्क के लिए सड़क बनाई जाएगी.
- प्रदेश में सीआरएफ फंड से 1500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की जा रही है. इससे जबलपुर, उज्जैन और रीवा में नए फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे.
- उज्जैन में निकासा चौराहे से इंदौर गेट तक 100 करोड़ रूपये से टू लेन एवं चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 510 करोड़ रुपए की लागत से फोर लेन फ्लाईओव्हर बनेगा.
- रीवा में वाराणसी नागपुर मार्ग पर कॉलेज चौराहे से विष्णु होटल तक 150 करोड़ का फ्लाईओव्हर बनाया जाएगा.
- अशोकनगर से विदिशा के बीच 96 करोड़ रुपए की लागत से सड़क बनाई जाएगी.
- उज्जैन में कालभैरव मंदिर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ब्रिज बनाया जाएगा.
डीपीआर में उलझकर रह गया प्रोजेक्ट
2025 अगस्त में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा घोषित किए गए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की अभी तक डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तक तैयार नहीं हो पाई है. दावा किया जा रहा था कि एक साल में काम प्रारंभ कर दिया जाएगा. लेकिन नेशनल हाइवे अथॉरिटी की तरफ से जिस एजेंसी को डीपीआर बनाने का ठेका दिया गया है. उस एजेंसी के द्वारा अभी तक क्षेत्र का निरीक्षण तक नहीं किया गया है. इससे साफ जाहिर होता है कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने में एनएचएआई के अधिकारियों की दिलचस्पी नहीं है.
भोपाल रोड को व्यवस्थित करने की जरूरत
शासन स्तर पर जबलपुर से भोपाल रोड को लेकर चिंता देखने को नहीं मिल रही है. दरअसल भोपाल जाने वाले मार्ग का ओवर ब्रिज भरभराकर अभी कुछ दिनों पहले गिर गया था. उसका सुधार कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हो पाया है. इतना ही नहीं इस रोड पर आवारा जानवर और गड्ढों को भी भरने का काम प्रारंभ नहीं किया गया है. जबकि यह सड़क जगह-जगह से दरक गई है. गाड़ी के पहिए बहकने लगते हैं. जिससे सड़क दुर्घटना की संभावना निर्मित होती है.
