गुजरात गांधी नगर के बाद जबलपुर की लैब में इंस्टॉल की गई आधुनिक मशीन : जल्द शुरू होगा परीक्षण, यह मशीन भारत देश में दूसरी मशीन है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News. Jabalpur. DNA Test. जबलपुर में जल्द डीएनए टेस्ट होना शुरू हो जाएंगे. क्योंकि वैज्ञानिक परीक्षण केंद्र में (DNA) डीएनए टेस्ट मशीन स्टॉल हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह मशीन भारत देश में दूसरी मशीन है, जिसे जबलपुर में स्टॉल किया गया है. इससे पहले गुजरात के गाँधीनगर में डीएनए टेस्ट की सबसे आधुनिक मशीन इंस्टॉल की गई थी. परीक्षण करने वाले तीन वैज्ञानिक भी मिल चुके हैं. लैब में बचा हुआ काम पूरा होते ही डीएनए टेस्ट चालू हो जाएँगे.
अभी तक डीएनए टेस्ट सहित कई जाँचों के लिए जबलपुर सहित अन्य जिलों की पुलिस को दूसरे जिलों में बनी लैब पर निर्भर रहना पड़ता था. इन लैबों में जाँच अिधक होने के कारण पेंडेंसी ज्यादा रहती थी, जिसके कारण महिला संबंधी अपराधों की जाँच भी पेंडिंग रहती थी, लेकिन अब डीएनए टेस्ट समय पर हो पाएँगे. इससे खासतौर पर महिला संबंधी अपराधों में जल्द से जल्द राहत मिल पाएगी.
अभी जबलपुर पुलिस सागर और भोपाल लैब पर डीएनए टेस्ट के लिए निर्भर है, लेकिन चंद दिनों बाद राहत मिल सकेगी. इससे पुलिसकर्मियों को भी राहत रहेगी, क्योंकि जाँच लेकर 100 से 300 किलोमीटर तक नहीं भागना पड़ेगा. इसके अलावा विसरा और एल्कोहल से संबंधित जाँच के सैंपल भी डीएनए टेस्ट के बाद दूसरी मशीनों में चैक होंगे.
हाई-टेक डीएनए मशीन
गुजरात के बाद देश की सबसे आधुनिक डीएनए टेस्ट मशीन जबलपुर की इसी लैब में इंस्टॉल की गई है. इस यूनिट के शुरू होने से अब बलात्कार, हत्या, अज्ञात शवों की पहचान और पैतृक विवाद (Paternity Disputes) जैसे संगीन मामलों की वैज्ञानिक जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो गई है.
रिपोर्ट नहीं आने से नहीं मिल पाता पीड़ितों को न्याय
डीएनए जाँच सैंपल की पेंडेंसी के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने में इंतजार करना पड़ता है. दरअसल प्रदेश में डीएनए लैब की क्षमता इतनी नहीं है, जितनी तेजी से ऐसे मामले दर्ज होते हैं, जिनमें डीएनए टेस्ट की जरूरत होती है. एमपी में फिलहाल भोपाल, सागर और इंदौर में कुल 5 फॉरेंसिक साइंस लैब है.
दुष्कर्म-हत्या के बाद होती है जाँच
बता दें कि अभी तक जबलपुर में क्षेत्रीय विधि प्रयोगशाला यह जांच संचालित हो रही थी, जिसे डीएनए लैब में शिफ्ट कर दिया गया है. परीक्षण के दौरान विसरा और अल्कोहल से संबंधित जांच के सैंपल भी डीएनए टेस्ट के बाद दूसरी मशीनों में चेक हो सकेंगे. दरअसल, न्याय की दिशा में यह बड़ा कदम है, जिससे तुरंत ही परीक्षण की प्रक्रिया हो सकेगा. गौरतलब है कि गैंगरेप, रेप और हत्या जैसी घटनाओं में डीएनए सबसे बड़ा सबूत होता है. वारदात के बाद पुलिस यह टेस्ट करवाती है. लेकिन प्रदेश में टेस्ट के लिए चुनिंदा डीएनए लैब ही बनी हुई है. अब भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और सागर के बाद जबलपुर में डीएनए लैब शुरू होने जा रही है.
अभी क्षेत्रीय विधि प्रयोगशाला में होती है जाँच
जबलपुर में संचालित हो रही क्षेत्रीय विधि प्रयोगशाला को इस डीएनए लैब में शिफ्ट कर दिया गया है, क्योंकि इस प्रयोगशाला में पहले से ही मशीन थी, जिसमें 18 जिलों की बायोलॉजी जाँच की जा रही है. इसमें महिलाओं एवं युवतियों के साथ होने वाले रेप, गैंगरेप और हत्या से संबंधित मामलों में खून की जाँचें हो रही हैं. गौरतलब है कि क्षेत्रीय विधि प्रयोगशाला में जाँच इतनी तेजी से चल रही है कि यहाँ पर सैंपलों की पेंडेंसी नहीं है. आधुनिक लैब से जाँच प्रक्रिया और तेज होगी.
आधुनिक मशीनों से होंगे टेस्ट
- 1 -डीएनए टेस्ट के लिए जेनेटिक एनालाइजर मशीन लगाई गई है. जो अब तक की सबसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस मशीन है.
- 2 -पीसीआर एक प्रकार की विधि है, जिसके द्धारा डीएनए अणु के खास भाग को एम्प्लीफाई कर जीन श्रृंखला की कॉपी की जा सकती है. यह एक प्रकार का सीधा प्रयोग है जिसके द्वारा जीन श्रृंखला की कॉपी क्लोनिंग द्वारा तैयार की जाती है.
- 3 – वायरस की सीधे पहचान करने के लिए नाक और गले के स्वॉब से नमूने लिए जाते हैं. यह परीक्षण लक्षण दिखने से पहले ही आरएनए (राइबोन्यूक्लिक एसिड) का पता लगाने में सक्षम हैं। वायरस का पता चलने से पहले आरएनए को रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन के जरिए डीएनए में बदल दिया जाता है.

