MP मोहन सरकार ने लाडली बहना योजना में मासिक सहायता राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने ‘लाडली बहना योजना’ की राशि में बढ़ोत्तरी की है. सोमवार (10 नवंबर) को लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को मासिक मिलने वाली वित्तीय सहायता को 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है. इस बढ़ी हुई रकम 1.26 करोड़ से अधिक महिला के बैंक खाते में जाएगी. लाभार्थी महिलाओं को इस महीने से बढ़ी हुई राशि मिलना प्रारंभ हो जाएगी. इस बढ़ी हुई रकम से सरकार पर 1793.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ आएगा. महिला वोटर्स का ध्यान में रखकर शुरू की गई इस योजना को सरकार द्वारा विशेष ध्यान रखा जा रहा है. इसके लिए अन्य सरकारी योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं. इसके बावजूद इस योजना की पात्र महिला हितग्राही को निर्धारित राशि हस्तांतरित की जा रही है.
12 नवंबर को ‘लाडली बहना योजना’ की राशि का होगा भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिवनी जिले में 12 नवंबर को होने वाले एक कार्यक्रम में बढ़ी हुई राशि का भुगतान शुरू करने वाले हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025-26 में योजना के लिए कुल अनुमानित व्यय बढ़कर 20,450.99 करोड़ रुपये हो गया है.
सीएम ने महिलाओं से किया था वादा
एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिमंडल ने लाडली बहना योजना के तहत मासिक वित्तीय सहायता को 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने को मंजूरी दी.’ सीएम मोहन यादव ने 12 अक्टूबर को श्योपुर में एक समारोह के दौरान कहा था कि आगामी भाई दूज और दिवाली त्योहार महिलाओं के लिए अच्छी खबर लेकर आएंगे, क्योंकि योजना के तहत सहायता में वृद्धि की जाएगी.
शुरुआत में 1000 रुपये थी सहायता राशि
मालूम हो, इस योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान 10 जून, 2023 को हुई थी. तब इसके तहत सहायता राशि 1000 रुपये थी. सरकार ने सितंबर 2023 में ही इसे संशोधित कर 1,250 रुपये कर दिया था. इस योजना को मध्य प्रदेश में बीजेपी के लिए चुनावी बाजी पलटने वाला माना जाता है.
लाड़ली बहना योजना की पात्रता और मानदंड
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी-
मूल निवासी का प्रमाण पत्र देना होगा, जिससे महिला अनिवार्य रूप से मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी की प्रमाणिकता सिद्ध हो सके.
वैवाहिक स्थिति: महिला का विवाहित होना आवश्यक है. इसमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त (पति द्वारा छोड़ी गई) महिलाएं भी पूरी तरह शामिल हैं.
इस योजना के अंतर्गत अविवाहित युवतियां पात्रता नहीं रखती हैं.
योजना में शामिल होने के लिए आवेदक की जन्म तारीख कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को महिला की आयु 21 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए.
महिलाओं की उम्र न्यूनतम आयु 23 वर्ष थी, जिसे बाद में घटाकर 21 वर्ष कर दिया गया है.
महिला के परिवार की कुल वार्षिक आय (सालाना कमाई) ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए.
लाड़ली के आवेदनाें का अपात्र किए जाने का निमय
यदि परिवार का कोई भी सदस्य Income Tax (आयकर) भरता हो.
यदि परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार या राज्य सरकार के किसी भी विभाग, उपक्रम, मंडल या स्थानीय निकाय में नियमित-संविदा कर्मचारी हो या सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भोगी हो.
यदि परिवार के पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि (खेती की जमीन) हो.
यदि परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पंजीकृत चार पहिया वाहन (जैसे कार, जीप आदि) हो. हालांकि, ट्रैक्टर रखने वाले परिवारों को अपात्र नहीं माना गया है.
यदि परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व सांसद (MP) या विधायक (MLA) हो। (स्थानीय निकायों में केवल महिला पंच और सरपंच को छूट दी गई है)।अन्य पेंशनभोगी:
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदिका के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए. सबसे पहले परिवार समग्र आईडी और व्यक्तिगत समग्र आईडी होना चाहिए. इसके बाद आधार कार्ड का समग्र पोर्टल पर आधार e-KYC होना अनिवार्य चाहिए. स्वयं का बैंक खाता, जो आधार से लिंक (Aadhaar Linked) हो और उसमें DBT (Direct Benefit Transfer) सक्रिय (Enabled) होना चाहिए. आवेदन के समय चालू मोबाइल नंबर (जिस पर ओटीपी आ सके).
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