BJP एमपी में एक पखवाड़े से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है और संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा हो सकता है.
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Madhya Pradesh News: भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जल्द हो सकता है. ऐसे में हर किसी की नजर नए अध्यक्ष पर टिकी हुई है क्योंकि चर्चाओं में एक नहीं, कई नाम हैं. राज्य में बीजेपी के संगठन पर्व के तहत बूथ समिति, मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
धर्मेंद्र प्रधान का दौरा तय होते ही नाम की हो जाएगी घोषणा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संभावना जताई जा रही थी कि जनवरी या फरवरी में प्रदेश अध्यक्ष का भी निर्वाचन हो जाएगा. हालांकि, दिल्ली के विधानसभा चुनाव के चलते निर्वाचन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और निर्वाचन अधिकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का दौरा तय नहीं हो पाया. राज्य में बीते एक पखवाड़े से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज है और संभावना इस बात की जताई जा रही है कि आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा हो सकता है.
इन नामों की चर्चा
वहीं बूथ विस्तारक अभियान सहित कई अभियान देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बने हैं. राज्य की बीजेपी इकाई का नया अध्यक्ष कौन होगा? इसके लिए कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए संभावना इस बात की जताई जा रही है कि पार्टी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है. राज्य में सामान्य वर्ग से पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और विधायक हेमंत खंडेलवाल के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं.
जानकार इन पर लगा रहे कयास?
वहीं पार्टी का जोर अनुसूचित जनजाति वर्ग के वोट बैंक पर भी है और इसके लिए प्रमुख तौर पर सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते और गजेंद्र पटेल के नाम चर्चा में हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग से लाल सिंह आर्य का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वर्तमान में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल चल रहा है.
शर्मा के वापस आने का चांस कम
वीडी शर्मा को संसद की याचिका समिति में जगह मिलने से उनके दोबारा अध्यक्ष बनने की संभावना कम हो गई है। बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि पार्टी ने शर्मा को यह पद देकर उन्हें अध्यक्ष पद से दूर रखने का संकेत दे दिया है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। वे इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बनने की लिस्ट में ये भी आगे
अब लिस्ट में सबसे आगे नरोत्तम मिश्रा और कैलाश विजयवर्गीय के अलावा फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेर सिंह सोलंकी, हिमाद्री सिंह, दुर्गादास उइके, हेमंत खंडेलवाल, अर्चना चिटनिस, रामेश्वर शर्मा और आलोक शर्मा जैसे कई नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं.
अंतिम चरण में है तलाश
मध्यप्रदेश बीजेपी में नए कप्तान की तलाश अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। कई दिनों से टल रहे इस चुनाव को लेकर अब तेजी आ गई है। इसका सबसे बड़ा कारण केंद्रीय मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बीच हुई एक गुप्त बैठक है। यह बैठक भोपाल के स्टेट हैंगर पर हुई, जहां शाह ने विजयवर्गीय को फ़ोन करके बुलाया था। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मंथन हुआ है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वर्तमान में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल
वहीं पार्टी का जोर अनुसूचित जनजाति वर्ग के वोट बैंक पर भी है और इसके लिए प्रमुख तौर पर सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते और गजेंद्र पटेल के नाम चर्चा में हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग से लाल सिंह आर्य का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वर्तमान में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल चल रहा है.
आगामी चार साल तक कोई चुनाव नहीं है, लिहाजा पार्टी की कोशिश सत्ता और संगठन में समन्वय रहे, यह प्रयास किए जा रहे हैं. इसलिए ऐसे नाम पर मुहर लगने की ज्यादा संभावना है जो संगठन को बेहतर तरीके से चला सके, सभी में समन्वय रखे और उसका सत्ता से भी टकराव न हो.
