दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मिले थे दोनों नेता, पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने मोदी की आडवाणी के सामने जमीन पर बैठे तस्वीर शेयर की थी.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Digvijaya Singh News: दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में रविवार 28 दिसंबर को पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों नेता आमने-सामने हुए. इसी दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS और भाजपा पर टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से उनके बयान पर आपत्ति दर्ज कराई. मुख्य कार्यक्रम के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद चाय-नाश्ते के दौरान आपस में बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान कांग्रेस को आरएसएस–बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे से सीखने वाले बयान के बाद वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी का आमना–सामना हुआ.
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्विजय सिंह से हाथ मिलाते समय राहुल गांधी ने उन्हें मजाकिया लहजे में कहा, ‘कल आपने गलत व्यवहार कर दिया.’ यह सुनकर आसपास मौजूद नेताओं की हंसी छूट गई. वहां सोनिया गांधी भी मौजूद थीं. वे भी हंसने लगीं. फिर राहुल और दिग्विजय के बीच थोड़ी देर बातचीत हुई.
दिग्विजय सिंह ने की थी सराहना
दरअसल, 27 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिग्विजय सिंह ने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए RSS और BJP के संगठनात्मक ढांचे की सराहना की थी. तस्वीर में नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी दिखाई दे रहे हैं.
अपने पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा था- यह बहुत ही प्रभावशाली तस्वीर है. किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक और भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बना. यह संगठन की ताकत को दिखाता है.
कांग्रेस नेताओं ने दिग्विजय सिंह की आलोचना की
दिग्विजय सिंह के पोस्ट के बाद पार्टी के भीतर उनकी आलोचना होने लगी है. उधर, कांग्रेस स्थापना दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिग्विजय का नाम लिए बिना कहा- कांग्रेस ने कभी संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से समझौता नहीं किया है.
खड़गे ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगे और न ही मंदिर-मस्जिद के नाम पर नफरत फैलाई. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिग्विजय के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कांग्रेस को गोडसे की विचारधारा से जुड़े संगठन से कुछ सीखने की जरूरत नहीं है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा- RSS नफरत के आधार पर बना एक संगठन है और यह नफरत फैलाता है. नफरत से कुछ सीखने को नहीं मिलता. क्या आप अल-कायदा से कुछ सीख सकते हैं? अल-कायदा नफरत फैलाने वाला संगठन है। उस संगठन से क्या सीखा जा सकता है?
सफाई में दिग्विजय ने कहा- RSS-मोदी की नीतियों का घोर विरोधी हूं
इधर, विवाद बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने सिर्फ संगठन की तारीफ की थी. उन्होंने कहा- मैं संगठन का समर्थन करता हूं. मैं RSS, PM मोदी और उनकी नीतियों के खिलाफ हूं.
ANI से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा- विचारधारा को लेकर कोई मतभेद नहीं है. हम सभी कांग्रेस में एकजुट हैं. नेहरू-गांधी परिवार ऐसा परिवार है, जिसमें दो लोगों ने शहादत दी है. भाजपा नेहरू-गांधी परिवार के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है.
भाजपा बोली- दिग्विजय सिंह ने RSS की ताकत को समझा
भाजपा के कई नेताओं ने दिग्विजय सिंह के बयान की सराहना की. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिग्विजय सिंह के बयान का स्वागत किया. उन्होंने कहा- RSS लगातार सामाजिक समानता और राष्ट्रीय प्रगति के लिए काम करता रहा है. धीरे-धीरे लोग समझ रहे हैं कि RSS देश को आगे ले जाने का प्रयास कर रहा है, इसलिए उसके आलोचक भी उसकी सराहना कर रहे हैं.
सहज माहौल में हुई पूरी बातचीत
सूत्र बताते हैं कि यह पूरी बातचीत सहज माहौल में हुई. चाय-नाश्ते के इस अनौपचारिक कार्यक्रम में सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद थे. इसी बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए दिग्विजय सिंह को एक नसीहत भी दे डाली. सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी ने हंसते हुए तंज के माध्यम से कह दिया कि जो भी बात रखनी हो, वह पार्टी के आंतरिक मंचों पर रखी जानी चाहिए. सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से मुद्दे हल नहीं होते.
