2 पूर्व अध्यक्ष मैदान में, 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 37 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी की लिस्ट आने के बाद कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है.
Source : MEDIA
By: DB News Update | Edited By: Supriya
J&K Congress Candidates List: कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए 9 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने अपने जम्मू-कश्मीर इकाई के दो पूर्व अध्यक्षों, गुलाम अहमद मीर और विकार रसूल वानी को डोरू और बनिहाल विधानसभा क्षेत्रों से मैदान में उतारा है। पार्टी ने सुरिंदर सिंह चन्नी (त्राल), अमानुल्लाह मंटू (देवसर), पीरजादा मोहम्मद सैयद (अनंतनाग), शेख जफरुल्लाह (इंदरवाल), नदीम शरीफ (भद्रवाह), शेख रियाज (डोडा) और डॉ प्रदीप कुमार भगत (डोडा पश्चिम) को भी उम्मीदवार बनाया है। 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 37 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बीजेपी की लिस्ट आने के बाद कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस 51 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी
कांग्रेस यह चुनाव अपने I.N.D.I.A गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के साथ मिलकर लड़ेगी। दोनों के बीच समझौते के तहत कांग्रेस 32 और नेशनल कॉन्फ्रेंस 51 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि पांच सीटों पर वे ‘दोस्ताना लेकिन अनुशासित’ प्रतिस्पर्धा में शामिल होंगी। शेष दो सीटें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और पैंथर्स पार्टी को दी गई हैं। सीट बंटवारे पर बातचीत के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे और पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला शामिल थे। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व प्रमुख राहुल गांधी के बीच एक बैठक में मुहर लगी थी।
बता दें कि 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 32 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस अपने आईएनडीआई गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के साथ मिलकर यह चुनाव लड़ रही है। दोनों के बीच समझौते के तहत कांग्रेस 32 और नेशनल कॉन्फ्रेंस 51 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। दो सीटें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और पैंथर्स पार्टी को दी गई हैं।
नेशनल कांफ्रेंस ने 18 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की
वहीं नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने सोमवार को 18 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव तीन चरण में होंगे और नेकां ने पहले चरण के लिए 18 उम्मीदवारों की सूची जारी की। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सूची को मंजूरी दी है। पार्टी ने अनंतनाग से पूर्व सांसद न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी को पंपोर से और पूर्व विधायक मोहम्मद खलील बांद को पुलवामा से उम्मीदवार बनाया है। नेकां ने राजपोरा से गुलाम मोहि-उद-दीन मीर, जैनपोरा से शौकत हुसैन गनी, शोपियां से शेख मोहम्मद रफी और डीएच पोरा से पूर्व मंत्री सकीना इट्टू को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा की विधानसभा उम्मीदवाराें की सूची आने के बाद कांग्रेस ने भी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अपने पहले 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर इकाई के दो पूर्व अध्यक्षों गुलाम अहमद मीर को डोरू और विकार रसूल वानी को बनिहाल विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है। पार्टी ने सुरिंदर सिंह चन्नी काे त्राल, अमानुल्लाह मंटू काे देवसर,पीरजादा मोहम्मद सैयद काे अनंतनाग, शेख जफरुल्लाह काे इंदरवाल, नदीम शरीफ काे भद्रवाह, शेख रियाज काे डोडा और डॉ प्रदीप कुमार भगत काे डोडा पश्चिम से उम्मीदवार बनाया है।
शेष दो सीटें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और पैंथर्स पार्टी को दी गई हैं। सीट बंटवारे पर बातचीत के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे और पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला शामिल थे। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व प्रमुख राहुल गांधी के बीच एक बैठक में मुहर लगी थी।
क्यों नाराज हैं सांसद रुहुल्लाह?
बीते शुक्रवार सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह ने पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को पत्र भेजकर 3 नवंबर को संसद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान किया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने जवाबदेही तय करने की शर्त रखी है।
रुहुल्लाह ने लेटर के जरिए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जनता से आर्टिकल 370 और 35A की बहाली का वादा किया था, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद पार्टी केवल राज्य के दर्जे तक सीमित हो गई है।
फारूक अब्दुल्ला ने दी चुनौती
फारूक अब्दुल्ला ने बागी सांसद आगा सैयद के रवैए को देखते हुए चार दिन पहले चुनौदी दी थी कि संसद से इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ें फिर पता चल जाएगा कि वोट कैसे मिलते हैं। इसके जवाब में रुहुल्ला ने पत्र लिखकर इस्तीफे का एलान किया.
आगा सैयद रुहुल्लाह के इस कड़े कदम और बीजेपी के तीखे हमलावर तेवरों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में आतंरिक कलह को उजागर कर दिया है। 3 नवंबर की तय तारीख से पहले NC के भीतर यह गुटबाजी क्या नया मोड़ लेती है, इस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं।
