भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए कैंडिडेट की पहली लिस्ट में संशोधन करते हुए 15 नामों की पहली लिस्ट का ऐलान किया है. इससे पहले 44 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी की गई थी.
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By: DB News Update | Edited By: सुप्रिया
J&K BJP List : भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए कैंडिडेट की पहली लिस्ट में संशोधन करते हुए 15 नामों की पहली लिस्ट का ऐलान किया है. इससे पहले 44 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी की गई थी. लेकिन एक घंटे के भीतर ही दोबारा लिस्ट जारी की गई. किश्तवाड़ से शगुन परिहार, डोडा से गजय सिंह राणा, भदरवाह से दलीप सिंह परिहार और रामबाण से राकेश ठाकुर को मैदान में उतारा है. केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार चुनाव हो रहे हैं. घाटी में बीजेपी का मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी से होगा. जम्मू में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्कर होगी.
रविवार को हुई थी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक
रविवार शाम को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे. बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ हरियाणा और जम्मू कश्मीर के बड़े नेता और चुनाव प्रभारी भी मौजूद रहे. बैठक में जम्मू-कश्मीर की विधानसभा सीटों पर हर सीट के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा कर एक फाइनल लिस्ट बनाने की कोशिश की गई थी.
पैराशूट कैंडिडेट से भड़के बीजेपी कार्यकर्ता
बीजेपी ने जिस लिस्ट को वापस लिया, उसमें 44 नाम थे जिनमें सभी तीनों चरण की वोटिंग वाली सीटों के नाम थे. इसमें पहले चरण की 15 सीटों, दूसरे चरण की 10 और तीसरे चरण की 19 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया था. जम्मू क्षेत्र से 36 और कश्मीर घाटी के 8 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया था जिसमें दो कश्मीरी पंडित वीर सराफ और अशोक भट्ट के नाम भी शामिल थे. लिस्ट आते ही बीजेपी कार्यकर्ता विरोध करने लगे। पैराशूट उम्मीदवारों को लेकर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना के ऑफिस के बाहर नाराज कार्यकर्ता प्रदर्शन करने लगे. उग्र कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखकर रविंद्र रैना को अपने आप को केबिन में लॉक करना पड़ा. उनके दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई. कार्यकर्ताओं में आक्रोश था कि दूसरे दलों से आए नेताओं को क्यों तरजीह दी गई? पार्टी के निष्ठावान नेताओं की उपेक्षा क्यों की गई? दिलचस्प बात ये है कि बीजेपी को जिस लिस्ट को वापस लेना पड़ा, उसमें रविंद्र रैना का भी नाम नहीं था.
संशोधित लिस्ट जारी की लेकिन घोषित सीटों पर नहीं बदले चेहरे
विरोध के बाद बीजेपी ने पहले जारी की गई लिस्ट को वापस ले लिया और 15 उम्मीदवारों के नाम की संशोधित लिस्ट जारी की. ये लिस्ट सिर्फ पहले चरण के उम्मीदवारों की थी. वापस ली गई लिस्ट में भी पहले चरण के इन्हीं 15 सीटों और इन्हीं नामों का ऐलान हुआ था. यानी बीजेपी ने एक तरह से सिर्फ दूसरे और तीसरे चरण वाली सीटों की लिस्ट वापस ली. बाद में बीजेपी ने एक उम्मीदवार के नाम वाली दूसरी लिस्ट जारी की. दक्षिण कश्मीर की कोकरनाग विधानसभा सीट से चौधरी रोशन हुसैन गुज्जर को टिकट दिया गया है. वापस ली जा चुकी लिस्ट में इस सीट के लिए उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. कोकरनाग विधानसभा सीट पर भी पहले चरण में 18 सितंबर को वोटिंग है.
पहले चरण के लिए पर्चा दाखिला का मंगलवार को आखिरी दिन
जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों के लिए कुल तीन चरणों में वोटिंग होनी है. पहले चरण में 24 सीटों पर 18 सितंबर को, दूसरे चरण में 26 सीटों पर 25 सितंबर को और तीसरे चरण की 40 सीटों पर 1 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे.
दूसरे और तीसरे चरण के कैंडिडेट के नाम?
बीजेपी ने आखिरकार पहले चरण की 24 सीटों में से 16 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पहले चरण के लिए पर्चा दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त है. यानी अब समय बिलकुल नहीं है, मंगलवार को ही पर्चा भरा जा सकेगा. बीजेपी ने शुरुआती लिस्ट भले ही वापस ले ली लेकिन ये शायद ही नाराज कार्यकर्ताओं को शांत कर सकेगी. वजह ये है कि संशोधित पहली लिस्ट में पहले चरण के लिए जिन 15 नामों का ऐलान किया गया है, वे सभी वापस ली गई लिस्ट में भी थे. हां, अब ये देखना दिलचस्प होगा कि दूसरे और तीसरे चरण के लिए बीजेपी जब अपनी लिस्ट जारी करती है तो उसमें भी वही नाम रहते हैं जो वापस ली गई लिस्ट में थे या फिर बदलाव होगा. वैसे जिस तरह बीजेपी को 44 उम्मीदवारों वाली लिस्ट वापस लेनी पड़ी उससे संकेत मिलता है कि दूसरे और तीसरे चरण वाली सीटों के लिए जो नई लिस्ट आएगी, उसमें बदलाव देखने को मिल सकते हैं. वैसे कहा तो ये भी जा रहा है कि बीजेपी को सिर्फ पहले चरण के लिए ही उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करना था लेकिन गलती से दूसरे और तीसरे चरण वाले उम्मीदवारों का नाम भी लिस्ट में जारी कर दिया गया. इसलिए पार्टी ने उसे वापस ले लिया.
