डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बतौर राष्ट्रपति लौटने के बाद आज पहली बार कांग्रेस को संबोधित किया. दूसरे कार्यकाल का प्लान पेश करते हुए उन्होंने अमेरिकी घरेलू और विदेश नीति में बदलावों का जिक्र किया.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
US President Donald Trump Adressed Congress: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में लौटने के बाद पहली बार कांग्रेस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने दूसरे कार्यकाल के पूरे प्लान की एक झलक पेश की. राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले कुछ हफ्तों में उठाए गए कदमों के बारे में जिक्र किया, जिनमें अर्थव्यवस्था सुधार, स्वास्थ्य प्रणाली में बदलाव, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों पर जोर दिया गया है. उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से किए गए सुधार न केवल अमेरिकी नागरिकों के जीवनस्तर को ऊंचा करेंगे, बल्कि अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को भी मजबूत करेंगे.
कांग्रेस को संदेश
ट्रंप ने कांग्रेस से अपील की कि वे उनकी नीतियों का समर्थन करें और अमेरिका को एक मजबूत और समृद्ध देश बनाने में उनकी सहायता करें. उन्होंने कहा, “यह समय है जब हम एकजुट होकर देश के हित में काम करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें.”
डोनाल्ड ट्रंप क्या-क्या कहा?
- – “अमेरिकी सपना अजेय है. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की जीत की सराहना की और इसे ऐसा जनादेश बताया जो कई दशकों में नहीं देखा गया.
- – अमेरिका में सिर्फ दो जेंडर होंगे, पुरुष और महिला. साथ ही उन्होंने पुरुषों के महिला खेलों में भाग लेने पर प्रतिबंध की घोषणा की.
- – फ्री स्पीच को बढ़ावा दिया है और अंग्रेजी भाषा को अमेरिका की एकमात्र आधिकारिक भाषा घोषित कर दिया है.
- – गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर अब गल्फ ऑफ अमेरिका कर दिया गया है.
- – “हर एक नया फैसला लेते समय हम पुराने 100 फैसलों को रद्द करेंगे.”
- – सरकार ने 43 दिनों में वह कर दिखाया, जो पिछले प्रशासन चार साल में नहीं कर पाए.
- – “अमेरिका वापस आ गया है.” अब अमेरिका का गौरव, रूह और विश्वास लौट आया है.
- – DOGE ने इसमें बेहतरीन काम किया है और उनकी सरकार ने कई बेहूदा नीतियों को समाप्त कर दिया है.
डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया गया
मीडिया में चल रहीं खबरों की मानें तो अमेरिका ने ऐसे लगभग सौ देशों की सूची जारी की है जिनपर ‘डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़’ लगाया गया है. इस सूची में भारत का नाम भी है. भारत पर 26% टैरिफ़ लगाया गया है. टैरिफ़ किसी देश से आयात किए जाने वाले उत्पादों पर लगने वाला शुल्क है. इसका भुगतान सामान आयात करने वाली कंपनी अपने देश की सरकार को करती है. देश आमतौर पर कुछ क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए टैरिफ़ लगाते हैं.
चीजों पर ज़्यादा आयात शुल्क लगेगा- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते आए हैं कि अगर कोई देश अमेरिकी सामानों पर ज़्यादा आयात शुल्क लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश से आने वाली चीजों पर ज़्यादा आयात शुल्क यानी टैरिफ़ लगाएगा.
ट्रंप ने इसे रेसिप्रोकल टैरिफ़ कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ के एलान के बाद से एशियाई देशों पर ख़ासा असर पड़ा है. ट्रंप ने चीन पर 34 फ़ीसदी, वियतनाम पर 46 फ़ीसदी और कंबोडिया पर 49 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है. इसे रेसिप्रोकल टैरिफ कहा गया है.
लेकिन इन देशों की तुलना में भारत की स्थिति काफ़ी बेहतर है. एशिया डिकोडेड की प्रियंका किशोर के मुताबिक़, भारत के लिए 26 फ़ीसदी टैरिफ़ काफ़ी ज़्यादा है और इससे भारत के कामगार बुरी तरह से प्रभावित होंगे. प्रियंका किशोर का कहना है कि इससे भारत के घरेलू बाज़ार की मांग घट सकती है और भारत की आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ेगा, ख़ासकर जब अर्थव्यवस्था पहले से ही धीमी हो रही है.
हालांकि, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को थोड़ा फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि वियतनाम जैसे देशों पर ज़्यादा टैरिफ़ लगाने से व्यापार मार्ग बदल सकता है.
भारत की अर्थव्यवस्था को नुक़सान होने की संभावना
फिर भी, ट्रंप के इस फ़ैसले से भारत की अर्थव्यवस्था को नुक़सान होने की संभावना बनी रहेगी. कनाडा, मेक्सिको और यूरोपीय संघ के मुकाबले भारत ने ट्रंप के साथ नरमी बरती है और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है. अब देखना होगा कि इस नए टैरिफ़ के बाद भारत कोई जवाबी कदम उठाता है या नहीं. हालांकि, भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक निर्यात -फार्मा उद्योग (लगभग 13 अरब डॉलर) राहत की सांस ले सकता है, क्योंकि ट्रंप के लगाए गए टैरिफ़ में दवाओं पर छूट दी गई है.
पीएम ने फरवरी में अमेरिका का दौरा किया था
प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी में अमेरिका का दौरा किया था और ट्रंप के साथ द्विपक्षीय चर्चा की थी. इस दौरान दोनों पक्षों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने की योजना की घोषणा की थी. ट्रंप भारत पर बेहद ऊंचे सीमा शुल्क लगाने का आरोप पहले भी कई बार लगा चुके हैं. उन्होंने कहा है कि अब अमेरिका भी जवाबी सीमा शुल्क लगाएगा.
इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मिस्री और लैंडौ ने बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग और आवागमन एवं प्रवास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की.
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने ‘निष्पक्ष और संतुलित द्विपक्षीय व्यापार संबंध प्राप्त करने के लिए बाधाओं को कम करने के लिए चल रहे प्रयासों’ और रक्षा एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की.
अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच भी इस समय भारत दौरे पर हैं। वह प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की रूपरेखा एवं प्रावधानों को लेकर भारतीय वार्ताकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं.
