हिंदू धर्म में मंत्र जाप का विशेष महत्व है. मंत्र जाप के लिए माला का उपयोग होता है. विजया एकादशी पर विष्णु जी के मंत्रों के जाप के लिए तुलसी की माला का इस्तेमाल करना शुभ होता है.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Vijaya Ekadashi 2025: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को विजया एकादशी होती है, जोकि इस साल सोमवार 24 फरवरी 2025 पड़ रही है. इस दिन श्रीहरि की विधि-विधान से पूजा करने का महत्व है. साथ ही लक्ष्मी नारायण को प्रसन्न करने के लिए आप विजया एकादशी पर तुलसी से जुड़े कुछ उपाय भी कर सकते हैं.
तुलसी पूजन जरूर करें
विजया एकादशी पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के साथ ही तुलसी पूजन भी जरूर करें. इस दिन पूजा में भगवान विष्णु के मंत्रों जाप भी कर सकते हैं. लेकिन भगवान विष्णु के मंत्र का जाप तुलसी की माला से ही करें. दरअसल हिंदू धर्म में मंत्रों का जाप मालाओं से करने का विधान और इसके लिए कई तरह से बनी मालाओं का प्रयोग किया जाता है. अलग-अलग देवी-देवताओं के मंत्र जाप के लिए मालाएं भी अलग होती हैं. वैष्णव लोग मुख्य रूप से तुलसी की माला से ही भगवान विष्णु के मंत्र का जाप करते हैं.
आर्थिक समस्याओं से मिलेगा छुटकारा
विजया एकादशी पर तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगे और आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा. जप करने से पहले माला को गंगाजल से शुद्ध कर लें. मंत्र का जाप करने के बाद सम्मान से तुलसी की माला को अपने माथे से स्पर्श करें और फिर माला को गोमुखी में सम्मानपूर्वक साफ स्थान पर रख दें.
तुलसी की माला भगवान विष्णु को प्रिय है. विष्णु जी के साथ ही आप श्रीकृष्ण, मां लक्ष्मी और भगवान राम के मंत्रों का जाप भी तुलसी की माला से कर सकते हैं. इसके अलावा रुद्राक्ष की माला से जप करना भी अच्छा होता है.
विष्णु के मंत्रों का जाप जरूरी
हिंदू धर्म में मंत्रों का जाप करने के लिए विभिन्न प्रकार की मालाओं का उपयोग किया जाता है. विभिन्न देवी-देवताओं के मंत्रों के लिए अलग-अलग मालाएं होती हैं. विशेष रूप से वैष्णव समुदाय तुलसी की माला का उपयोग करके भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करता है.
इस मंत्र का करें 108 बार जाप
विजया एकादशी पर तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगे और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलेगी.
जाप आरंभ करने से पूर्व माला को गंगाजल से शुद्ध कर लें. मंत्र का जाप समाप्त करने के बाद, तुलसी की माला को सम्मानपूर्वक अपने माथे से स्पर्श करें और फिर माला को सुरक्षित स्थान पर रखें.
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का अचूक तरीका
मां लक्ष्मी का वास वहीं होता है जहां साफ-सफाई और सकारात्मकता होती है। घर के मुख्य द्वार को हमेशा साफ रखें.
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन माता को कमल का फूल, खीर और मिश्री का भोग लगाएं.
प्रतिदिन स्नान के बाद ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नम:’ या ‘ॐ श्रीं श्रीये नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
रोज शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं.
जरूरतमंदों, कन्याओं या गाय को भोजन और सफेद मिठाई का दान करें.
महालक्ष्मी के आगमन के संकेत
- घर में अचानक काली चींटियों का गोल आकार में घूमना या झुंड दिखना महालक्ष्मी के आगमन का संकेत माना जाता है.
- मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू यदि बार-बार आसपास दिखाई दे या घर के पास आवाज करे, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है.
- यदि तुलसी के पौधे या गमले पर छिपकली दिखाई दे, या सूर्यास्त के समय एक साथ तीन छिपकलियां दिख जाएं, तो यह धन लाभ का संकेत है.
- कम भूख लगना, सात्विक भोजन की इच्छा होना और मन में हमेशा संतोष व प्रसन्नता रहना भी माता लक्ष्मी की कृपा का संकेत है.
पूजा करते समय यदि अचानक दीपक की रोशनी या लौ तेज और उज्ज्वल होने लगे, तो इसे भी शुभ माना जाता है. - सुबह घर से निकलते ही यदि कोई सफाई कर्मी या कूड़े वाली गाड़ी दिख जाए, तो इसे भी अच्छा दिन और लक्ष्मी आगमन का संकेत कहते हैं.
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