औद्योगिक राजधानी सतना में नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण, हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण कर आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Satna Airport: विन्ध्य क्षेत्र की औद्योगिक राजधानी सतना में भी नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है. करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से इस एयरपोर्ट की पूर्व निर्मित हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण किया गया है और आधुनिक स्वरूप देने का प्रयास किया गया है. भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (AAI) ने निर्माण कार्य 31 अक्टूबर 2024 को पूर्ण कर लिया था और DGCA द्वारा 20 दिसंबर 2024 को लाइसेंस जारी कर दिया गया. इस एयरपोर्ट पर 12 सौ मीटर लंबा रनवे, 750 वर्गमीटर में निर्मित टर्मिनल बिल्डिंग और एक समय में दो एयरक्राफ्ट पार्किंग की व्यवस्था है. यह एयरपोर्ट अब 19 सीटर विमानों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है.
एयरपोर्ट में सभी आधुनिक सुविधाएं
एटीसी टावर, फायर स्टेशन, वीआईपी लाउंज, दिव्यांग और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, ट्रांसफार्मर, डीजी सेट, एम्बुलेंस और सुरक्षा व्यवस्थाएं छोटे स्वरूप में उपलब्ध कराई गई हैं. यह एयरपोर्ट सतना ही नहीं, बल्कि पूरे विन्ध्य क्षेत्र के उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाएगा.
औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन की आसीम संभावना
सतना के एयरपोर्ट के प्रारंभ होने से देश और दुनिया में प्रसिद्ध मैहर की शारदा देवी, भगवान श्री राम की वनस्थली चित्रकूट और ज्ञान के तीर्थ के रूप में विकसित नानाजी देशमुख ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट आने वालों के लिए बड़ी सुविधा मिल जाएगी. सतना और आसपास का क्षेत्र खनिजों के साथ सीमेंट आदि कारखानों के लिए आने वाले उद्योगपतियों के लिए भी सुविधाजनक हवाई सफर सुनिश्चित हो सकेगा.
दतिया को भी मिली हवाई सेवा की सौगात
प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पीतांबरा की नगरी दतिया अब हवाई सेवा से देश और दुनिया से जुड़ जाएगा. यहां का एयपरपोर्ट 60 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. 124 एकड़ में फैले एयरपोर्ट पर प्रारंभिक चरण में 19 सीटर एयरक्राफ्ट उतर सकेंगे. नया एयरपोर्ट पर 1.81 किलोमीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है. एयरपोर्ट की पार्किंग में लगभग 50 कार पार्क की जा सकेंगी. यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर दो चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं.
शहरवासियों को मिलेगा हवाई यात्रा का आनंद
सतना में अब लोगों का सफर और आसान होगा. बस, ट्रेन के साथ ही यहां के निवासी अब हवाई यात्रा का भी आनंद ले सकेंगे. लंबी दूरी को अब कम समय में तय कर सकेंगे. सतना एयरपोर्ट 30 करोड़ की लागत से बनाया गया है. यहां से 19 सीटर कमर्शियल फ्लाइट उड़ान भर सकेंगी. इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया जनवरी 2024 से शुरू हुई थी. एयरपोर्ट के बनने से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के निवासियों को भी बड़ा लाभ होगा. बेहतर एयर कनेक्टिविटी से विकास की गति तेज होगी. सतना पहले से ही सीमेंट नगरी के रूप में प्रसिद्ध है. इस एयरपोर्ट के निर्माण से यहां विकास के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे बड़े उद्योगों को निवेश करने में सहायता मिलेगी.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी बधाई
सतना को मिली इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बधाई देते हुए सोशल मीडिया एक्स (X) पर लिखा है, “विकसित मध्यप्रदेश की ओर एक और उड़ान. मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित नवनिर्मित सतना एयरपोर्ट को डीजीसीए का लाइसेंस प्राप्त होने पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं… सिंधिया ने इस सौगात के लिये देश के पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू का आभार व्यक्त किया है.
रीवा में बाद में बना एयरपोर्ट और फ्लाइट जल्दी चली
यह विडंबना है कि सतना में पहले से एयरपोर्ट के लिए जमीन चिन्हित थी और यहां एयरपोर्ट बनाने की पूरी संभावना नजर रही थी. क्योंकि यहां औद्योगिक विकास तेजी के साथ हो रहा था. सीमेंट की फैक्ट्री सतना और मैहर में ही सबसे ज्यादा हैं. इसके बावजूद यहां के एयरपोर्ट को बूम नहीं मिल सका और रीवा एयरपोर्ट बनाने से लेकर फ्लाइट चलवाने के मामले में आगे निकल गया.
सेंटर प्वाइंट होने का नहीं मिला फायदा
सतना जिले के लिए दुर्भाग्य की बात यह रही है कि बिंध्य प्रदेश का सेंटर प्वाइंट है. यहां से रीवा, सीधी, शहडोल, उमरिया, सिंगरौली की दूरी लगभग समान है. लेकिन इन सभी जिलों का सेंटर प्वाइंट रीवा को माना गया है और सबसे ज्यादा विकास की इबारत रीवा में लिखी जा रही है.
