मध्य प्रदेश में होने वाले दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है. उपचुनाव की घोषणा के बाद नरोत्तम मिश्रा ने नामांकन पत्र तक खरीद लिया था.
Source : MEDIA
Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Datia Bypoll 2026 News: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है. 3 बार के विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया गया है, जिसके कारण दतिया का बीजेपी दफ्तर बंद हो गया है. सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है. नगर अध्यक्ष सहित कई पार्षद, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा बीजेपी आलाकमान को सौंप दिया है. यहां बतादें कि दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है. जिसके बाद से नरोत्तम समर्थक टिकट कटने के कारण भारी विरोध करना प्रारंभ कर दिया है और NH-44 पर उतर आए हैं, जिसके कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया है. बताया जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव के लिए फॉर्म तक खरीद लिया था. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में नरोत्तम चुनाव हार गए थे. लेकिन जब से उपचुनाव का ऐलान हुआ, वो क्षेत्र में एक्टिव हो गए थे. इस सीट से वो तीन बार विधायक रह चुके हैं. दतिया सीट को बीजेपी का ‘गढ़’ माना जाता है.
30 जुलाई को होनी हैं वोटिंग और 3 अगस्त को आएंगे नतीजे
बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी मिलने के बाद ही इस सीट पर नए उम्मीदवार के रूप में आशुतोष तिवारी के नाम पर मोहर लगी है. दतिया विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव 30 जुलाई को होगा और परिणाम 3 अगस्त को घोषित किया जाएगा.
राजेंद्र भारती के अयोग्य होने से हुई है सीट खाली
दतिया सीट धोखाधड़ी के एक मामले में कांग्रेस के निर्वाचित विधायक राजेंद्र भारती को अदालत द्वारा दोषी माना गया था. जिसके बाद विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो गई थी. उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण यह सीट खाली हुई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को धोखाधड़ी के उक्त मामले में भारती की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें 1998 और 2011 के बीच गैर-कानूनी तरीके से ब्याज का भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया था. भारती की सजा पर रोक लगाने की याचिका पर फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति मनोज जैन ने कहा, ‘‘हम इसे खारिज कर रहे हैं.’’
निचली अदालत से सुनाई गई थी 3 साल की सजा
निचली अदालत ने 2 अप्रैल को, जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष भारती को इस मामले में तीन साल की कैद की सजा सुनाई थी. यह मामला मध्य प्रदेश के दतिया से संबंधित है. मामले को पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था, क्योंकि बचाव पक्ष के गवाहों को डराने-धमकाने के प्रयास किये जाने का दावा किया गया था.
नरोत्तम मिश्रा को बड़ा झटका!
मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा सीट पर उप चुनाव को लेकर जिस प्रकार से बीजेपी ने अपने नए प्रत्याशी का चयन किया है. उसे देखते हुए बीजेपी ने कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को बड़ा झटका दिया है और नए प्रत्याशी के रूप में आशुतोष तिवारी को टिकट देकर नया संदेश देने की कोशिश की है. जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि अब नए कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा. वर्षों से जमे नेता अब बीजेपी की बागडोर नहीं सम्हालेंगे.
प्रत्याशी ने कहा पार्टी का आभार
मीडिया से चर्चा के दौरान दतिया सीट से बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि, ”मैं छोटा सा कार्यकर्ता हूं, मुझे पार्टी ने टिकट दिया है इसके लिए मैं पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं. नरोत्तम मिश्रा हमारे वरिष्ठ नेता हैं, वो प्रचार भी करेंगे.”
कौन हैं आशोतोष तिवारी?
आशुतोष तिवारी बीजेपी के युवा रणनीतिकार माने जाते हैं. वो बीजेपी के मध्य प्रदेश संगठन के सक्रिय और प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल हैं. संगठन को मजबूत करने की पहल में उनका भी अहम योगदान माना जाता है. जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और विभिन्न अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका और को-ऑर्डिनेट करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें बीजेपी में प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई. आशुतोष तिवारी लंबे वक्त से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वैचारिक और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं.
बीजेपी के अलग-अलग प्रकोष्ठों की है बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी के रूप में उनके जिम्मे बीजेपी के अलग-अलग प्रकोष्ठों- जैसे चिकित्सा, विधि, व्यापार, आईटी, पर्यावरण, सहकारिता और अन्य विषयगत प्रकोष्ठों के कार्यों का को-ऑर्डिनेशन, संगठन विस्तार और गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी है. उनका उद्देश्य इन प्रकोष्ठों को समाज के विभिन्न वर्गों से जोड़ते हुए पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाना है.
दतिया में कब है उपचुनाव?
चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक दतिया उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग होगी. 13 जुलाई नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख है. नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी और प्रत्याशी के नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 16 जुलाई है. उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को आएंगे.
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खरीद लिया था फॉर्म
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक रूप से पारा आसमान में है. बताया जा रहा है कि बुधवार (08 जुलाई) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपना नामांकन पत्र खरीद लिया था. लेकिन अचानक पार्टी हाईकमान ने दतिया सीट के लिए नए उम्मीदवार के आधिकारिक नाम का ऐलान कर दिया, जिसके बाद से राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है.
3 दिन में बिके 9 फॉर्म
सोमवार (पहला दिन): आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव और केशव यादव.
मंगलवार (दूसरा दिन): कांग्रेस नेता अवधेश नायक के साथ हरदास और रामसिंह.
बुधवार (तीसरा दिन): डॉ. नरोत्तम मिश्रा, बालकिशन विश्वकर्मा, वेदराम कुर्मी और हंसमुखी लोधी.

