By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: पितृ पक्ष में न जाने किस रूप में आ जाएं पूर्वज? भूलकर भी न करें अपमान
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > पितृ पक्ष में न जाने किस रूप में आ जाएं पूर्वज? भूलकर भी न करें अपमान
Religion

पितृ पक्ष में न जाने किस रूप में आ जाएं पूर्वज? भूलकर भी न करें अपमान

DB News
Last updated: 30/09/2025 11:45 AM
DB News
Share
5 Min Read
SHARE

पितृ पक्ष आज 7 सितंबर से आरंभ हो रहे हैं और 21 सितंबर तक चलेगें. माना जाता है कि इस दौरान पूर्वज आशीर्वाद देने के लिए किसी न किसी जरूर आते हैं.

By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Pitru Paksha 2025: भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक पितृ पक्ष चलते हैं. यानि आज 7 सितंबर से आरंभ हो रहे हैं और 21 सितंबर तक चलेगें. इन 15 दिनों में लोग अपने पूर्वजों की मृत आत्मा को बैकुण्ड प्रस्तान करने के उद्देश्य से श्राद्ध, पिंडदान या तर्पण आदि करते हैं. इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होकर अपने वंश को आशीर्वाद देते हैं.

Contents
पितृ पक्ष आज 7 सितंबर से आरंभ हो रहे हैं और 21 सितंबर तक चलेगें. माना जाता है कि इस दौरान पूर्वज आशीर्वाद देने के लिए किसी न किसी जरूर आते हैं.By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थीइन 15 दिनों में आते हैं पूर्वजकिन रूपों में आ सकते हैं पितृसाधु-संत-कौआ-कबूतर या गौरेया-गाय-कुत्ते-इन ब्राम्हणों को श्राद्ध का भोज कराएऐसे ब्राम्हणों को कतई न बुलाएं

पितृ पक्ष में पिंडदान और श्राद्ध करना पितरों के प्रति सम्मान प्रकट करना और उन्हें श्रद्धांजलि देने का विशेष अवसर होता है. लेकिन इस समय आपके द्वारा जाने-अनजाने में किए कुछ कामों से पितृ दु:खी भी हो सकते हैं.

इन 15 दिनों में आते हैं पूर्वज

ऐसी मान्यता है कि, पितृ पक्ष के 15 दिनों में पूर्वज धरती पर आते हैं और किसी न किसी रूप में अपने परिवार से मिलते हैं. अगर आप जाने-अनजाने में पितरों का अनादर या उपेक्षा करेंगे तो इससे पितृ आपसे रुष्ट भी हो सकते हैं. इसलिए यह जान लीजिए कि पितृ पक्ष में पितर किन रूपों में आते हैं.

किन रूपों में आ सकते हैं पितृ

साधु-संत-

पितृ पक्ष के समय घर पर साधु-संत, फकीर या कोई भिक्षुक आए तो भूलकर भी उनका अपमान न करें और ना ही उन्हें खाली हाथ लौटाएं. क्योंकि इन्हें भी पितरों का रूप माना जाता है. इसलिए इन्हें भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर ही विदा करें.

कौआ-

कौआ को पितरों का रूप माना जाता है. इसलिए श्राद्ध में पितरों के लिए बनाया गया भोजन कौवे के लिए भी निकाला जाता है.

कबूतर या गौरेया-

पितृ पक्ष में कबूतर, गौरेया जैसे पक्षियों का घर आना भी पितरों के आगमन का रूप हो सकता है.

गाय-कुत्ते-

पितृ पक्ष के समय गाय और कुत्ते जैसे पशुओं का अनादर भी नहीं करना चाहिए. अगर ये पशु घर के द्वार पर आए तो इन्हें दुत्कार कर भगाने के बजाय कुछ न कुछ खाने के लिए जरूर दें. इससे भी पितृ प्रसन्न होंगे.

इन ब्राम्हणों को श्राद्ध का भोज कराए

  • ऐसे ब्राह्मण जो वेदों और उपनिषदों का अच्छा ज्ञान रखता हो.
  • ऐसा ब्राम्हण जो वेदों के सभी 6 अंगों का अध्ययन कर चुका हो, यानी उसे शास्त्रों की गहरी समझ हो.
  • ऐसा ब्राम्हण जिसके आचरण शुद्ध हों, वह सत्य बोलने वाला हो.
  • ऐसे ब्राम्हण जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ठीक हो.
  • ब्राह्मण पुत्री का पुत्र (भांजा) हो, तो उसे भी भोजन कराने का पुण्य फल मिलता है.
  • मृत व्यक्ति का कोई खास मित्र ब्राह्मण हो, तो उसे भी भोजन कराने का शास्त्रों में विशेष महत्व बतलाया गया है.

ऐसे ब्राम्हणों को कतई न बुलाएं

  • ऐसे ब्राम्हण जो झूठ बोलते हैं.
  • ऐसे ब्राम्हण जिनके शरीर में कोई अंग दोष हो या जो किसी संक्रामक बीमारी से पीड़ित हों.
  • ऐसे ब्राम्हण जिनके दांत काले हों, जो नशा करते हों.
  • ऐसे ब्राम्हण जो गायत्री मंत्र का जाप न करते हों, उन्हें भी श्राद्ध के भोज में शामिल नहीं करना चाहिए.
  • शास्त्रों में यह भी लिखा है कि जो ब्राह्मण वेदों की शिक्षा पैसे लेकर देते हैं या चुगली और झूठ बोलने की आदत रखते हैं, उन्हें भी श्राद्ध भोज में शामिल नहीं करना चाहिए.

Disclaimer: यहां सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां DB News Update  किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेंते है.

You Might Also Like

जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें तारीख और पूजा का मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा के बीज मंत्र को सिद्ध करने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें विधि

कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

चरणामृत फायदेमंद है या फिर पंचामृत, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें क्या है रहस्य

TAGGED:Daily HoroscopeDB NewsDB News UpdateDBNewsupdatedivya bhumi updateJbp NewsMP NEWS
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Surprise1
Angry0
Previous Article गया जी के अलावा इन 7 जगहों पर भी पिंडदान करने से मिलता है पितरों को मोक्ष
Next Article श्राद्ध संस्कारों में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा का है विधान, जानें वजह…
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

7 दिन में ही 70 रुपये किलो बिकने लगी चीनी
Business 23/08/2026
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को खत्म करने देर रात पुलिस ने दिखाई सख्ती…
National 22/08/2026
मैहर शारदा लोक का रास्ता हुआ साफ, जिले को 256 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
Madhya Pradesh 20/08/2026
लाल किले पर PM मोदी ने फहराया तिरंगा
National 15/08/2026
//

यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

Quick Link

  • About Us
  • Contact
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Sitemap

Top Categories

  • Fashion
  • Health
  • Religion
  • Science
  • Technology
  • Travel

Contact Us

//

Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

Editor – Miss. Supriya 8815353246.

DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Follow US
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
  • Advertise
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?