By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: पृथ्वी पर आज भी भगवान परशुराम मौजूद हैं?
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > पृथ्वी पर आज भी भगवान परशुराम मौजूद हैं?
Religion

पृथ्वी पर आज भी भगवान परशुराम मौजूद हैं?

DB News
Last updated: 25/10/2025 12:48 PM
DB News
Share
4 Min Read
SHARE

परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार कहा जाता है. पुराणों के अनुसार भगवान परशुराम ने अभिमानी हैहय क्षत्रिय वंशों का 21 बार संहार कर भूमि को क्षत्रिय विहिन कर दिया था.

By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Contents
परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार कहा जाता है. पुराणों के अनुसार भगवान परशुराम ने अभिमानी हैहय क्षत्रिय वंशों का 21 बार संहार कर भूमि को क्षत्रिय विहिन कर दिया था.21 बार हैहय क्षत्रिय वंशों का संहार किया कियाक्षत्रियों को 21 बार क्यों मारापरशुराम इस वध का प्रायश्चित भी किया

Parashurama Jayanti 2025: हर साल वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती है. इस साल 2025 में तृतीया तिथि की शुरुआत 29 अप्रैल को शाम 05 बजकर 31 पर होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 02 बजकर 12 तक रहेगी. वैसे तो हिंदू धर्म के अधिकतर पर्व-त्योहार उदयातिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, लेकिन भगवान परशुराम का अवतार प्रदोष काल में हुआ था, इसलिए मंगलवार 29 अप्रैल 2025 को ही परशुराम जयंती मनाई जाएगी.
भगवान परशुराम सृष्टि के पालनहार श्रीहरि विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं. साथ ही परशुराम ऐसे देवता है जिन्हें चिरंजीवी का आशीर्वाद प्राप्त है. माना जाता है कि आज भी पृथ्वी पर भगवान परशुराम मौजूद हैं और कलयुग के अंत तक रहेंगे. भगवान शिव से इन्हें चिरंजीवी का वरदान प्राप्त हुआ.

21 बार हैहय क्षत्रिय वंशों का संहार किया किया

परशुराम भगवान की पूजा करने से बल, साहस और शक्ति का वरदान मिलता है और भय दूर होता है. जीवन में सफलता और तरक्की के मार्ग खुलते हैं. परशुराम भगवान को क्रोध बहुत जल्दी आ जाता है और क्रोध में आकर वे कुछ भी कर देते थे. पुराणों के अनुसार कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने एक संकल्प को पूरा करने के लिए 21 बार हैहय क्षत्रिय वंशों का संहार किया किया था. आइए जानते हैं ऐसी कौन सी वजह थी कि, परशुराम ने क्षत्रियों को 21 बार मारा था?

क्षत्रियों को 21 बार क्यों मारा

एक बार परशुराम और सहस्त्रार्जुन का युद्ध हुआ. सहस्त्रार्जुन को महिष्ती सम्राट होने का बहुत घमंड था. वह धर्म की सभी सीमाओं का लांघ चुका था. धार्मिक ग्रंथ, वेद-पुराण और ब्राह्मणों का अपमान करता है, ऋषियों के आश्रम को नष्ट करता था. परशुराम अपने परशु (अस्त्र) को लेकर सहस्त्रार्जुन के नगर महिष्मतिपुरी पहुंचे. यहां सहस्त्रार्जुन और परशुराम के बीच युद्ध हुआ, जिसमें परशुराम के प्रचंड बल के आगे सहस्त्रार्जुन की हार हुई. परशुराम ने सहस्त्रार्जुन की हजारों भुजाएं और धड़ अपने परशु से काटकर कर अलग कर दिया.

परशुराम इस वध का प्रायश्चित भी किया

सहस्त्रार्जुन के वध के बाद पिता के आदेश से परशुराम इस वध का प्रायश्चित करने तीर्थ पर चले गए. लेकिन मौका पाकर सहस्त्रार्जुन का पुत्र अपने सहयोगी क्षत्रियों के साथ तपस्या कर रहे महर्षि जमदग्रि के आश्रम पहुंचे और सिर काटकर उनका वध कर दिया और आश्रम को भी जला दिया. माता रेणुका ने सहायता के लिए पुत्र परशुराम को विलाप स्वर में पुकारा. माता की पुकार सुनकर जब परशुराम आश्रम पहुंचे तो देखा कि माता विलाप कर रही है और उनके समीप ही पिता का सिर धड़ से अलग है और शरीर पर 21 घाव दिखे.

यह देखकर परशुराम को बहुत क्रोध आ गया और उसी समय उन्होंने शपथ ली कि हैहय वंश का सर्वनाश कर देंगे और साथ ही उसके सहयोगी क्षत्रियों का भी 21 बार संहार कर भूमि को क्षत्रिय विहिन कर देंगे. पुराणों के अनुसार परशुराम ने 21 बार पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन कर अपने संकल्प को पूरा किया था.

Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

You Might Also Like

जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें तारीख और पूजा का मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा के बीज मंत्र को सिद्ध करने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें विधि

कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

चरणामृत फायदेमंद है या फिर पंचामृत, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें क्या है रहस्य

TAGGED:DB NewsDB News UpdateDBNewsupdatedivya bhumi updateJbp NewsParashurama Jayanti
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
What do you think?
Love1
Sad0
Happy0
Surprise0
Angry0
Previous Article ‘हिंदुओं से अलग, कलमे की बुनियाद पर बना पाकिस्तान’
Next Article आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, पढ़ें आज का राशिफल
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

7 दिन में ही 70 रुपये किलो बिकने लगी चीनी
Business 23/08/2026
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को खत्म करने देर रात पुलिस ने दिखाई सख्ती…
National 22/08/2026
मैहर शारदा लोक का रास्ता हुआ साफ, जिले को 256 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
Madhya Pradesh 20/08/2026
लाल किले पर PM मोदी ने फहराया तिरंगा
National 15/08/2026
//

यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

Quick Link

  • About Us
  • Contact
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Sitemap

Top Categories

  • Fashion
  • Health
  • Religion
  • Science
  • Technology
  • Travel

Contact Us

//

Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

Editor – Miss. Supriya 8815353246.

DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Follow US
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
  • Advertise
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?