दुनिया के किसी आयोजन में इतनी भीड़ नहीं जुटी, प्रयागराज महाकुंभ को आज से दो दिन नो व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maha Kumbh 2025 Prayagraj: प्रयागराज महाकुंभ में 13 जनवरी से अब तक 50 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं. यह अमेरिका की कुल आबादी (33 करोड़) से ज्यादा है. आज तक दुनिया के किसी आयोजन में इतनी भीड़ नहीं जुटी है. महाकुंभ खत्म होने में अभी 12 दिन बाकी हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 16 फरवरी को संगम में डुबकी लगाएंगे. प्रयागराज महाकुंभ को आज से दो दिन नो व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया है. महाकुंभ 13 जनवरी को शुरू हुआ था और हिंदुओं के बीच पवित्र माने जाने वाले गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम त्रिवेणी संगम के तट पर 26 फरवरी तक चलेगा.
वीकेंड को देखते हुए फैसला
दरअसल माघ पूर्णिमा स्नान से पहले आए वीकेंड पर भी प्रयागराज में भारी संख्या में भीड़ देखने को मिली थी, जिसकी वजह से आसपास के जिलों में भी वाहनों की लंबी क़तार लग गई थी और भयंकर जाम लग गया था. श्रद्धालुओं को भी जाम की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा इस दौरान महाकुंभ आए लोगों को कई किमी दूर तक पैदल चलकर संगम तक पहुंचना पड़ा. यही नहीं पूरे प्रयागराज में व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी.
वहीं, महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की अब तक की संख्या (50 करोड़ पार) को देखा जाए तो केवल भारत और चीन की जनसंख्या ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं से अधिक है. जबकि, अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस और मैक्सिको की जनसंख्या भी इससे कहीं पीछे है. यह दिखाता है कि महाकुंभ अब केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह सनातन धर्म के विराट स्वरूप का प्रतीक बन चुका है.
स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा
मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान उस शिखर के भी पार पहुंच गया है, जिसकी महाकुंभ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी. सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा. उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी.
55 से 60 करोड़ के ऊपर जा सकती है श्रद्धालुओं की संख्या
उनका यह आकलन 11 फरवरी को ही सच साबित हो गया था. वहीं, शुक्रवार (14 फरवरी) को यह संख्या 50 करोड़ के ऊपर पहुंच चुकी है. अभी महाकुंभ में 12 दिन और एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष है. पूरी उम्मीद है कि स्नानार्थियों की यह संख्या 55 से 60 करोड़ के ऊपर जा सकती है. यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था.
पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
1 फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी. माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पावन स्नान किया था.
दुनिया भर के देशों की जनसंख्या
यूपी सरकार ने कहा, केवल भारत और चीन की आबादी ही महाकुंभ में आ चुके श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में ज्यादा है. इसके विपरीत अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और ब्राजील जैसे देश काफी पीछे हैं. अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में भारत (एक अरब 41 करोड़ 93 लाख 16 हजार 933), चीन (एक अरब 40 करोड़ 71 लाख 81 हजार 209), अमेरिका (34 करोड़, 20 लाख 34 हजार 432), इंडोनेशिया (28 करोड़, 35 हजार 87 हजार 097), पाकिस्तान (25 करोड़ 70 लाख 47 हजार 044), नाइजीरिया (24 करोड़ 27 लाख 94 हजार 751), ब्राजील (22 करोड़, 13 लाख 59 हजार 387), बांग्लादेश (17 करोड़ एक लाख 83 हजार 916), रूस (14 करोड़, एक लाख, 34 हजार 279) और मेक्सिको (13 करोड़ 17 लाख 41 हजार 347) शामिल हैं.


