अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय ने राम मंदिर फंड में कथित गबन की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की, एमपी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित शंकराचार्य ने भी उठाए सवाल…
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ayodhya Ram Mandir News: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे को लेकर सवाल उठाए गए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि चढ़ावे की राशि के जेवरात भी गायब हैं. इसमें करोड़ों रुपये का सोना-चांदी शामिल हैं. दो किलो की सोने की गदा गायब होने की भी चर्चा है. हालांकि इन दावों में कितनी सच्चाई है? यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन अभी इस बारे में स्पष्ट रूप से कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है.वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट से यह भी पता लग रहा है कि मंदिर की वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ की है. आधिकारिक सूत्रों के माध्यम से यह जानकारी दी गई है. आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जांच टीम ने दान राशि की गिनती करने और ट्रस्ट का रिकॉर्ड रखने वाले लोगों से भी पूछताछ की है. सूत्रों के अनुसार, राय और राव दोनों से दान की राशि, मंदिर के अंदर की व्यवस्थाओं और उससे जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की है.
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के सदस्यों लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन ने राय और राव से अलग-अलग पूछताछ की. इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों को दूर रखा गया. सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के अलावा टीम ने कई रिकॉर्ड की जांच की. उसने दान पेटियों का निरीक्षण किया, पेटियों की संख्या गिनी और पूरी प्रक्रिया के रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए.
एसआईटी प्रमुख पंत ने रामलला के गर्भगृह के सामने भूतल पर स्थित उस कमरे का निरीक्षण किया, जहां दान में मिले आभूषण व अन्य धातुएं रखी जाती हैं, और इसकी जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के कर्मचारी कृष्णदेव तिवारी से पूछताछ की. एसआईटी के सदस्य शाम तक राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद रहे. अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी को बताया गया कि ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक और संग्रह एजेंसी से जुड़े लगभग 40 कर्मचारी नकदी गिनने का काम करते हैं और दो पालियों में काम करते हैं. तीन व्यक्तियों ने अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया.
मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए
उत्तर प्रदेश के अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय ने यह सवाल भी किया कि इतने बड़े स्तर पर ईश्वर की संपत्ति के कथित दुरुपयोग के बावजूद अब तक प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई है. उन्होंने यह भी मांग की कि मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए और जब तक उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोपों का सामना कर रहे ट्रस्ट के सभी सदस्यों को मंदिर परिसर में प्रवेश से रोका जाए.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, ‘हमें तो पता था कि…’
गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जनजागरण अभियान चला रहे ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बागपत के बड़ौत पहुंचे. जहां उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर लोगों से आगे आने की अपील की. इस दौरान उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और सनातन परंपरा को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि वहां तो पहले से ही चोरी हो रही है.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जब बड़ौत के कोताना रोड स्थित सर्व समाज उत्थान समिति के कार्यालय पहुंचे तो समाज के लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि गौमाता सिर्फ आस्था का विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं.
राम मंदिर में चोरी के सवाल पर कही ये बात
अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी से जब राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी कोई नई बात नहीं है. आप लोगों ने इसे अब उठाया है लेकिन, वहां चोरी तो बहुत पहले से हो रही है. पूत के लक्षण पालने में दिख जाते हैं. जब वहां मंदिर बनना था, कोई भी काम होता तो विशेषज्ञों को बुलाया जाता है.
वहां मंदिर बनाने के लिए 4 शंकराचार्य और 13 अखाड़ों के प्रमुख पहले से तैयार थे लेकिन, उनको हटा दिया और अपने ख़ास लोगों को ट्रस्ट में रखा गया, जब आप अपने खास आदमी ट्रस्ट में रखते हैं तो इसका मतलब है कि ऐसा इसलिए हुआ कि वो अपने काम कर सकें. उसी समय पता चल गया कि चोरी होने वाली है.
सनातन परंपरा और राजनीतिक हिंदुत्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों को अलग-अलग नजरिए से समझने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि उनका अभियान किसी विवाद के लिए नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने और भारतीय संस्कृति की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.
दिग्विजय सिंह ने चंपत राय को बताया ‘सबसे भ्रष्ट’
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंजीकरण और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सीहोर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान RSS और राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय पर जमकर निशाना साधा. इसके अलावा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के फंड की जांच की भी मांग की है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के स्थापित नियमों का हवाला देते हुए कहा कि देश में किसी भी समिति या आयोजन के लिए पंजीयन (रजिस्ट्रेशन), सदस्यता और बैंक खाते का होना अनिवार्य है. RSS एक ऐसी संस्था है जिसका कोई आधिकारिक पंजीयन नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है, तो वहां जो पैसा इकट्ठा होता है, वह आखिर जाता कहां है? इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.
मोहन भागवत के तर्क पर किया कटाक्ष
RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयानों पर तंज कसते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “भागवत जी कहते हैं कि हम रजिस्ट्रेशन इसलिए नहीं कराते क्योंकि हिंदू धर्म का कोई पंजीयन नहीं होता. अब आप ही बताइए, हिंदू धर्म हमारा हजारों साल पुराना है, तब रजिस्ट्रेशन कहां होता था? आज ये लोग इस तरह के तर्क देकर बच रहे हैं.”
चंपत राय को बताया ‘सबसे भ्रष्ट’
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर तीखा हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वहां अयोध्या में भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय वहां के सबसे भ्रष्ट व्यक्ति हैं जो पूरे कार्य के प्रभारी बने हुए हैं. इसके साथ ही उन्होंने देश और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक व प्रशासनिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में आज जैसी बदतर हालत पहले कभी नहीं देखी.

