फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ट्रॉफी वितरण करने अमेरिकी राष्ट्रपति अब खूब हो रहे हैं ट्रोल, फीफा विश्वकप ट्रॉफी देकर भी क्यों नहीं छोड़ा डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेज?
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
FIFA World Cup 2026: अमेरिका के न्यू जर्सी में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व चैंपियन बन गया है. फाइनल मुकाबले में निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं. इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में स्पेन के फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर टीम को 1-0 की जीत दिला दी. इसी जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया. लेकिन मैच खत्म होने के बाद ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई एक हरकत बवाल का कारण बन गई. दरअसल ट्रॉफी और मेडल सौंपने के बाद भी ट्रंप स्टेज से नहीं हटे, जिसके चलते स्पेन के खिलाड़ियों का ऐतिहासिक जश्न प्रभावित होता नजर आया. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर जमकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
आपा खो बैठे लिएंड्रो परेडेस
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन से मिली हार के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस अपना आपा खो बैठे. मुकाबला खत्म होते ही मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. परेडेस ने पहले स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया से भिड़ंत की और फिर मिडफील्डर गावी के साथ भी धक्का-मुक्की कर दी. इस पूरी घटना के बाद रेफरी ने उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया.
फेरान टोरेस ने दिलाई स्पेन को जीत
फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया. निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं. इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में निर्णायक गोल दागा. निको विलियम्स के हेडर से मिली गेंद को शानदार तरीके से कंट्रोल करने के बाद टोरेस ने बाएं पैर से दमदार शॉट लगाया, जिसे अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज नहीं रोक सके. इसी गोल की बदौलत स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीत ली.
ट्रॉफी सेरेमनी में ट्रंप ने नहीं छोड़ा मंच
फीफा फाइनल मुकाबले के बाद ट्रॉफी वितरण समारोह के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन के खिलाड़ियों को मेडल और कप्तान को ट्रॉफी सौंपी. आमतौर पर इस प्रक्रिया के बाद सभी अतिथि मंच छोड़ देते हैं, लेकिन ट्रंप वहीं खड़े रहे. इसी वजह से स्पेन के खिलाड़ियों का ट्रॉफी उठाने वाला यादगार पल भी चर्चा का विषय बन गया.
ट्रंप स्टेज पर ही डटे रहे, दूसरे मेहमान उतर गए
ट्रॉफी सेरेमनी में मौजूद अन्य अंतरराष्ट्रीय मेहमान, जिनमें मेक्सिको की राष्ट्रपति और कनाडा के प्रधानमंत्री भी शामिल थे, सम्मान देने के तुरंत बाद मंच से नीचे उतर गए. हालांकि ट्रंप खिलाड़ियों के बीच ही खड़े रहे और कैमरों के सामने बने रहे. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे अनावश्यक बताया और कहा कि इससे खिलाड़ियों के जश्न का फोकस बंट गया.
फीफा अध्यक्ष को करना पड़ा इशारा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब स्पेन के कप्तान ट्रॉफी उठाने की तैयारी कर रहे थे, तब भी ट्रंप मंच पर मौजूद थे. स्थिति को देखते हुए फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो उनके पास पहुंचे और उन्हें स्टेज छोड़ने का संकेत दिया. इसके बाद ट्रंप मंच से नीचे उतरे और स्पेन की टीम ने अपना आधिकारिक जश्न मनाया.
सोशल मीडिया पर हुई तीखी आलोचना
ट्रंप के मंच पर रुके रहने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. कई फुटबॉल प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने खिलाड़ियों के सबसे यादगार पल में अनावश्यक दखल दिया. कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि 2025 के क्लब वर्ल्ड कप के दौरान भी ट्रंप के व्यवहार को लेकर इसी तरह की चर्चाएं हुई थीं.
फाइनल के बाद मैदान पर मचा बवाल
स्पेन के विश्व चैंपियन बनने की पुष्टि होते ही खिलाड़ी जश्न मनाने लगे. इसी दौरान लिएंड्रो परेडेस और एरिक गार्सिया के बीच कहासुनी शुरू हो गई. कुछ ही पलों में विवाद इतना बढ़ गया कि परेडेस ने गार्सिया को लात मार दी, जिससे वह मैदान पर गिर पड़े. गार्सिया के उठते ही परेडेस ने उनका गला भी पकड़ लिया. इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी और स्टाफ बीच-बचाव के लिए मैदान पर पहुंच गए.
गावी के साथ भी हुई हाथापाई
मामला शांत कराने पहुंचे स्पेन के युवा मिडफील्डर गावी भी परेडेस के गुस्से का शिकार बन गए. रिपोर्ट के मुताबिक परेडेस ने गावी को भी धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. इसके बाद मैदान पर खिलाड़ियों की भीड़ मामला शांत करने के लिए जमा हो गई. कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा.
रेड कार्ड के साथ बढ़ सकती है मुश्किल
मैच अधिकारियों ने इस घटना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए लिएंड्रो परेडेस को रेड कार्ड दिखा दिया. इसके चलते वह अगले मुकाबले से बाहर रहेंगे. वहीं फीफा की अनुशासन समिति अब पूरे मामले की जांच करेगी. अगर इस जांच में परेडेस दोषी पाए जाते हैं तो उन पर अतिरिक्त मैचों के लिए प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है.
चैंपियन स्पेन को कितनी धनराशि मिली?
वर्ल्ड कप फाइनल में चैंपियन टीम स्पेन को 50 मिलियन डॉलर मिले. भारतीय मुद्रा में देखें तो करीब 481 करोड़ रुपये स्पेन को मिले हैं. बता दें कि इस बार कुल इनामी राशि में पिछले संस्करण की तुलना में 65 प्रतिशत इजाफा हुआ.
सभी टीमों को मिली प्राइज मनी…
- चैंपियन (स्पेन)- 481 करोड़ रुपये
- रनर-अप (अर्जेंटीना)- 318 करोड़ रुपये
- तीसरा स्थान (इंग्लैंड)- 279 करोड़ रुपये
- चौथा स्थान (फ्रांस)- 259 करोड़ रुपये
- क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीम- 183 करोड़ रुपये
- प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीम- 144 करोड़ रुपये
- राउंड ऑफ 32 तक पहुंचने वाली टीम- 106 करोड़ रुपये
- ग्रुप स्टेज से बाहर हुई टीम- 87 करोड़ रुपये.

