By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: 2026 में भी हैं दो सूर्य ग्रहण, जानिए कब और कहां दिखेंगे!
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > 2026 में भी हैं दो सूर्य ग्रहण, जानिए कब और कहां दिखेंगे!
Religion

2026 में भी हैं दो सूर्य ग्रहण, जानिए कब और कहां दिखेंगे!

DB News
Last updated: 10/09/2026 9:38 AM
DB News
Share
6 Min Read
SHARE

ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना होती है. जनवरी में सौरजक ग्रहण और अगस्त में पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा.

Source : DB News Update

Contents
ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना होती है. जनवरी में सौरजक ग्रहण और अगस्त में पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा.17 फरवरी 2026 को पहला गोल सूर्य ग्रहण12 अगस्त 2026 को भी लगेगा सूर्य ग्रहणभारत में सूतक लगेगा या नहीं?ज्योतिषीय प्रभावसूर्य ग्रहण के प्रकारसूर्य ग्रहण शुभ है या अशुभसूर्य ग्रहण क्या होता है?वलयाकार सूर्य ग्रहण क्या होता है?सूर्य ग्रहण में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है. जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आता है तो सूर्य की रोशनी को पूर्ण या आंशिक रूप से ढक लेता है. इसी को सूर्य ग्रहण कहते हैं. हिंदू पंचाग की गणना के अनुसार साल 2026 में कुल 2 सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना घटेगी. जिसमें एक आंशिक तो एक पूर्ण ग्रहण होगा. आइए जानते हैं उनकी तारीख और समय के बारे में.

17 फरवरी 2026 को पहला गोल सूर्य ग्रहण

साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण लगेंगे. जिसमें 17 फरवरी 2026 को पहला गोल सूर्य ग्रहण लगेगा. जिसका समय करीब 12 बजकर 13 मिनट पर लगने की संभावना है.

हालांकि 17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण अंगूठी के आकार में दिखाई देगा. क्योंकि चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक नहीं पाएगा.
17 फरवरी को लगने वाला गोल सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से अंटार्कटिका और आंशिक रूप से दक्षिण अफ्रीका में दिखाई देगा.

12 अगस्त 2026 को भी लगेगा सूर्य ग्रहण

हिंदू पंचाग के अनुसार साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण, पूर्ण ग्रहण होने वाला है. जो 12 अगस्त 2026 को लगेगा. हालांकि स्थानीय समय क्षेत्र के मुताबिक सूर्य ग्रहण अलग-अलग समय पर दिखाई देगा. उत्तरी अटलांटिक और यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण शाम 5 से 6 बजे के करीब दिखाई देगा.

12 अगस्त 2026 को लगने वाला दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से आइसलैंड, ग्रीनलैंड, उत्तरी स्पेन और आंशिक रूप से कई देशों में दिखाई देगा.

भारत में सूतक लगेगा या नहीं?

चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इसका मतलब है कि मंदिरों के कपाट सामान्य समय के अनुसार ही खुलेंगे और बंद होंगे. ग्रहण का मंदिरों की दिनचर्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

ज्योतिषीय प्रभाव

यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में लग रहा है. इसलिए कर्क राशि के लोगों और आश्लेषा नक्षत्र में नक्षत्र में जन्मे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह ग्रहण सभी 12 राशियों को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा.

सूर्य ग्रहण के प्रकार

पूर्ण सूर्य ग्रहण – चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से कवर कर लेता है, और दिन में अंधेरा छा जाता है.
आंशिक सूर्य ग्रहण – चंद्रमा सूर्य का कुछ भाग ही ढकता है.
सौरजक ग्रहण – चंद्रमा सूर्य के मध्य आता है, लेकिन चंद्रमा का आकार छोटा होने के कारण सूर्य का किनारा किसी अंगूठी की तरह लगता है.
हाइब्रिड सूर्य ग्रहण – सूर्य ग्रहण कुछ जगहों से पूर्ण तो कुछ जगहों से सौरजक ग्रहण जैसा दिखता है.

सूर्य ग्रहण शुभ है या अशुभ

धार्मिक दृष्टि से ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं. कहते हैं ग्रहण के समय सूर्य का शुभ प्रभाव और शक्तियां कम हो जाती हैं. इसी कारण से इस दौरान किए गए शुभ कार्यों का अच्छा फल नहीं मिल पाता. सूर्य ग्रहण के समय पूजा-पाठ, शादी-ब्याह, नए कार्य की शुरुआत, गृह प्रवेश समेत सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है.

सूर्य ग्रहण क्या होता है?

सूर्य ग्रहण वह स्थिति है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं और चंद्रमा सीधे सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, जिससे हमारे ग्रह पर छाया पड़ती है और सूर्य के कुछ प्रकाश को अवरुद्ध कर देता है. वैज्ञानिकों द्वारा इन तीनों खगोलीय पिंडों की स्थिति को सिज़ीजी कहा जाता है.

वलयाकार सूर्य ग्रहण क्या होता है?

वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी सबसे दूर की स्थिति में होता है. चूंकि यह सूर्य से छोटा है, इसलिए यह उसे पूरी तरह से नहीं ढक पाता है, जिससे सूर्य के प्रकाश का एक पतला, चमकीला बाहरी वलय दिखाई देता है जिसे ‘अग्नि वलय’ कहा जाता है.

सूर्य ग्रहण में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

  • सूर्य ग्रहण में ईश्वर की मन ही मन आराधना करनी चाहिए.
  • इस दौरान भगवान शिव और सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए.
  • ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए और न ही सोना चाहिए.
  • ग्रहण काल के बाद घर की सफाई करनी चाहिए और पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए.
  • ग्रहण के बाद दान जरूर करना चाहिए.

Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

You Might Also Like

जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें तारीख और पूजा का मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा के बीज मंत्र को सिद्ध करने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें विधि

कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

चरणामृत फायदेमंद है या फिर पंचामृत, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें क्या है रहस्य

TAGGED:DB NewsDB News UpdateDBNewsupdatedivya bhumi updateJbp NewsMP NEWSSurya Grahan 2026
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Surprise0
Angry0
Previous Article “दक्षिण दर्शन यात्रा” करने वालों के लिए चलाई जा रही भारत गौरव पर्यटक ट्रेन
Next Article बच्चों को पायल, कड़े, चेन पहनाने के पीछे छिपा है ज्योतिष शास्त्र का का रहस्य
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

7 दिन में ही 70 रुपये किलो बिकने लगी चीनी
Business 23/08/2026
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को खत्म करने देर रात पुलिस ने दिखाई सख्ती…
National 22/08/2026
मैहर शारदा लोक का रास्ता हुआ साफ, जिले को 256 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
Madhya Pradesh 20/08/2026
लाल किले पर PM मोदी ने फहराया तिरंगा
National 15/08/2026
//

यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

Quick Link

  • About Us
  • Contact
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Sitemap

Top Categories

  • Fashion
  • Health
  • Religion
  • Science
  • Technology
  • Travel

Contact Us

//

Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

Editor – Miss. Supriya 8815353246.

DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Follow US
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
  • Advertise
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?