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बच्चों को पायल, कड़े, चेन पहनाने के पीछे छिपा है ज्योतिष शास्त्र का का रहस्य

DB News
Last updated: 23/09/2025 4:46 PM
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छोटे बच्चों को जन्म के कुछ समय बाद चांदी के कड़े और पायल पहनाना परंपरा है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार इसे शुभ माना गया है और ये सांस्कृतिक रीति का हिस्सा हैं.

By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Contents
छोटे बच्चों को जन्म के कुछ समय बाद चांदी के कड़े और पायल पहनाना परंपरा है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार इसे शुभ माना गया है और ये सांस्कृतिक रीति का हिस्सा हैं.आइए जानते हैं चांदी के गहने पहनाने के 7 प्रमुख फायदे..चंद्रमा की धातु से जुड़ा मानसिक संतुलनऊर्जा का संतुलन बनाए रखती हैकीटाणुओं से सुरक्षा प्रदान करती हैशरीर की गर्मी को संतुलित करती हैसेहत पर सकारात्मक असरमानसिक विकास को बढ़ावासंस्कार और सुरक्षा की भावना

SILVER ORNAMENT: हिंदू धर्म में अक्सर देखने में आता है, कि बच्चे के जन्म के कुछ दिनों बाद ही उसे कई तरह के गहने पहनाए जाते हैं. खासकर बच्चों को हाथों में चांदी के कड़े, पैरों में पायल और गले में चेन पहनाई जाती है. हमारे देश में बच्चों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से गहने पहनना काफी आम बात है.

भारत में शिशु को हाथ में पहनाए जाने वाले कंगन और पैरों में पहनाए जाने वाली पायल, गले की चेन जैसे कई प्रकार के गहने पहनाने की प्रथा काफी लंबे समय से चली आ रही है. मुख्य रूप से बच्चों को हाथों में चांदी के कड़े और पैरों में पायल पहनाने की प्रथा है.

आइए जानते हैं चांदी के गहने पहनाने के 7 प्रमुख फायदे..

चंद्रमा की धातु से जुड़ा मानसिक संतुलन

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चांदी चंद्रमा की धातु है, जो मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है. बच्चों को चांदी के गहने पहनाने से उनका मानसिक संतुलन बना रहता है और वे मानसिक रूप से अधिक स्थिर व शांत रहते हैं

ऊर्जा का संतुलन बनाए रखती है

विज्ञान यह मानता है कि चांदी एक प्रतिक्रियाशील धातु है जो शरीर से निकलने वाली ऊर्जा को अवशोषित कर उसे पुनः शरीर में प्रवाहित करती है. इससे बच्चे की जीवन ऊर्जा (Vital Energy) सुरक्षित और सक्रिय रहती है.

कीटाणुओं से सुरक्षा प्रदान करती है

चांदी को एक प्राकृतिक कीटाणुनाशक माना जाता है. इसके संपर्क में रहने से शरीर को रोगाणुओं से लड़ने की ताकत मिलती है और बच्चे आमतौर पर कम बीमार पड़ते हैं.

शरीर की गर्मी को संतुलित करती है

चांदी एक ठंडी प्रकृति की धातु है जो शरीर की गर्मी को नियंत्रित करती है. छोटे बच्चों में अक्सर शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है, ऐसे में चांदी पहनने से उनका तापमान स्थिर रहता है.

सेहत पर सकारात्मक असर

चांदी पहनने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उनका शरीर सामान्य रोगों से स्वयं लड़ने में सक्षम बनता है. यह त्वचा को भी ठंडक देती है और संक्रमण की आशंका कम होती है.

मानसिक विकास को बढ़ावा

ज्योतिष शास्त्र में चांदी को मन का कारक माना गया है. इसे धारण करने से बच्चों का मानसिक विकास सुचारु रूप से होता है. उनकी एकाग्रता, कल्पना शक्ति और समझने की क्षमता में वृद्धि होती है.

संस्कार और सुरक्षा की भावना

भारतीय संस्कृति में चांदी के गहनों को बच्चों के लिए शुभ और रक्षक माना गया है. पायल और कड़े न सिर्फ एक सुंदर गहना होते हैं, बल्कि यह बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से भी बच्चों की रक्षा करते हैं.

Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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