विवाह में कई रीति-रिवाज़ हैं, हिंदू शादी में खास रस्में निभाई जाती हैं जिन्हें बहुत पवित्र और अहम माना जाता है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Gathbandhan In Wedding: हिंदू धर्म में शादी के बंधन में बांधने की परंपरा अनोखी है. परंपराएं भी सभी को आश्चर्य में डालने वाली हैं. इसी कारण हिंदू धर्म से जितनी भी शादियां होती हैं. उन्हें पवित्र और सार्वभौमिक मान्यता मिली हुई है. हलांकि हर धर्म की शादियों की अलग-अलग रीति-रिवाज, परंपराए और मान्यताएं हैं. लेकिन हिंदू विवाह की कई रस्में ऐसी हैं, जो बहुत ही खास महत्व रखती हैं. वर-वधु के सात फेरे लेने से पहले गठबंधन करने की परंपरा है. गठबंधन के बाद ही अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए जाते हैं. अन्यथा शादी अधूरी मानी जाती है. इसके बाद वर-वधु शादी के बंधन में सात जन्मों तक बंधे रहने की रस्म निभाते हैं. हिंदू रीति-रिवाज धार्मिक होने के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से शादी के बंधन को मजबूती देते हैं. तभी तो हर सुख-दु:ख की घड़ी में साथ खड़े रहते हैं और उनका जीवन पर्यंत निर्वहन भी हो जाता है.
क्या होता है गठबंधन?
हिंदू धर्म की शादियों में ऐसी मान्यता है कि गठबंधन करने के बाद पति-पत्नी आपस में एक पवित्र बंधन में बंध गए, दोनों का रिश्ता आपस में जुड़ गया. इस रस्म के दौरान दुल्हन की चुनरी और दूल्हे के पटके को एक दुपट्टे के सहारे मज़बूती से बांधा जाता है. यह गांठ सात फेरे लेते समय कभी नहीं खुलनी चाहिए, क्योंकि यह रस्म प्यार, भरोसा और साथ निभाने का वादा दर्शाती है. इसे मजबूती के साथ बांधने की परंपरा है.
कौन करता है गठबंधन?
इस रस्म को किसी भी व्यक्ति द्वारा नहीं निभाई जा सकती है. इसे केवल दूल्हे की बहन या बुआ ही निभा सकती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि बहन अपनी भाभी को अपने परिवार में प्यार और सम्मान के साथ स्वीकार करती है. इस रस्म से यह भी जाहिर होता है कि शादी सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं है, बल्कि दो परिवारों का आपसी मिलन है.
किस रंग के दुपट्टे पर होता है गठबंधन?
गठबंधन बांधते समय आमतौर पर पीले या गुलाबी रंग के दुपट्टे का उपयोग किया जाता है. इन रंगों को शुभ माना जाता है और इन्हें सौभाग्य और मंगल का प्रतीक भी समझा जाता है, इसलिए शादी जैसी पवित्र रस्म में इनका उपयोग किया जाता है.
गठबंधन का महत्व क्या है?
यह रस्म पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने का एक प्रतीक है. जब गठबंधन बांधा जाता है, तो इसका मतलब होता है कि दोनों एक-दूसरे का सम्मान करेंगे, भरोसा कायम रखेंगे और हर परिस्थिति में साथ देंगे. साफ और पवित्र कपड़े से गांठ बांधने का भाव है कि रिश्ता हमेशा सच्चाई और पवित्रता के साथ चले.
गांठ में किन चीजों को रखने का महत्व
सिक्का – ऐसा माना जाता है कि शादी के बाद दंपत्ति को धन या आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े.
फूल – यह संकेत देता है कि पति-पत्नी के बीच प्रेम, मिठास और खुशियाँ हमेशा बनी रहें.
चावल – चावल रखने का अर्थ है कि जीवन में कभी अन्न, धन या घर की जरूरतों की कमी न हो.
हल्दी – यह दोनों के अच्छे स्वास्थ्य, सुरक्षा और लंबी आयु की शुभकामना दर्शाती है.
दूर्वा (घास) – यह सकारात्मक सोच, ऊर्जा और तरक्की का प्रतीक मानी जाती है, जिससे जीवन में उत्साह बना रहे.
विवाह से पहले की मुख्य रस्में
वाग्दान या रोका (Roka/Engagement)
यह शादी पक्की होने की आधिकारिक घोषणा होती है, जहाँ दोनों परिवार एक-दूसरे को उपहार देकर रिश्ता स्वीकार करते हैं.
हल्दी की रसम (Haldi Ceremony)
दूल्हा और दुल्हन को उनके अपने-अपने घरों में हल्दी, चंदन और तेल का उबटन लगाया जाता है. इसके दो मुख्य कारण हैं-पहला, त्वचा पर प्राकृतिक निखार लाना और दूसरा कि दूल्हा-दुल्हन को बुरी नजर से बचाना है.
मेहंदी (Mehendi)
दुल्हन के हाथों और पैरों में सुंदर मेहंदी रचाई जाती है. ऐसी मान्यता है कि मेहंदी का रंग जितना गहरा होता है, पति-पत्नी में उतना ही गहरा प्रेम होता है. यह शांति और ठंडक का भी प्रतीक है.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
