भारतीय संस्कृति में नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व. अगले साल 2026 में चैत्र, शारदीय और गुप्त नवरात्रि की तारीख, तिथि, घटस्थापना शुभ मुहूर्त सबकुछ जानें.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Navratri 2026 Date: हिंदू धर्म में मां दुर्गा आराधना का विशेष महत्व है. नवदुर्गा पर्व की प्रमुख तिथियां खासकर चैत्र और शारदीय नवरात्रि को लेकर भक्तों में उत्सुकता देखी जाती है. शारदीय नवरात्रि अश्विन माह में मनाने का विधान है. इसके अलावा 2 गुप्त नवरात्रि भी होती हैं जो माघ और आषाढ़ माह में मनाई जाती हैं. इसमें 10 महाविद्या की पूजा करने का महत्व बतलाया गया है.
देवी पुराण के अनुसार नवरात्रि के 9 दिन देवी दुर्गा पृथ्वी पर वास करती है, माता के भक्त इस अवधि में जप, तप, व्रत कर मां की साधना करते हैं, तो वहीं गुप्त नवरात्रि में गुप्त तरीके के महाविद्याओं की पूजा कर सिद्धियां प्राप्त की जाती है.
शारदीय नवरात्रि का पौराणिक महत्व
शारदीय नवरात्रि को लेकर भक्तों में सबसे ज्यादा उत्सुकता होती है. पूजा-पाठ और आराधना करने के साथ-साथ मां दुर्गा की महिमा जानने का अवसर भी होता है. पौराणिक मान्यता है कि एक बार महिषासुर नाम के शक्तिशाली राक्षस ने वरदान पाकर तीनों लोकों में आतंक मचा रखा था. तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश के तेज से मां दुर्गा प्रकट हुईं. अश्विन मास में माता रानी और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भीषण युद्ध चला. दसवें दिन माता ने महिषासुर का वध कर देवताओं और मनुष्यों को उसके भय से मुक्त कराया. इसी वजह से मां दुर्गा को ‘महिषासुर मर्दिनी’ कहा जाता है और दसवें दिन को विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है.
भगवान श्रीराम द्वारा ‘अकाल बोधन’ (शक्ति पूजा)
श्री रामचनरित मानस के अनुसार, लंका युद्ध के दौरान रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए भगवान श्रीराम ने अश्विन मास में माता दुर्गा की विशेष पूजा की थी. चूंकि यह देवी पूजा का सामान्य समय नहीं था, इसलिए इसे ‘अकाल बोधन’ कहा गया. श्रीराम ने नौ दिनों तक कड़े उपवास रखकर माता को 108 नीलकमल अर्पित किए थे. दशमी के दिन मां दुर्गा के आशीर्वाद से ही श्रीराम ने रावण का वध किया था.
देश भर में दुर्गा उत्सव की धूम
नवरात्रि के दौरान पूरे देश का माहौल भक्तिमय हो जाता है. गुजरात और मुंबई जैसे शहरों में इन नौ रातों में रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में गरबा और डांडिया का भव्य आयोजन होता है. वहीं बंगाल, ओडिशा और असम में विशाल और खूबसूरत पंडाल सजाए जाते हैं, जहां मां दुर्गा की विशाल मूर्तियां स्थापित कर महासप्तमी से दशमी तक भव्य उत्सव मनाया जाता है. भक्त बड़े ही भाव के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं और उल्लास मनाते हैं.
चैत्र नवरात्रि 2026
तारीख – 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 तक
घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 6.52 – सुबह 7.43
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12.05 – दोपहर 12.53
चैत्र नवरात्रि 2026 तिथि
19 मार्च – प्रतिपदा तिथि, घटस्थापना, मां शैलपुत्री
20 मार्च – द्वितीया तिथि, मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च – तृतीया तिथि, मां चंद्रघंटा
22 मार्च – चतुर्थी तिथि, मां कुष्मांडा
23 मार्च – पंचमी तिथि, मां स्कंदमाता
24 मार्च – षष्ठी तिथि, मां कात्यायनी
25 मार्च – सप्तमी तिथि, मां कालरात्रि
26 मार्च – अष्टमी तिथि, मां महागौरी, राम नवमी
27 मार्च – नवमी तिथि, मां सिद्धिदात्री, व्रत पारण
शारदीय नवरात्रि 2026
तारीख – 11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक
घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 6.19 – सुबह 10.12
अभिजित मुहूर्त – सुबह 11.44 – दोपहर 12.31
शादीय नवरात्रि 2026 तिथि
11 अक्टूबर – प्रतिपदा तिथि, घटस्थापना, मां शैलपुत्री
12 अक्टूबर – द्वितीया तिथि, मां ब्रह्मचारिणी
13 अक्टूबर – तृतीया तिथि, मां चंद्रघंटा
14 अक्टूबर – चतुर्थी तिथि, मां कुष्मांडा
15 अक्टूबर – पंचमी तिथि, मां स्कंदमाता
16 अक्टूबर – षष्ठी तिथि, मां कात्यायनी
17 अक्टूबर – सप्तमी तिथि, मां कालरात्रि
18 अक्टूबर – सप्तमी तिथि
19 अक्टूबर – महाअष्टमी तिथि, मां महागौरी
20 अक्टूबर – महानवमी तिथि, मां सिद्धिदात्री, व्रत पारण, विजयादशमी
माघ गुप्त नवरात्रि
तारीख – 19 जनवरी 2026 से 27 जनवरी 2026 तक
घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 07.14 – सुबह 10.46
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
तारीख – 15 जुलाई 2026 से 23 जुलाई 2026 तक
घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 5.33 – सुबह 10.39
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