रांची में 18 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को खत्म करने हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र हुए एबीवीपी कार्यकर्ता, आज मंगलवार, 11 अगस्त को भी आंदोलन जारी है.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jharkhand Protest Highlights: झारखंड में विगत 18 दिनों से JPSC JSSC परीक्षा की धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन से प्रहार किए जाने के बाद झारखंड की जनता नाराज हो गई है. इस बीच छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे ABVP कार्यकर्ताओं ने आज मंगलवार 11 अगस्त को विधानसभा मार्च करने का ऐलान किया है. सुबह 11:30 से पुराने विधानसभा से शुरू होकर एबीवीपी के कार्यकर्ता नई विधानसभा की ओर बढ़ेंगे. आंदोलन का असर बस स्टैण्ड से लेकर सड़कों पर साफ देखा जा रहा है. बसों के पहिए जाम हो गए हैं और सोरेन सरकार के खिलाफ आम आम आदमी सड़क पर उतर गया है. यहां बतादें कि झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया था. झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे थे. पुलिस ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया जिसके बाद हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई.
जेपीएससी परीक्षा रद्द हो
दरअसल झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र अड़े हुए हैं. चूंकि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 18 दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है. रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई थी, जिसमें सरकार ने कई महत्वपूर्ण मांगों को स्वीकार कर लिया गया था. बैठक में छात्रों के विरोध और अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था. इसके अलावा, विवादित वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित पूर्व परीक्षाओं में वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने पर भी सरकार सहमत हो गई थी. हालांकि, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग सरकार ने नहीं मानी. सरकार ने इस परीक्षा से जुड़े आरोपों की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है. इसी मुद्दे को लेकर छात्रों में नाराजगी बनी हुई है और उन्होंने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है.
सरकार ने आंदोलन समाप्त करने की अपील की
हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों को मानने का दावा किया है. सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा को रद्द करना संभव नहीं है. सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की है. इस बीच, मंत्री सुदिव्य कुमार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा है कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और धांधलीमुक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक नीतिगत सुधार लागू करेगी. इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा. वार्ता के दौरान मंत्रियों ने अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने फिलहाल अनशन जारी रखने का फैसला किया है.
आंदोलन को लेकर किसने क्या कहा
प्रतुल शाह का सरकार पर हमला
“ये लोग बेशर्म हैं. यहां की सरकार दावा कर रही है कि पुलिस ने संयम बरता. अब तक हमने सिर्फ चोरों को रात में हाथ की सफाई दिखाते देखा था लेकिन चौथी बार, अपने हक़ की मांग कर रहे बेगुनाह छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया. उस समय अंधेरा हो चुका था और अंधेरे में छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया. उनके कपड़े फाड़ दिए गए.”
प्रतुल शाह देव, बीजेपी प्रवक्ता
झारखंड सरकार तानाशाह
मैं भी भूख हड़ताल पर था, लेकिन कल छात्रों के साथ जैसा बर्ताव किया गया, उससे लगता है कि झारखंड सरकार तानाशाह हो गई है. वह छात्रों की जायज़ मांगों को नज़रअंदाज़ कर रही है.”
जयपाल मुंडा, छात्र प्रदर्शनकारी, खूंटी
‘राहुल गांधी केवल राजनीति कर रहे’
“झारखंड में जिस तरह से लाठी चार्ज हुआ, वाटर कैनन चला, आखिर वहीं पर चुप और यहां पर हंगामा कैसी दोहरी नीति है? पूरा देश देख रहा कि राहुल गांधी केवल राजनीति कर रहे हैं.”
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल, डुमरियागंज
सारे विद्यार्थी रास्ते पर उतरे
“छात्रों का आंदोलन झारखंड में लगातार चल रहा है और सारे विद्यार्थी रास्ते पर उतरे हैं. जिन्होंने दिल्ली में ड्रामा किया था उनकी उपस्थिति यहां हम नहीं देख रहे हैं और विद्यार्थियों का अधिकार है अपने भविष्य के लिए लड़ने के लिए जो सरकार उसको सुरक्षित नहीं कर पा रही है तो उनको जवाब देना पड़ेगा.”
दिलीप घोष, पश्चिम बंगाल के मंत्री

