खेल तब बदला जब चुनाव से ठीक पहले हेमंत सोरेन सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jharkhand Assembly Election Results 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. नतीजों के आंकड़े देखकर साफ पता चलता है कि राज्य में हेमंत सोरेन की वापसी लगभग तय है. मौजूदा आंकड़ों की बात करें तो JMM गठबंधन इस समय 58 सीटों पर आगे चल रही है. इसमें अकेले झारखंड मुक्ति मोर्चा 34 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. जबकि, बीजेपी गठबंधन 22 सीटों पर आगे चल रही है. चलिए, अब जानते हैं कि कैसे एक योजना ने झारखंड में हेमंत सोरेन की वापसी में अहम भूमिका निभाई.
कौन सी है ये योजना
झारखंड में महिलाओं का मत, चुनावों में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि हेमंत सोरेन ने अपने कार्यकाल के दौरान इस योजना को राज्य में शुरू किया था. इस योजना की शुरुआत झारखंड में 23 सितंबर, 2023 को हुई थी. इस योजना के जरिए 21 से 50 साल की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है. यानी सालभर में कुल 12,000 रुपए. हर महीने 15 तारीख को लाभार्थियों के खातों में पैसा आ जाता है.
हालांकि, खेल तब बदला जब चुनाव से ठीक पहले हेमंत सोरेन की सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया. माना जा रहा है कि इस घोषणा के बाद महिलाओं का झुकाव हेमंत सोरेन सरकार की ओर बढ़ गया.
2009 में झारखंड से राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित
2005 में दुमका से मिली हार के बाद साल 2009 में जेएमएम ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया। जिसमें उन्हें जीत मिली। इसके साथ ही हेमंत सोरेन का संसदीय राजनीति में पदार्पण किया। 24 जून 2009 से 4 जनवरी 2010 तक हेमंत सोरेन उच्च सदन के सदस्य रहे। इस बीच दिसंबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन ने दुमका सीट से जीत हासिल की। इस चुनाव में कांग्रेस टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे स्टीफन मरांडी तीसरे स्थान पर खिसक गए।
2010 में हेमंत सोरेन पहली बार उपमुख्यमंत्री बने
वर्ष 2009 के चुनाव में पहली बार विधायक बनने के बाद हेमंत सोरेन 2010 में उपमुख्यमंत्री बने। अर्जुन मुंडा सरकार में सितंबर 2010 से जनवरी 2013 तक हेमंत सोरेन उपमुख्यमंत्री रहे। यह उनके राजनीतिक जीवन की बड़ी सफलता थी।
2013 में पहली बार मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन झारखंड में मुख्यमंत्री के रूप में चौथी बार शपथ लेने वाले पहले नेता होंगे। इसके पहले उन्होंने पहली बार 13 जुलाई 2013 को झामुमो, कांग्रेस, राजद गठबंधन के सहयोग से बनी सरकार में सीएम पद की शपथ ली थी। इस सरकार का कार्यकाल 23 दिसंबर 2014 तक था।
2014 में दुमका में मिली हार, बरहेट से जीत हासिल की
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन ने दुमका के साथ बरहेट सीट से भी चुनाव लड़ा। लेकिन इस चुनाव में दुमका से हेमंत सोरेन को बीजेपी की लुईस मरांडी से हार मिली, लेकिन बरहेट में हेमंत सोरेन ने बीजेपी के हेमलाल मुर्मू को पराजित कर दिया। 2014 में रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनी, तो हेमंत सोरेन पांच वर्षों तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
2019 में दूसरी बार और 2024 में तीसरी बार सीएम के रूप में शपथ
दूसरी बार हेमंत सोरेन 29 दिसंबर 2019 में शपथ ली थी। 31 जनवरी 2024 को ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जमानत पर बाहर आने के बाद 4 जुलाई 2024 को उन्होंने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी। हेमंत सोरेन के पहले उनके पिता शिबू सोरेन और भाजपा के अर्जुन मुंडा तीन-तीन बार सीएम पद की शपथ ले चुके हैं।

