Coaching Guideline: दिल्ली में आईएएस कोचिंग में हुए हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट. इसी क्रम में भोपाल प्रशासन ने कोचिंग संचालन को लेकर आवश्यक गाइडलाइन जारी की.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: सुप्रिया
Bhopal News: दिल्ली में कोचिंग सेंटर में घटित हुई घटना के बाद बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने पर उन्हें सील करने की कार्रवाई की जा रही है. जिला प्रशासन कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ मीटिंग कर उन्हें समझाईश भी दे रहा है.
प्रशासन ने कोचिंग सेंटर संचालन के लिए संचालकों को नियमों को पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. इस मामले में भोपाल जिला प्रशासन सबसे ज्यादा अलर्ट मोड पर देखा जा रहा है. जिला प्रशासन के अफसर लगातार भोपाल में कोचिंग सेंटरों की जांच पड़ताल कर रहे हैं.
संचालकों के साथ अधिकारियों ने की बैठक
एसडीएम एमपी नगर आशुतोष शर्मा ने एमपी नगर के कोचिंग संचालकों के साथ बैठक की. एसडीएम शर्मा ने कहा कि बेसमेंट में पार्किंग के अलावा कुछ और बर्दाश्त नहीं करेंगे, एक माह बाद जांच की जाएगी, खामियां मिलने पर तालाबंदी की जाएगी.
सरकार का कोचिंग संस्थाओं पर शिकंजा
शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन और सुधार लाने के लिए सरकार ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अक्सर देखा जाता है कि कोचिंग संस्थानों की वजह से छात्र अपनी नियमित स्कूली पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते. इसी समस्या को सुलझाने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने के लिए शिक्षा विभाग ने कोचिंग संचालन को लेकर सख्त और नए निर्देश जारी किए हैं. हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब कोई भी कोचिंग संस्थान स्कूल या कॉलेज के समय के दौरान अपनी क्लास नहीं लगा सकेगा. इसका सीधा मतलब यह है कि जब स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई का समय होगा, उस समय कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे या वहां कोई कक्षा नहीं चलेगी.
यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि छात्र अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई को पूरी गंभीरता से लें और वहां उनकी उपस्थिति (Attendance) कम न हो. सरकार का मानना है कि स्कूल की नींव मजबूत होना बहुत जरूरी है.
इन नियमों का करना होगा पालन
1. बेसमेंट में पार्किंग के अलावा लाइब्रेरी, क्लासेस, कारोबार, दफ्तर या अन्य गतिविधि नहीं चला सकते हैं.
2. स्टूडेंट्स और वैन संचालक अपने वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क करेंगे, नगर निगम मंथली पास की व्यवस्था करेगा.
3. आग की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी के सभी मानकों का पालन होना आवश्यक है.
4. शॉर्ट सर्किट से दुर्घटनाएं रोकने इलेक्ट्रिक ऑडिट कराएं.
5. समय-समय पर लिफ्ट का ऑडिट कराएं.
6. भवन में इमरजेंसी एक्जिट की व्यवस्था, जहां व्यवस्था नहीं है, वह अपने ऑनर से बात करें.
7. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हर फ्लोर पर एक प्रशिक्षित कर्मचारी रखा जाए.
8. भवनों का समय-समय पर मेंटनेंस किया जाए.
9. स्टूडेंट्स के लिए फास्ट एंड बाक्स और कंसलटेंट डॉक्टर की व्यवस्था की जाए.
10. आपातकालीन परिस्थितियों से निपअने के लिए स्टूडेंट्स की काउंसलिंग की जाए. प्रशासन भी उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण देगा.
11. संस्थान में भवन का ले आउट और चेक लिस्ट रखें. इसमें इमरजेंसी फोन नंबर, फायर एक्जिट या फायर अलार्म कहां है, यह लिखा हो.
12. केंद्र सरकार की गाइड का पालन हो. 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को एडमिशन न दें.
इन विद्यार्थियों को मिलेगी छूट
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह समय वाला नियम उन सभी छात्रों पर लागू होगा जो अभी स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे हैं. हालांकि, जिन विद्यार्थियों ने अपनी नियमित स्कूली या महाविद्यालयी शिक्षा पूरी कर ली है (जैसे 12वीं पास छात्र जो ड्रॉप लेकर तैयारी कर रहे हैं), उन पर यह पाबंदी नहीं होगी. उनके लिए कोचिंग संस्थान अलग समय पर कक्षाएं संचालित कर सकते हैं.
कोचिंग संस्थानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
नए नियमों के अनुसार, अब कोचिंग संस्थानों को अपनी मनमानी छोड़नी होगी और कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होगा.
मुख्य निर्देश नीचे दिए गए हैं:
नियम का नाम विवरण
डाटा शेयरिंग – सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को देनी होगी.
समय की पाबंदी- स्कूल और कॉलेज के घंटों के दौरान कोचिंग क्लास चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी.
नई नियमावली- शिक्षा विभाग जल्द ही इसके लिए एक विस्तृत गाइडलाइन (Rulebook) तैयार करेगा.
पारदर्शिता- कोचिंग सेंटरों को अपने कामकाज में पूरी पारदर्शिता रखनी होगी.
