इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक होगी. पहलगाम आतंकी हमले के बाद यात्रा की सुरक्षा को लेकर व्यापक बदलाव
Source : MEDIA
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Amarnath Yatra Security: जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट मोड पर है. अमरनाथ यात्रा को लेकर यहां की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और इस बार इस यात्रा की अवधि भी घटाए जाने की चर्चा है. यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 38 दिन तक चलेगी. पिछली बार अमरनाथ यात्रा 52 दिनों की हुई थी. वहीं अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं.
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा के लिए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने पर विचार कर रही है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 581 यूनिट्स, ड्रोन, जैमर के साथ-साथ के 9 यूनिट्स को तैनात करने की योजना बनाई गई है. अमरनाथ की यात्रा इस बार छोटी होने वाली है, जो 3 जुलाई से 9 अगस्त तक होगी.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूरा भारत हाई अलर्ट पर है. इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं. यह पहली बार होगा जब काफिले की आवाजाही की सुरक्षा के लिए सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे. ये कदम रिमोट कंट्रोल वाले विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) से उत्पन्न खतरों को बेअसर करने के लिए उठाया गया है. इसके अलावा काफिले के गुजरने के दौरान अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रास्तों और नेशनल हाईवे की ओर जाने वाली सभी सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा.
निगरानी तंत्र सक्रिय
बताया जा रहा है कि इस दौरान केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिविर स्थलों पर व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा. शाह ने श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. यात्रा मार्ग के साथ ही जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. ताकि, श्रद्धालु सुरक्षित रूप से पर्यटन का आनंद ले सकें. मौसम की स्थिति एवं पूर्वानुमान के अनुरूप ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है.
अमरनाथ यात्रा के लिए ऐसे रहेंगे सुरक्षा के इंतजाम
- पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, जिसमें कई लेयर की व्यवस्थाएं की गई हैं. मसलन, रोड ओपनिंग पार्टीज (आरओपी) जो मूवमेंट से पहले प्रमुख हिस्सों को सुरक्षित और साफ रखेंगी.
- साथ ही क्विक एक्शन टीम्स (QATs) को भी रैपिड रेस्पॉन्स के लिए और विस्फोटकों को निरस्त करने के लिए दस्ते को भी तैनात किया जाएगा.
- इसके अलावा विस्फोटकों का पता लगाने के लिए हाईली ट्रेन्ड स्निफर डॉग्स वाली के9 यूनिट्स की भी तैनाती होगी. वहीं, रियल टाइम एरियल सर्विलांस के लिए ड्रोन भी होंगे.
- इससे पहले, जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात ने सुरक्षा बलों को तीर्थयात्रा रास्ते पर तोड़फोड़ विरोधी टीमों को तैनात करके संभावित जोखिमों को कम करने के उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया था.
- पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने उनसे निगरानी और खतरे का पता लगाने की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने को भी कहा है.
RFID कार्ड के बिना नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि, अमरनाथ यात्रा के दौरान सभी पंजीकृत यात्रियों को यात्रा प्रारंभ करने से पहले आरएफआईडी (FRID) कार्ड प्राप्त करना होगा. यह कार्ड जम्मू, पहलगाम, बालटाल और अन्य निर्धारित केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा होगी, जिससे तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. बिना आरएफआईडी कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को अमरनाथ गुफा की ओर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
इतना ही नहीं इस बार यात्रा से जुड़े घोड़े, खच्चर, पालकी संचालकों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं का पुलिस सत्यापन कर उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे. श्रद्धालु इन क्यूआर कोड को स्कैन कर संबंधित व्यक्ति की पहचान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा क्यूआर कोड के माध्यम से जत्थों की रियल टाइम लोकेशन की जानकारी भी उपलब्ध होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

