मध्य प्रदेश में 11 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, केंद्रीय कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिली, पढ़ाई सीबीएसई के पाठ्यक्रम के अनुसार होगी. केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद स्कूल निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी.
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP In 11 New Kendriya Vidyalayas : मध्य प्रदेश को केंद्र से बड़ी सौगात मिली है. केंद्रीय कैबिनेट ने 85 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने का फैसला लिया है। इनमें से 11 विद्यालय मध्य प्रदेश में खुलेंगे. ये सभी केंद्रीय विद्यालय अलग-अलग जिलों में खुलेंगे. इनमें से एक केंद्रीय विद्यालय भोपाल को भी मिला है.
अभी हाल ही में एक नई जानकारी मिली है कि राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि, हमने देश में 85 नए केंद्रीय विद्यालय स्कूल कहां-कहां खोले जाएंगे यह तय कर लिया है. समयबद्ध तरीके से नए केंद्रीय विद्यालय शुरू किए जाएंगे. हमने सेंट्रल स्कूलों में स्किल बेस की ट्रेनिंग बच्चों को देने के लिए बड़े स्तर पर पहल शुरू की है. हम कस्टमाइज तरीके से बच्चों को स्किल की ट्रेनिंग दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि, ट्रेनर्स की टीचिंग का प्लान शुरू कर दिया गया है. इसके तहत स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग की जा रही है. आज एक फॉर्मल डिग्री के साथ जॉब की परिभाषा बदल गई है. आज IIT से पास होने वाले छात्रों को भी जरूरी नहीं की नौकरी मिल जाए. उन्हें अपने स्किल को बढ़ाने पर निरंतर काम करना होगा. कौशल विकास अब फॉर्मल टीचिंग का भी हिस्सा बन गया है. इसी क्रम में मध्य प्रदेश राज्य को 11 नए केंद्रीय विद्यालय की सौगात मिली है. इन नए स्कूलों को स्थापित करने और संचालित करने की प्रक्रिया 1 अप्रैल, 2025 से शुरू हो चुकी है. इस पूरी योजना के लिए केंद्र सरकार ने 8,232 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ये विद्यालय
मध्य प्रदेश में खुलने वाले ये 11 केंद्रीय विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. साथ ही छात्रों के लिए स्कूल में सारी सुविधाएं मौजूद होगी. पढ़ाई सीबीएसई के पाठ्यक्रम के अनुसार होगी. केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद स्कूल निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी.
इन जगहों ने पर होगा केंद्रीय विद्यालय का निर्माण
केंद्र ने मध्य प्रदेश को 11 नए केंद्रीय विद्यालय दिए हैं. इसके चयन में बड़े और छोटे शहरों का ख्याल रखा गया है. इसकी वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी. नए केंद्रीय विद्यालय धार्मिक नगरी मैहर और वर्ल्ड टूरिस्ट साइट खजुराहो में भी खोला जाएगा. इसके साथ ही उज्जैन के नागदा में भी एक केंद्रीय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है.
इसके साथ ही भोपाल, अशोकनगर, बालाघाटा के तिरोदी, सिवनी के बरघट, कटनी के झिंझरी, मुरैना के सबलगढ़, राजगढ़ के नरसिंहगढ़ और भोपाल में सेंट्रल पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में बनेगा.
शहरों को मिला यह बड़ा तोहफा
उज्जैन: महाकुंभ (सिंहस्थ) से पहले उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का भव्य विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट का काम पूरा होने के बाद राज्य में कुल कमर्शियल एयरपोर्ट्स की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी.
खजुराहो: वैश्विक पर्यटन नगरी खजुराहो को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से मजबूत करने के साथ ही इसके एयरपोर्ट को ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के अगले चरण के लिए पात्र (Eligible) घोषित कर दिया गया है.
मैहर: मां शारदा की इस पावन नगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नए एयर नेटवर्क और हेलीपैड सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे देशभर से आने वाले भक्तों का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
टेंटेटिव लिस्ट में स्मारक अहम
सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्त कालीन मंदिर, बुंदेला शासकों के महल और किले, ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित राम नगर के गोंड स्मारक, धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू के स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी टेंटेटिव लिस्ट में हैं.
क्यों खास है पर्यटकाें के लिहाज से एमपी
ग्रीन, क्लीन और सेफ मध्यप्रदेश को टाइगर, लेपर्ड, घड़ियाल, चीता, वल्चर स्टेट के रूप में जाना जाता है. प्रदेश में 12 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य और 9 टाइगर रिजर्व हैं. कूनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकी चीतों की पुनर्स्थापना परियोजना ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है. मध्यप्रदेश में टाइगर को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक नेशनल पार्कों में पहुंच रहे हैं.
