By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: दही हांडी 2025 में कब है ? क्या है इस पर्व की परंपरा
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > दही हांडी 2025 में कब है ? क्या है इस पर्व की परंपरा
Religion

दही हांडी 2025 में कब है ? क्या है इस पर्व की परंपरा

DB News
Last updated: 11/09/2026 10:34 AM
DB News
Share
5 Min Read
SHARE

श्रीकृष्ण से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व दही हांडी है. इस साल दही हांडी 16 अगस्त 2025 को है. क्या है इस पर्व की विशेषता, इतिहास कैसे मनाते हैं दही हांडी जानें.

Source : DB News Update

Contents
श्रीकृष्ण से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व दही हांडी है. इस साल दही हांडी 16 अगस्त 2025 को है. क्या है इस पर्व की विशेषता, इतिहास कैसे मनाते हैं दही हांडी जानें.दही हांडी क्या है ?दही हांडी कैसे हुई शुरू ?दही हांडी पर्व की परंपरा और पौराणिक कथाउत्सव मनाने का तरीका

By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी

Dahi Handi 2025: भाद्रपद माह में श्रीकृष्ण का सबसे प्रिय पर्व जन्माष्टमी धूमधाम से मनाया जाता है, ये त्योहार द्वापर युग से कलियुग तक धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसी के साथ श्रद्धालुओं को हर साल दही हांडी का बेसब्री से इंतजार रहता है. दही हांडी कान्हा की बाल लीलालओं का प्रतीक पर्व है. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को दही हांडी का पर्व मनाया जाता है.
इस साल साल दही हांडी 16 अगस्त 2025 को है. वहीं जन्माष्टमी का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा.

दही हांडी क्या है ?

दही हांडी श्रीकृष्ण से जुड़ा मुख्य पर्व है. जिसे गोपाल कला या उत्सव के रूप में भी जाना जाता है. इस दौरान गोविंदाओं की टोली ऊंचाई पर बंधी दही से भरी मटकी फोड़ने की कोशिश करती है.

इसमें युवक और युवतियों की टोली एक पिरामिड बनाती है और फिर दही तक पहुंचने का प्रयास किया जाता है. दही मिट्‌टी के बर्तन पर ऊंची जगह टांगा जाता है, इसे हांडी बोलते हैं. दही हांडी उत्सव के दौरान, कृष्ण के भजन गाए जाते हैं और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

दही हांडी कैसे हुई शुरू ?

पौराणिक कथा के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण छोटी उम्र में लोगों के घरों से माखन मिश्री की चोरी किया करते थे और अपने मित्रों में वितरण करते थे और खुद भी खाते थे. प्रभु की लीला से गोपियां परेशान हों गईं थीं, तो ऐसे में गोपियां माखन की मटकी को ऊंचे स्थान पर लटकाने लगीं, लेकिन उनका यह प्रयास असफल रहा.

भगवान श्रीकृष्ण अपने सखा (मित्र) के संग पिरामि़ड बनाकर हांडियों तक पहुंचते थे और उसे फोड़कर मक्खन व दही चुराकर खाया करते थे. कान्हा की इसी बाल लीला को प्रतीक मानकर भक्त-श्रद्धालु हर साल जन्माष्टमी के अगले दिन दहीं हांडी के उत्सव के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाते चले आ रहे है.

दही हांडी पर्व की परंपरा और पौराणिक कथा

बचपन में बाल गोपाल (श्रीकृष्ण) अपने सखाओं के साथ मिलकर गोपियों के घरों से माखन और दही चुराकर खाया करते थे. श्रीकृष्ण की इस शरारत से परेशान होकर गोपियों ने माखन के बर्तनों (हांडी) को घर की छतों या ऊंचे स्थानों पर लटकाना शुरू कर दिया ताकि कान्हा के हाथ वहां तक न पहुंच सकें. चतुर कान्हा ने इसका भी उपाय ढूंढ निकाला. वे अपने मित्रों के साथ मिलकर एक मानव पिरामिड (ह्यूमन पिरामिड) बनाते और ऊंचाई पर रखी हांडी से माखन चुरा लेते थे. इसी लीला को जीवंत करने के लिए दही हांडी उत्सव मनाया जाता है. इस दिन गली-मोहल्लों में ऊंचाई पर मिट्टी की मटकी (जिसमें दही, माखन, मेवे और मिश्री होती है) बांधी जाती है. युवाओं की टोलियां, जिन्हें ‘गोविंदा’ कहा जाता है, ढोल-नगाड़ों और “गोविंदा आला रे…” के जयकारों के बीच मानव पिरामिड बनाकर इस हांडी को तोड़ने का प्रयास करती हैं.

उत्सव मनाने का तरीका

आज के समय में दही हांडी ने एक बड़े और रोमांचक खेल का रूप ले लिया है. हांडी फोड़ने वाले युवाओं की टोलियों को ‘गोविंदा’ कहा जाता है. ये गोविंदा ‘गोविंदा आला रे, आला जरा मटका संभाल ब्रजबाला’ जैसे गीतों पर झूमते हुए आते हैं. सड़कों और चौराहों पर 20 से 40 फीट की ऊंचाई पर माखन, दही, मिश्री और सूखे मेवों से भरी मिट्टी की हांडी लटकाई जाती है. जब गोविंदा की टोलियां मानव पिरामिड बनाकर हांडी तक पहुँचने की कोशिश करती हैं, तो आसपास के लोग उन पर पानी की बौछारें करते हैं ताकि उनका संतुलन बिगड़े, जो खेल के रोमांच को और बढ़ा देता है. जो टोली सबसे पहले सफलतापूर्वक हांडी को फोड़ती है, उसे भारी-भरकम नकद पुरस्कार और सम्मान दिया जाता है.

 

Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

You Might Also Like

जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें तारीख और पूजा का मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा के बीज मंत्र को सिद्ध करने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें विधि

कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

चरणामृत फायदेमंद है या फिर पंचामृत, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें क्या है रहस्य

TAGGED:Dahi Handi 2025DB NewsDB News UpdateDBNewsupdatedivya bhumi updateJbp NewsMP NEWS
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Surprise0
Angry0
Previous Article रक्षाबंधन : कलाई में कितने दिनों तक बांधकर रख सकते हैं राखी
Next Article लक्ष्मी माता को कमल का फूल अर्पित करें, पढ़ें आज का राशिफल
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

7 दिन में ही 70 रुपये किलो बिकने लगी चीनी
Business 23/08/2026
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को खत्म करने देर रात पुलिस ने दिखाई सख्ती…
National 22/08/2026
मैहर शारदा लोक का रास्ता हुआ साफ, जिले को 256 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
Madhya Pradesh 20/08/2026
लाल किले पर PM मोदी ने फहराया तिरंगा
National 15/08/2026
//

यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

Quick Link

  • About Us
  • Contact
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Sitemap

Top Categories

  • Fashion
  • Health
  • Religion
  • Science
  • Technology
  • Travel

Contact Us

//

Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

Editor – Miss. Supriya 8815353246.

DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Follow US
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
  • Advertise
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?