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2025 के आखिरी दिन जापान सहित भारत की धरती कांपी, भूकंप से जान जाने की जानकारी नहीं

DB News
Last updated: 26/09/2026 9:41 AM
DB News
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5 Min Read
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आज 31 दिसंबर को नए साल की पूर्व संध्या पर जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का भूकंप आया. भारत के कई हिस्सों में झटके महसूस किए गए.

Source : DB News Update  

Contents
आज 31 दिसंबर को नए साल की पूर्व संध्या पर जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का भूकंप आया. भारत के कई हिस्सों में झटके महसूस किए गए.12 दिसंबर को आया था 6.7 तीव्रता का भूकंप8 दिसंबर को किए थे भूकंप के झटके महसूसजापान में क्यों आते हैं इतने भूकंपभूकंप आने का मुख्य कारण क्या है?जापान में क्यों आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप?भूकंप से बचने के क्या उपाय हैं?

By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Earthquake News : साल 2025 के आखिरी दिन आज 31 दिसंबर को जापान के पूर्वी तट नोडा में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया. वहीं, भारत के असम, लद्दाख और तिब्बत के क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नए साल की पूर्व संध्या पर जापान में 6 रिक्टर स्केल का भूकंप दर्ज किया गया है. भूकंप का केंद्र 91 किलोमीटर पूर्व में पाया गया है. इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर थी. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी जानकारी दी है.

भूकंप का एपिसेंटर 40.112°N, 142.889°E पाया गया है. हालांकि किसी तरह की जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि दोपहर में तिब्बत में 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था. भूकंप भारतीय समायनुसार दोपहर करीब 3.26 बजे 10 किलोमीटर अंदर पर आया था.

12 दिसंबर को आया था 6.7 तीव्रता का भूकंप

मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि इससे पहले 12 दिसंबर के भूकंप के बाद जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने चेतावनी जारी की थी. तब भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई थी. हाल ही में आया भूकंप इसके कुछ हफ्तों बाद ही आया है. USGS के अनुसार भूकंप का केंद्र होन्शू में इवाते प्रांत के कुजी शहर से 130 किलोमीटर या 81 मील दूर था.

8 दिसंबर को किए थे भूकंप के झटके महसूस

8 दिसंबर को जापान में 7,5 तीव्रता का भूकंप आया था. इस दौरान प्रशांत तट के आसपास के इलाके यानी 50 सेंटीमीटर के भीतर सुनामी आई थी. जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया था कि सुनामी होक्काइडो प्रांत के उराकावा शहर और आओमोरी प्रांत के मुत्सु ओगावारा बंदरगांह से टकराई थी. इसमें कई लोग घायल हुए थे.

जापान में क्यों आते हैं इतने भूकंप

जापान की भौगोलिक स्थिति की बात करें तो जापान पश्चिमी तट की चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है. वह दुनिया के सबसे ज्यादा संभावित देशों में से एक है. 125 मिलियन की जनसंख्या वाला देश जापान हर साल लगभग 1500 भूकंप का सामना करता है. हालांकि इनके झटके बेहद ही हल्के होते हैं. यहां आने वाले अधिकतर भूकंप जमीन की गहराई में रिकॉर्ड किए जाते हैं.

भूकंप आने का मुख्य कारण क्या है?

हमारी पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत (क्रस्ट) कई बड़े और छोटे टुकड़ों में बंटी है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं. ये प्लेटें लगातार धीरे-धीरे तैरती रहती हैं. जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के करीब आती हैं या एक-दूसरे से दूर जाती हैं, तब इनके किनारों पर भारी दबाव और तनाव पैदा होता है. जब चट्टानें इस दबाव को सहन नहीं कर पातीं, तो वे अचानक टूट जाती हैं या खिसक जाती हैं. इससे अंदर जमा हुई भारी ऊर्जा बाहर निकलती है. ऊर्जा बाहर निकलकर तरंगों के रूप में चारों तरफ फैलती है, जिससे जमीन में कंपन होता है और हमें भूकंप महसूस होता है.

जापान में क्यों आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप?

जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों जैसे प्रशांत, फिलीपीन सागर, यूरेशियन और उत्तर अमेरिकी/ओखोट्सक के मिलने वाले जंक्शन पर बसा है. ये प्लेटें लगातार आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं, जिसे सबडक्शन (Subduction) प्रक्रिया कहते हैं. प्लेटों के आपस में रगड़ने से जमीन के नीचे भारी तनाव और दबाव पैदा होता है. जब यह दबाव अपनी सहनशक्ति की सीमा पार करता है, तो ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे धरती कांप उठती है. इस निरंतर हलचल के कारण जापान में हर साल 1,500 से अधिक भूकंप दर्ज किए जाते हैं.

भूकंप से बचने के क्या उपाय हैं?

भूकंप के झटके महसूस होते ही तुरंत फर्श पर घुटनों के बल झुक जाएं या बैठ जाएं, ताकि आप गिर न जाएं. किसी मजबूत मेज (table), डेस्क या बिस्तर के नीचे छिप जाएं और अपने सिर व गर्दन को हाथों से अच्छी तरह ढक लें. यदि कोई मजबूत चीज पास न हो, तो किसी अंदरूनी दीवार के सहारे बैठ जाएं. मजबूत फर्नीचर (मेज या बिस्तर) को कसकर पकड़े रखें और तब तक न छोड़ें जब तक भूकंप के झटके पूरी तरह बंद न हो जाएं. इस तरकीब से बचा जा सकता है.

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