एक घंटे में तीन बार झटके लगे, पहला भूकंप 5 बजकर 7 मिनट पर आया था, इसकी तीव्रता 7.7 मापी गई थी. दूसरा झटका 5 बजकर 18 मिनट पर आया और तीसरा झटका 6.25 बजे.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Philippines Earthquake: फिलीपींस में आज सोमवार (8 जून 2026) को सुबह-सुबह भूकंप आया, जिसके कारण यहां की धरती एक घंटे में 3 बार हिली है. रिएक्टर स्केल पर यहां आए भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है. इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने अपने उत्तर-पूर्वी तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है. यह भूकंप फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप में आया है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, फिलीपींस में एक घंटे के भीतर 3 बार झटके लगे हैं. पहला भूकंप 5 बजकर 7 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 7.7 मापी गई. वहीं दूसरा झटका 5 बजकर 18 मिनट पर आया. इसकी रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 6.4 मापी गई और तीसरा झटका 6 बजकर 25 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 6.6 मापी गई है. फिलीपींस पुलिस के मुताबिक, भूकंप में अब तक कम से कम 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग घायल बताए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि भूकंप से 37 इमारतों को नुकसान पहुंचा है. इनमें ज्यादातर दुकानें, दफ्तर और कारोबारी बिल्डिंग्स हैं.
जापान, इंडोनेशिया समेत यहां अलर्ट
अलजजीरा के मुताबिक, फिलीपींस के पास आए जबरदस्त भूकंप के बाद जापान ने अपने प्रशांत महासागर तट के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जापान के कुछ इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं. भूकंप के बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने सुनामी का खतरा बताते हुए चेतावनी जारी की गई है. एजेंसी के मुताबिक, खतरनाक लहरें समुद्र तट पर स्थित द्वीप को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके बाद इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने भी देश के उत्तरपूर्वी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की और अपने नागरिकों को सतर्क रहने के साथ-साथ निर्देशों का पालन करने की अपील की.
चेतावनी में कहा गया है कि शक्तिशाली भूकंप से काफी नुकसान हो सकता है और आने वाले घंटों और दिनों में इसके बाद तेज झटके आ सकते हैं. बीते रविवार को भी भारत समेत कई देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. भारत के साथ-साथ नेपाल, चीन और भूटान में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.3 मापी गई थी. इस भूकंप का केंद्र भूटान था.
जापान मौसम एजेंसी ने इबाराकी प्रीफेक्चर से लेकर ओकिनावा प्रीफेक्चर तक दक्षिणी तटीय इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की है. अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने गुआम के लिए भी चेतावनी जारी की है.
हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने साफ किया है कि अमेरिका और कनाडा के प्रशांत तटों के लिए कोई सुनामी खतरा नहीं है. हवाई के लिए भी किसी खतरे की पुष्टि नहीं हुई है.
भूकंप के बाद लगातार आ रहे हैं आफ्टरशॉक
मुख्य भूकंप के बाद उसी इलाके में कई और झटके दर्ज किए गए हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये आफ्टरशॉक हैं, जो बड़े भूकंप के बाद सामान्य रूप से आते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि आफ्टरशॉक कई दिनों, हफ्तों या वर्षों तक जारी रह सकते हैं. कुछ मामलों में इनकी तीव्रता मुख्य भूकंप के बराबर या उससे ज्यादा भी हो सकती है, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और नुकसान पहुंच सकता है.
फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित हैं. यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं.
इसी वजह से फिलीपींस दुनिया के सबसे अधिक आपदा प्रभावित देशों में गिना जाता है. यहां हर साल कई भूकंप आते हैं और करीब 20 तूफान तथा उष्णकटिबंधीय चक्रवात भी पहुंचते हैं.
अक्टूबर 2025 में फिलीपींस के सेबू प्रांत में आए 6.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में 69 लोगों की मौत हो गई थी. इस आपदा में करीब 150 लोग घायल हुए थे.
2011 में आए भूकंप की यादें ताजा हो गईं
जापान के लोग अभी भी 2011 में आए उस भीषण भूकंप की यादों से आहत हैं, जिसने सुनामी को जन्म दिया था, जिसमें 18,000 से अधिक लोग मारे गए थे और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में दुर्घटना हुई थी.

