गणेश चतुर्थी पर 27 अगस्त को किस मुहूर्त में गणपति मूर्ति लाना शुभ होगा, इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें, ये सभी जानकारी यहां जानें.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को है. इस दिन कई श्रद्धालु-भक्ता अपने निर्धारित स्थान पर या फिर घर पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करेंगे. लेकिन कई लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि गणेश जी की मूर्ति किस दिन खरीदना चाहिए? कब घर लाना चाहिए? और किस दिशा में विराजमान करना चाहिए? यदि आप भी नहीं जानते हैं तो आइए हम बता रहे हैं कि गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना के लिए किस मुहूर्त में गणपति को घर लाना शुभ होगा.
किस मुहूर्त में गणेश मूर्ति घर लाएं
हिंदू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी पर श्रीगणेश मूर्ति स्थापना के लिए सुबह 11 बजे के बाद ही शुभ मुहूर्त बन रहा है. ऐसे में इससे पहले आप शुभ चौघड़िया मुहूर्त में गणपति घर ला सकते हैं. इस गणेश मूर्ति को घर लाकर उनका पूजन करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और नई शुरुआत का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
इस मुहूर्त में घर लाएं गणपति
सुबह 7.33 – सुबह 09.09 सुबह 10.46 – दोपहर 12.22
कुछ लोग एक दिन पहले यानी हरतालिका तीज के दिन भी घर में गणपति मूर्ति ले आते हैं. ऐसे में 26 अगस्त को सुबह 09.09 से दोपहर 1.59 तक गणेश मूर्ति घर ला सकते हैं.
स्थापना इसी मुहूर्त में करें
भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है.
गणपति स्थापना मुहूर्त – 11:05 ए एम से 01:40 पी एम
मूर्ति स्थापना के लिए सबसे सही दिशा
मूर्ति खरीदने के साथ ही उसकी स्थापना भी एक अहम प्रक्रिया है और उसे सही दिशा और स्थान में स्थापित करना आवश्यक होता है. ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा को घर का सबसे शुभ और पवित्र स्थान माना जाता है.
गणेश मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें
- मिट्टी की गणेश मूर्ति लें.
- बप्पा की सूंड बाईं ओर हो.
- घर में स्थापना के लिए बैठे हुए गणपति शुभ होते हैं.
- सिंदूरी और सफेद रंग के गणपति की मूर्ति बहुत प्रभावशाली होती है.
- ध्यान रहे मूर्ति कहीं से खंडित न हो.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
