हेमंत सोरेन एक बार फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री बनेंगे. इंडिया गठबंधन के विधायक दल की अहम बैठक
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
रांची. इस वक्त झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां इंडिया गठबंधन के विधायक दल की अहम बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. इंडिया गठबंधन की इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड में नेतृत्व बदलाव को लेकर चर्चा हुई है. ऐसे में सूत्रों के अनुसार जो खबर मिल रही है उसके मुताबिक हेमंत सोरेन झारखंड के नए सीएम बन सकते हैं. यानि झारखंड विधानसभा चुनाव के कुछ महीने पहले झारखंड में सत्ता परिवर्तन होने वाला है.
हेमंत सोरेन की नाम पर सहमति
इंडिया गठबंधन के विधायक दल की बैठक हेमंत सोरेन को एक बार फिर से झारखंड का मुख्यमंत्री बनाने की बात पर सहमति बन गयी है. यानि हेमंत सोरेन एक बार फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं. जानकारी के अनुसार विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने हेमंत सोरेन की नाम पर सहमति दे दी है. ऐसे में एक बार फिर से हेमंत सोरेन की ताजपोशी होने वाली है. सूत्रों के अनुसार राज्यपाल आज शाम रांची पहुंचने वाले हैं. राज्यपाल के बाद चंपाई सोरेन राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं.
बैठक के बाद विधायकों ने क्या कहा?
बैठक से निकलने के बाद विधायकों ने कहा कि हेमंत सोरेन को महागठबंधन के सभी विधायकों ने इस बात आश्वासन दिया कि उन्हें पूरे 5 साल के लिये मुख्यमंत्री चुना है तो, आख़िर तक वही रहेंगे.
समन्वय समिति के अध्यक्ष बन सकते हैं चंपाई
इंडिया गठबंधन की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. ऐसे में इसलिए उन्हें सीएम बनाने की सहमति बनी है. हालांकि सूत्रों के अनुसार चंपाई सोरेन को भी पार्टी और प्रदेश के अंदर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी सकती है. मिली जानकारी के अनुसार चंपाई सोरेन समन्वय समिति के अध्यक्ष बन सकते हैं.
बेइज्जती महसूस हो रही है- चंपाई
इससे पहले बुधवार को, JMM ने हेमंत सोरेन को विधायक दल का नेता चुना था, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया. इस कदम से यह ज़ोरदार चर्चा खत्म हो गई कि चंपई सोरेन पद पर बने रहेंगे और हेमंत सोरेन इस साल के आखिर में होने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री के तौर पर वापस आएंगे, अगर गठबंधन जीतता है.
सूत्रों ने NDTV को बताया कि चंपई सोरेन, जिन्हें JMM का एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट बनाया जा सकता है, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए कहे जाने से परेशान थे और उन्होंने पार्टी मीटिंग में कहा था कि उन्हें बेइज्जती महसूस हो रही है.
सत्ताधारी गठबंधन के नेता चंपई सोरेन के घर पर हुई मीटिंग में हेमंत सोरेन की वापसी पर आम सहमति पर पहुंचे. मीटिंग में कांग्रेस के झारखंड इंचार्ज गुलाम अहमद मीर, राज्य अध्यक्ष राजेश ठाकुर और हेमंत सोरेन की पत्नी और MLA कल्पना सोरेन भी शामिल थे.
सूत्रों ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि चुनाव हेमंत सोरेन को पार्टी का चेहरा बनाकर लड़ा जा सके. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में JMM के 27 MLA हैं, कांग्रेस के 18 और RJD और CPI (मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) लिबरेशन के एक-एक MLA हैं. BJP, जिसके 24 MLA हैं, ने हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है और उनके परिवार पर वंशवाद की राजनीति का आरोप दोहराया है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि जांच एजेंसी दो प्रमुख मामलों की जांच कर रही है. इसमें राज्य की राजधानी में अवैध खनन और जमीन घोटाला शामिल है. जमीन घोटाले का मामला सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ है. फर्जी नाम-पता के आधार पर झारखंड में सेना की जमीन की खरीद-फरोख्त हुई. इसी सिलसिले में ईडी में मुख्यमंत्री सोरेन से पूछताछ कर रही है.
हेमंत का आधिकारिक सरकारी आवास
नए सीएम का सरकारी आवास कांके रोड, रांची में है, यहाँ पुराना ब्रिटिश-युगीन आवास तोड़कर नया मुख्यमंत्री आवास परिसर बनाया जा रहा है. उनका पैतृक गांव का घर नेमरा गांव, रामगढ़ (झारखंड) में है. उनकी निजी संपत्ति सोहराय भवन हरमू-अरगोड़ा और ईडन गर्ल्स हॉस्टल, रांची में है और दिल्ली में भी उनका आवास है, जिसका पता 5/1, शांति निकेतन, दक्षिण दिल्ली है.
अब तक 7 मुख्यमंत्री झारखण्ड को मिले
झारखंड राज्य गठन (15 नवंबर 2000) से अब तक कुल 7 व्यक्ति मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन शपथ ग्रहण के अलग-अलग क्रम को देखें तो यह पद 14 बार भरा जा चुका है. वर्तमान में हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री हैं.
झारखंड के मुख्यमंत्री
बाबूलाल मरांडी (भाजपा)
अर्जुन मुंडा (भाजपा)
शिबू सोरेन (झामुमो)
मधु कोड़ा (निर्दलीय)
रघुवर दास (भाजपा)
हेमंत सोरेन (झामुमो)
चंपई सोरेन (झामुमो)
