केन्द्रीय रिजर्व फंड का उपयोग करने के लिए केन्द्र सरकार से मिली मंजूरी, लोक निर्माण विभाग ब्रिज डिवीजन की देखरेख में कराया जाएगा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur Gourighat Road New Flyover : एमपी के जबलपुर शहर को एक और सौगात के रूप में फ्लाईओवर निर्माण की मंजूरी मिल गई है. यह नया फ्लाईओवर नर्मदा रोड जाने वाले मार्ग पर बनाया जाएगा. इस फ्लाईओवर निर्माण के लिए केन्द्र से दूसरी बार मंजूरी मिली है. इस फ्लाईओवर का निर्माण 260 करोड़ की लागत से कराया जाएगा. इसकी लंबाई 3 किलोमीटर रहेगी. यह फ्लाईओववर बंदरिया तिराहे से प्रारंभ होगा और साईं मंदिर शाहनाला के पास इसका रैंप उतरेगा. बतादें कि इस फ्लाईओवर का निर्माण केन्द्रीय रिजर्व फंड से होना है. जिसकी मंजूरी अभी हाल ही में केन्द्र सरकार से मिली है. अब इसके निर्माण को आगे बढ़ाने को लेकर पीडब्ल्यूडडी ब्रिज विभाग राज्य शासन की जरूरी आवश्यक खानापूर्ति करने के बाद जल्द टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का काम करेगा.
रेल लाइन पुल का आया अड़ंगा
बताया जा रहा है कि इस फ्लाईओवर निर्माण की प्लॉनिंग पहले गौरीघाट से हवाबाग कॉलेज गोरखपुर तक थी. लेकिन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर जाने वाली रेल लाइन जो खंदारी नाले के पास से होकर गुजर रही है. इस रेलवे लाइन के पुल की उंचाई ज्यादा है. जिसके कारण इस फ्लाईओवर को शाहनाला तक ही करने का निर्णय लिया गया और प्रोजेक्ट में बदलाव किया गया.
बंदरिया तिराहे के जाम से मिलेगी मुक्ति
गोरखपुर से नर्मदा तट गौरीघाट जाने वाले पहुंच मार्ग के बीच में बंदरिया तिराहा और रामपुर चौक जाम लगने का प्रमुख केन्द्र बनते जा रहे हैं. नर्मदा भक्तों को लंबे जाम में फंसने से घंटों समय की बर्बादी होती है. इस फ्लाईओवर के निर्माण हो जाने से जाम से राहत मिलेगी. क्योंकि नर्मदा रोड में बसाहट बढ़ती जा रही है और आबादी ज्यादा होने के बावजूद सड़कों की चौड़ाई वाहनों के आवागमन के अनुपात में नहीं है. लिहाजा यह फ्लाईओवर यहां के रहवासियों के लिए राहत देने वाला होगा.
ऐसी है फ्लाईओवर की प्लॉनिंग
- कटंगा गोरखपुर हवाबाग कॉलेज से साईं मंदिर शाहनाला के बीच बनने वाले 3 किलोमीटर लंबे लाईओवर की चौड़ाई 16 मीटर होगी.
- फ्लाईओवर में 2 रोटरी बनाए जाने की प्लॉनिंग है.
- एक रोटरी का निर्माण बंदरिया तिराहे पर होगा तो वहीं दूसरी रोटरी रामपुर चौक पर बनाने की प्लॉनिंग है.
- फ्लाईओवर में दो रैंप भी बनाए जाएंगे. जिसमें से एक रैंप गोरखपुर की ओर बनेगा तो वहीं दूसरा रैंप रामपुर चौक से शक्ति भवन की ओर जाने वाले मार्ग पर बनाया जाएगा.
- यह फ्लाइओवर शहर का तीसरा फ्लाईओवर होगा, जिसके निर्माण की मंजूरी मिली है.
प्रस्तावित रूट
यह नया फ्लाईओवर शहर के प्रमुख चौराहों और भारी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा, ताकि वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सके. गौरीघाट नर्मदा दर्शन करने प्रतिदिन आने वाले भक्तों को सहूलियत हो जाएगी. वहीं सैन्य गतिविधियों में भी किसी प्रकार से ट्रैफिक को लेकर समस्या नहीं रहेगी. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार के बजट प्रस्तावों के तहत इस नए फ्लाईओवर परियोजना के लिए करीब ₹260 करोड़ से ₹300 करोड़ का वित्तीय प्रावधान पाइपलाइन में रखा गया है. पूर्व में बने इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह इस नए पुल के निर्माण में भी सुरक्षा और आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा.
गोरखपुर बाजार को मिलेगा बूस्टर डोज
कटंगा का फ्लाईओवर जैसे ही बनकर तैयार होगा. इसके बाद गोरखपुर बाजार को बूस्टर डोज मिल जाएगा. यहाां आने वाले ग्राहकों की संख्या में इजाफा हो जाएगा. गोरखपुर बाजार की रौनक एक बार फिर लौट आएगी. यहां की व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा हो जाएगा.
मदन महल से दमोह नाका तक बन रहा 1000 करोड़ का फ्लाईओवर
जबलपुर में इससे पहले अगस्त 2025 में मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर 6.85 किमी के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी थी. इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए केन्द्रीय फंड से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दी थी. इसका निर्माण करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. इस बड़े फ्लाईओवर के निर्माण हो जाने से मदन महल और दमोह नाका के बीच की 45 मिनट की दूरी घटकर मात्र 7 मिनट हो जाएगी. इस फ्लाईओवर के बन जाने से शहर का ट्रैफिक नेटवर्क और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगा.
