By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: मां शारदा के चरणों में हर दिन पुजारी को मिलते हैं चढ़े फूल!
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > मां शारदा के चरणों में हर दिन पुजारी को मिलते हैं चढ़े फूल!
Religion

मां शारदा के चरणों में हर दिन पुजारी को मिलते हैं चढ़े फूल!

DB News
Last updated: 11/09/2026 11:12 AM
DB News
Share
6 Min Read
SHARE

MP के मैहर जिले के त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा मंदिर में आज भी आल्हा-ऊदल करते हैं आरती!

Source : DB News Update  

Contents
MP के मैहर जिले के त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा मंदिर में आज भी आल्हा-ऊदल करते हैं आरती!रहस्य से आज तक नहीं उठ सका पर्दाअदृश्य आरती और पूजा से सब अचंभित52 शक्तिपीठों में गिना जाता है मां शारदा धाम आल्हा की तपस्या और अमरत्व का वरदान 1063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद होते हैं दर्शनरेल मार्ग से पहुंचे लाखों भक्त

By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी

Maa Sharda Temple Maihar : मध्य प्रदेश के मैहर जिले के त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के चरणों में हर दिन पुजारी को चढ़े फूल मिलते हैं. मां शारदा की पूजा-अर्चना यहां के पुजारी के पहले भी कोई अदृश्य शक्ति कर रही है. मातारानी शारदा का यह चमत्कार एक रहस्य बनकर रह गया है. इतना ही नहीं मां शारदा की आरती भी आल्हा-ऊदल कर रहे हैं. किवंदतियों से पता चलता है कि मां शारदा की आरती और पहली पूजा आल्हा-ऊदल द्वारा ही की जा रही है. चमत्कार का प्रतीक बन चुका यह धाम भक्ति-आस्था और कृपामयी मां का आशिर्वाद पाने के लिए लोग खिंचे चले आ रहे हैं. नवरात्र के दिनों में तो भक्तों की भीड़ ने रिकार्ड ही तोड़ दिया. मैहर धाम के नाम से प्रसिद्ध स्थल का दर्शन पाने के लिए दूर-दराज से लोग हर दिन पहुंच रहे हैं.

रहस्य से आज तक नहीं उठ सका पर्दा

मैहर धाम माता शारदा मंदिर आस्था और चमत्कार का ऐसा प्रतीक बन चुका है कि आज तक यहां के चमत्कार से पर्दा नहीं उठ सका. यहां की रहस्यमयी कहानियां आज भी युवा जनने का प्रयास कर रहे हैं. उन्हें यहां के जानकारी रटी-रटाई कहानी बताई जा रही है. आल्हा-ऊदल से जुड़ा यहां का रहस्य हर किसी को आश्चर्य में डाल रहा है. क्योंकि माता शारदा मंदिर के नीचे आल्हा-ऊदल का भी अखाड़ा है.

अदृश्य आरती और पूजा से सब अचंभित

मां शारदा धाम की ऐसी मान्यता है कि, मां शारदा के परम भक्त आल्हा-ऊदल आज भी प्रतिदिन मां की पहली आरती कर रहे हैं. संध्या आरती के बाद जब शारदा मां मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं और मंदिर के पुजारी पहाड़ से जब नीचे उतर आते हैं तो आल्हा-ऊदल मां शारदा की आरती करते हैं. मंदिर के भीतर से घंटियों की मधुन ध्वनि आज भी सुनी जा सकती हैं. बताया जा रहा है कि कई बार माता शारदा के गर्भगृह में ताजे फूल भी बिखरे मिलते हैं. जो आल्हा-ऊदल के मां शारदा मंदिर आने और पूजा-आरती करने को प्रमाणित करते हैं. ऐसी मान्यता है कि आल्हा-ऊदल को मां शारदा ने अमरत्व का वरदान दिया था.

52 शक्तिपीठों में गिना जाता है मां शारदा धाम 

मध्य प्रदेश का शारदा धाम मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है. मैहर में माता सती का हार (कंठ) गिरा था. इसलिए इसे ‘माई का हार’ अर्थात मैहर कहा जाता है. यही कारण है कि यह स्थान शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र के रूप में पूज्यनीय है. देश भर के लोग इस शक्तिपीठ का दर्शन लाभ लेने के लिए आते हैं.

आल्हा की तपस्या और अमरत्व का वरदान 

ऐसी मान्यता है कि वीर आल्हा ने विंध्य के त्रिकूट पहाड़ी के जंगलों में इस मंदिर की खोज की थी. आल्हा ने करीब 12 साल तक कठोर तपस्या की थी, फिर मां शारदा को प्रसन्न किया था, तब माता शारदा ने उनको अमरत्व का वरदान दिया था.  मंदिर परिसर के पास स्थित आल्हा तालाब और अखाड़ा आज भी इस गाथा को प्रमाणित कर रहा है. यहां आल्हा की तलवार और खड़ाऊं आज भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सुरक्षित रखे हैं. 

1063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद होते हैं दर्शन

मैहर में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु-भक्तों की भीड़ लग जाती है. श्रद्धालुओं के लिए माता का पट खोलने से पहले मां शारदा का विशेष श्रृंगार किया जाता है और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन होता है. लेकिन यहां की ऐसी मान्यता है कि मां की प्रथम पूजा आज भी आल्हा ऊदल ही करते हैं. ताजे कमल के फूल माता के चरणों में अर्पित करते हैं. मंदिर में जाने के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है. रोपवे से होकर भी भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं.

मैहर माता शारदा का यह प्राचीन मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, वीरता और भक्ति की जीवित गाथा है. आल्हा-ऊदल की अदृश्य आरती आज भी श्रद्धालुओं के बीच कौतुहल का विषय बना रहता है.

रेल मार्ग से पहुंचे लाखों भक्त

पश्चिम मध्य रेलवे ने शारदा नगरी मैहर में ट्रेनों के ठहराव का शेड्यूल जारी किया था. अब उन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों से आमदनी का जिक्र किया है. जिसमें बताया गया है कि मैहर रेलवे स्टेशन आने वाले श्रद्धालुओं से पमरे को करीब एक करोड़ 60 लाख रुपये की आमदनी हुई है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क मार्ग से कितनी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ होगा. मां शारदा का दर्शन लाभ लेने के लिए देश भर से लोगों का आगमन यहां लगातार हो रहा है.

Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

You Might Also Like

जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें तारीख और पूजा का मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा के बीज मंत्र को सिद्ध करने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें विधि

कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

चरणामृत फायदेमंद है या फिर पंचामृत, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें क्या है रहस्य

TAGGED:DB NewsDB News UpdateDBNewsupdatedivya bhumi updateJbp NewsMP NEWSSharda Temple Maihar
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
What do you think?
Love1
Sad0
Happy0
Surprise0
Angry0
Previous Article चन्द्रमा की दूधिया रोशनी से नहाई भेड़ाघाट की वादियां, भक्ति-प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी का अद्भुत संगम
Next Article Diwali पर माता लक्ष्मी को लगाएं लड्डू का भोग, मिलेगा आशीर्वाद!
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

7 दिन में ही 70 रुपये किलो बिकने लगी चीनी
Business 23/08/2026
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को खत्म करने देर रात पुलिस ने दिखाई सख्ती…
National 22/08/2026
मैहर शारदा लोक का रास्ता हुआ साफ, जिले को 256 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
Madhya Pradesh 20/08/2026
लाल किले पर PM मोदी ने फहराया तिरंगा
National 15/08/2026
//

यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

Quick Link

  • About Us
  • Contact
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Sitemap

Top Categories

  • Fashion
  • Health
  • Religion
  • Science
  • Technology
  • Travel

Contact Us

//

Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

Editor – Miss. Supriya 8815353246.

DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Follow US
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
  • Advertise
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?