महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और कुंवारी कन्याएं शीघ्र विवाह की कामना के लिए मंगला गौरी व्रत रखती हैं. 5 अगस्त को आखिरी मंगला गौरी व्रत है.
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Mangla Gauri Vrat 2025: सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. पंचांग और तिथि के अनुसार 5 अगस्त 2025 को सावन का अंतिम मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा. यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी (मां पार्वती) की पूजा के लिए समर्पित होता है. इस दिन विशेष रूप से महिलाएं व्रत रखती हैं. सभी व्रत-त्योहार की तरह मंगला गौरी व्रत के भी कुछ नियम होते हैं, जिसका पालन करना चाहिए. इसलिए जान लीजिए मंगला गौरी व्रत में कौन सी चीजें खानी चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए.
कैसे रखें व्रत?
मंगला गौरी व्रत में निर्जला व्रत की जरूरत नहीं होती. आप चाहे तो फलाहार भी इसे कर सकती हैं. लेकिन फिर भी कुछ चीजों का सेवन वर्जित होता है. खानपान का ध्यान रखने और नियमों का पालन करने से व्रत सफल होते हैं.
इनका सेवन बिल्कुल भी न करें
व्रत के दौरान साबूदाने की खीर, मौसमी फल, जूस, दूध या दही आदि का सेवन न कर सकते हैं. समा चावल से बनी चीजें, कट्टू के आटे की पूरी, आलू की सब्जी, मखाना, नारियल आदि भी खा सकते हैं.
व्रत में भूलकर नमक का सेवन न करें और तामसिक चीजों से पूरी तरह से दूर रहें. साथ ही प्याज-लहसुन से बना भोजन भी व्रत में नहीं करना चाहिए.
इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी व्रत में शरीर को शुद्ध और मन को संयमित रखना जरूरी होता है. इसलिए व्यवहार में भी संयम बरतें और कटु वचन कहने से बचें.
व्रत में क्या खाएं? (What to Eat)
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मंगला गौरी व्रत में केवल एक समय (शाम की पूजा के बाद) सात्विक और मीठा भोजन करने का विधान है. इस दौरान आप निम्नलिखित चीजें खा सकती हैं-
मीठा और सात्विक भोजन: इस व्रत में शाम के समय एक ही अनाज से बना मीठा भोजन ग्रहण किया जाता है. आप गेहूं की मीठी पूड़ी, हलवा या आटे का सीरा खा सकती हैं.
फलाहार: दिन के समय ऊर्जा बनाए रखने के लिए आप ताजे फल जैसे केला, सेब, अनार और पपीता ले सकती हैं.
दूध और डेयरी उत्पाद: मखाने की खीर, साबूदाने की मीठी खीर, दूध, दही या रबड़ी का सेवन किया जा सकता है.
फलाहारी सब्जियां और आटा: यदि आपके क्षेत्र में नमक खाने की परंपरा है (सिर्फ सेंधा नमक), तो आप कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूड़ी के साथ आलू, लौकी या कद्दू की सात्विक सब्जी खा सकती हैं.
मंगला गौरी व्रत में क्या न करें?
व्रत के दौरान किसी से भी क्रोध और वाद-विवाद न करें. ऐसा माना जाता है कि इस गलती को करने से व्रत खंडित हो सकता है और व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा.
इस व्रत के दौरान किसी को अपशब्द भी न बोलें.
इसके अलावा इस दिन घर के बड़े-बुजुर्ग का अपमान न करें. इससे व्रत सफल नहीं होता है.
किन चीजों से करें परहेज? (What to Avoid)
व्रत की पवित्रता बनाए रखने और आध्यात्मिक लाभ के लिए इन चीजों का त्याग करना जरूरी है,
साधारण नमक और तीखा भोजन: चूंकि यह मुख्य रूप से मीठा व्रत है, इसलिए साधारण सफेद नमक का सेवन बिल्कुल न करें. अधिक तेल-मसाले और तली-भुनी चीजों से भी बचें ताकि पाचन ठीक रहे.
प्याज और लहसुन: व्रत के भोजन में या पूरे दिन घर में प्याज और लहसुन का प्रयोग वर्जित है, क्योंकि इन्हें तामसिक भोजन माना जाता है.
मिश्रित अनाज (अन्न का मिश्रण): पारण करते समय ध्यान रखें कि एक ही अनाज का सेवन करें. उदाहरण के लिए, यदि आप गेहूं की रोटी या पूड़ी खा रही हैं, तो उसके साथ चावल न खाएं.
अनाजों का सख्त परहेज (दिन के समय): दिनभर के उपवास के दौरान सामान्य चावल, गेहूं, दालें और अन्य हैवी अनाज खाने से बचें.
चाय और कॉफी का अधिक सेवन: खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो सकती है, इसलिए इनसे दूरी बनाएं.
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