शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य,विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार, प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है।
Source : DB News Update
By – DBnewsupdate | Edited by- Supriya
Mp. Jabalpur conclave: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं। उन्होंने कहा कि श्रम के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में प्रोत्साहनकारी नीतियां हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य पोल हो रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्ष में विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया गया है।
प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश कर उन्हें साकार किया जायेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 275 इकाइयां कार्य कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में 60 इकाइयां हैं। हमारे प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट निर्यात किये जाते हैं।
प्रोत्साहन के लिए तैयार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में 150 प्रतिशत प्रोत्साहन के लिये हम तैयार हैं। प्रदेश में उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति पर विशेष राहत प्रदान की गई है। दो मेगा फूड पार्क आ रहे है। पहले से 8 फूड पार्क संचालित है। ऐसी इकाइयों की संख्या निरन्तर बढ़ाई जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वोल्वो आयशर के एमडी से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रारंभ में उद्योगों के विकास से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। जबलपुर हाट के अंतर्गत विभिन्न लघु उद्योग इकाइयों और व्यवसायियों द्वारा उत्पाद सामग्री का विवरण प्रदर्शनी में दिया गया।
कॉन्क्लेव में 17 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
सीएम मोहन यादव ने कहा, “अभी तक जितने कॉन्क्लेव हुए हैं, उन सभी के मुकाबले इसमें रिकॉर्ड टूटा है. उन्होंने कहा, “अभी तक जबलपुर में 265 आद्यौगिक इकाईयों को 340 एकड़ भूमि के आवंटन के आशय पत्र दिए गए हैं. प्रदेश में 17 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव फाइनल हो गए हैं.”
इसके बारे में आगे की जानकारी देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा, प्रदेश के 59 औद्योगिक इकाईयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया. उन्होंने कहा कि यह इसी कॉन्क्लेव का हिस्सा था कि जहां कॉन्क्लेव करेंगे वह इन इकाईयों को स्थापित किया जाएगा.उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के सभी अंचलों में 50 से ज्यादा इकाईयों का भूमिपूजन हुआ और 25 से ज्यादा इकाईयों का लोकर्पण हुआ.
स्टार्टअप और डिफेंस में मिला इनवेस्टमेंट
जबलपुर में हुए कॉन्क्लेव में अशोक लीलैंड एवं आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच 600 करोड़ रुपए के इनवेस्टमेंट से डिफेंस इक्विपमेंट निर्माण के क्षेत्र में एमओयू साइन किया गया है. इसके साथ ही स्टार्टअफ इंडिया सीज फंड योजना के तहत एमपी को 3 करोड़ की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई. इसमें 12 स्टार्टअप को 71 लाख से अधिक की सहायता दी गई. बात करें जबलपुर की तो यहां निवेश की कई संभावनाएं है। इसके चलते टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर हेतु एक कौशल केंद्र प्लग एंड प्ले सेटअप के साथ विकसित किया जाएगा। इस सेंटर की मदद से नए इंडस्ट्रियल सेक्टर में रोजगार के अवसर बनेंगे.
‘1530 करोड़ के प्रोजेक्ट भूमिपूजन और लोकार्पण’
इनमें से अकेले चार इकाई 4500 लोगों को रोजगार उपलब्ध करायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन भी इकाईयों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ उसके जरिये कुल 1530 करोड़ रुपये का निवेश हुआ.
आज के कॉन्क्लेव में रक्षा उपकरण और विमान से जुड़ा एक नया डेवलेपमेंट हुआ, इसके जरिये दो प्रमुख कंपनियों के साथ 600 करोड़ रुपये का करार हुआ है. उन्होंने कहा कि इस दौरान अलग-अलग 12 स्टॉर्ट अप को सरकार की तरफ एक करोड़ की राशि दी गई है.
बायर-सेलर मीट में 1000 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए
आयोजन में बायर-सेलर मीट भी रखी गई है, जिसमें 1000 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए. इसमें ब्रिटेन, कोस्टारीका, फिजी, ताइवान और मलेशिया का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। कान्क्लेव में कृषि एवं रक्षा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई और लगभग 70 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद सितंबर में ग्वालियर और अक्टूबर में रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसी दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए प्रदेश के बाहर तमिलनाडु के कोयंबटूर में 25 जुलाई को, कर्नाटक के बेंगलुरु में अगस्त में, दिल्ली में सितंबर और इंदौर में सितंबर में भी प्रस्तावित है.


