मध्य प्रदेश के विदिशा में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में समर्थकों की भारी भीड. हाथरस का हादसा अभी भूले भी नहीं और यहां सुविधा जुटाने में नाकाम प्रशासन!
Source : DB News Update
Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: विदिशा में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं. विदिशा कथा पंडाल में स्थिति यह है कि यह पूरा कीचड़ से सना हुआ है, बावजूद श्रद्धालु गिरते-पड़ते हुए कथा स्थल तक पहुंच रहे हैं. इतना ही नहीं विदिशा में पंडाल को भी क्रेन का सहारा दिया गया है.
यहां बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में घटित हुए भीषण हादसे के बावजूद मध्य प्रदेश में सबक नहीं लिया गया है. एक दिन पहले जहां बागेश्वर धाम पर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जन्मदिन के अवसर पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा तो वहीं विदिशा में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं. विदिशा कथा पंडाल में स्थिति यह है कि यह पूरा कीचड़ से सना हुआ है, बावजूद श्रद्धालु गिरते-पड़ते हुए कथा स्थल तक पहुंच रहे हैं. इतना ही नहीं विदिशा में पंडाल को भी क्रेन का सहारा दिया गया है.
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को भोले बाबा के सत्संग के बाद हुई भगदड़ के बाद 122 लोगों की मौत हो चुकी है. इस घटना के बाद रसिक संत प्रेमानंद महाराज ने अपनी पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए निरस्त कर दी है तो वहीं बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी श्रद्धालुओं से 4 जुलाई को बागेश्वर धाम आने की मनाही की थी. हालांकि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इस अपील का असर नहीं हुआ और तीन-चार गुना ज्यादा भीड़ बागेश्वर धाम पहुंची. श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ की वजह से व्यवस्था संभालने में पुलिस प्रशासन को बड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा.
अब विदिशा में उमड़ रहा श्रद्धा का सैलाब
इधर विदिशा में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन हो रहा है. आयोजन खुले मैदान में हो रहा है. बारिश के दिनों में हो रहे इस आयोजन में व्यवस्था गड़बड़ा गई है. चारों तरफ कीचड़ ही कचड़ है. इस कीचड़ में ही श्रद्धालु गिरते-पड़ते हुए कथा सुनने के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि हाथरस की घटना के बाद कथा चौथे दिन स्थगित करने का निर्णय लिया था. हालांकि बाद कथा पूरे सात दिन के लिए तय की गई.
पंडाल को क्रेन का सहारा
कथा विदिशा-सागर बायपास पर गिरधर कॉलोनी के खाली प्लॉट पर हो रही है. यहां 1 लाख वर्ग मीटर का पंडाल लगाया गया है. बारिश के मौसम में हवा आंधी का दौर भी जारी है, ऐसे में किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसके लिए प्रशासन ने कथा स्थल पर लगे पंडाल को क्रैन का सहारा दिया है, ताकि तेज बारिश और हवा में पंडाल न उड़े और व्यवस्थाएं न चरमराए. विदिशा कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य के अनुसार पहले दिन से ही प्रशासन आयोजकों के साथ व्यवस्थाएं बनाने में जुटा हुआ है. बारिश के मौसम को देखते हुए पंडाल को क्रेन का सपोर्ट दिया गया है.
2023 में भी पंडाल गिरने की हो चुकी है घटना
सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की बुरहानपुर में कथा चल रही थी. जहां पंडाल गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. इस अफरा-तफरी में 6 लोग घायल हो गए थे. घायलों में 2 महिलाएं और बच्चे शामिल थे. घायलों में से तीन की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
कथा शुरू होने से पहले गिरा पंडाल
दरअसल बुरहानपुर की कृषि उपज मंडी परिसर में सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का आयोजन चल रहा है. कथा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मंगलवार को कथा शुरू होने से पहले कथा स्थल पर पांडाल का एक हिस्सा गिर गया, पांडाल गिरने ने पांडाल में लगी एलईडी नीचे आ गई और 6 लोग हो गए. जानकारी के अनुसार मंगलवाह दोपहर करीब बारह बजे कथा सुनने के लिए पंडाल में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और महिलाएं अपना स्थान घेरने का प्रयास कर रही थीं. तभी पंडाल का एक पाइप खिसक गया और उसका एक हिस्सा भक्तों के ऊपर आ गिरा. पंडाल का पाइस सिर पर लगने से बुलढाणा महाराष्ट्र निवासी उमा चंद्रकिशोर श्रीवास, पुनासा खंडवा निवासी अनीता मालवीय व दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं.
