एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया अमर बलिदानियों की गौरव गाथा का स्मरण, आत्मनिर्भरता पर जोर दिया
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
CM MP Jabalpur Visit : राजा शंकर शाह एक अलग मिट्टी के बने हुए थे. जहाँ बड़े-बड़े शासक अंग्रेजों की धाक के आगे अपनी आवाज नहीं उठा पाते थे, वहीं राजा शंकर शाह न केवल डंके की चोट पर अपनी बात रखते थे, बल्कि कविताओं और गीतों के माध्यम से पूरे आदिवासी अंचल में राष्ट्रीयता की अलख जगाते थे. वे अपनी रचनाओं से इस धरती, नर्मदा घाटी, जंगलों और आदिवासी समाज की रक्षा के लिए प्रेरणास्रोत थे. राजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों से कहा था कि यदि इस धरती ने हमें जन्म दिया है, तो हमें अंग्रेज क्या कोई भी गुलाम नहीं बना सकता. राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की पिता-पुत्र की अनोखी जोड़ी के पराक्रम को हमेशा याद किया जाएगा. यह दुर्लभ है कि पिता जिस मार्ग पर चलें, पुत्र भी उसी मार्ग का अनुसरण करे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज (18 सितंबर) को घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस संस्कृति एवं सूचना केन्द्र में आयोजित गोंडवंश के शासक और जनजातीय समाज के गौरव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

जबलपुर की धरती को वीरों और महावीरों की भूमि बताते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि यह धरती सदैव वीरता, शौर्य और पराक्रम का प्रतीक रही है.
प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी अभियान पर दिया जोर –
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनजातीय समुदाय के प्रति स्नेह भाव को व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री ने अपना जन्मदिन मध्यप्रदेश के धार जिले आकर आदिवासी भाई-बहनों के बीच मनाया, जो उनके प्रेम और समरसता की भावना को दर्शाता है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ के मंत्र पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि हमें धीरे-धीरे अपनी उस आदत को वापस अपनाना है और स्वदेशी की भावना को जागृत करना है. साथ ही कहा कि स्वदेशी अपनाने से हमारे छोटे-छोटे काम करने वाले व्यापारियों को मदद मिलेगी और जिसका मूल मंत्र भी स्वदेशी होगा. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के समापन पर “गर्व से कहो, स्वदेशी अपनाएँगे” का नारा लगा कर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों से स्वदेशी अपनाने का आहवान किया.
राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह को अंग्रेजों ने लालच दिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह को अंग्रेजों ने लालच दिया, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया और अपना धर्म तथा राष्ट्रीय स्वाभिमान को नहीं छोड़ा और राष्ट्र तथा धर्म के प्रति अपने सर्वस्व बलिदान को श्रेष्ठ समझा. अंग्रेजों ने बिना मुकदमा चलाये ही उन्हें तोप के सामने खड़ा कर दिया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन्होंने भारत माता के चरणों में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने का संकल्प लिया हो, उनके आगे तोप के गोले भी छोटे पड़ जाते हैं, मौत भी उनका कुछ नहीं कर सकती. डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि राजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह ने जीते-जी बलिदान होकर अमर होने का रास्ता चुना. उनका यह बलिदान जनजातीय ही नहीं बल्कि संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत है.
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव के साथ मंच पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह एवं संतोष बरकड़े, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर एवं जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल भी मौजूद थे. कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
कार्यक्रम में जनजातीय समाज के गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में महिला स्वसहायता समूह की सदस्य, संभागीय कमिश्नर धनंजय सिंह, आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान व उनकी गौरवगाथा को स्मरण करते हुए अमर बलिदानियों की भूमि में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम का आभार व्यक्त किया.
