एमपी को मिल गया 6वां हवाई अड्डा, जबलपुर, भोपाल, खजुराहो, इंदौर, ग्वालियर में है अभी ऐसी सुविधा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा कि रीवा एयरपोर्ट को डीजीसीए ने उड़ान भरने की अनुमति दे दी है.
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By : DB News Update | Edited By : सुप्रिया
MP 6th Airport: विंध्य के प्रमुख शहर रीवा को एक और सौगात मिल गई है. अब रीवा से भी लोग उड़ान भर सकेंगे. रीवा शहर अभी उड़ान के मामले में सबसे पीछे के पायदान पर था. लेकिन अब साैगात मिलना प्रारंभ हो गई है. मध्य प्रदेश का 6वां हवाई अड्डा बनकर तैयार हो चुका है. जिससे कमर्शियल और आम आदमी उड़ान भर सकेंगे. क्योंकि रीवा के नवनिर्मित एयरपोर्ट को DGCA ने लाइसेंस दे दिया है. इसके पहले एमपी में भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, इंदौर और ग्वालियर में एयरपोर्ट थे, जहां ऐसी सुविधाएं थीं.
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आधिकारिक रूप से रीवा एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी कर दिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा कि रीवा एयरपोर्ट को डीजीसीए ने उड़ान भरने की अनुमति दे दी है. इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय संपर्क का विस्तार होगा।
बता दें कि अब रीवा एयरपोर्ट से यात्री उड़ानों के साथ ही माल वाहक उड़ानों का परिचालन शुरू हो सकेगा. इससे क्षेत्र में रोजगार व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में भी विस्तार होगा. रीवा से विधायक राजेंद्र शुक्ला वर्तमान में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं और उन्होंने इस एयरपोर्ट के निर्माण में काफी अहम प्रयास किया है. अब रीवा एयरपोर्ट परिचालन के लिए तैयार है. रीवा एयरपोर्ट मध्य प्रदेश का छटवां एयरपोर्ट है और विंध्य का इकलौता एयरपोर्ट है.
6 महीने पहले एयरक्राफ्ट की हुई थी लैंडिंग
6 महीने पहले ही रीवा एयरपोर्ट पर पहले एयरक्राफ्ट की लैंडिंग हुई थी. इसी पर सवार होकर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा से खजुराहो के लिए उड़ान भरी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के तहत भोपाल से जबलपुर होकर रीवा और सिंगरौली जाने वाली एयर टैक्सी सेवा भी शुरू की थी. यह सेवा रीवा तक भी पहुंच रही है.
आस- पास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. रीवा से हवाई यात्रा करने वाले यात्री बिना किसी असुविधा के रीवा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे क्योंकि रीवा में पहले से बनाए गए रिंग रोड के चलते सीधी, सतना से यात्रियों का आना-जाना काफी बढ़ गया है. सिंगरौली का पावर प्लांट, विंध्य की 29 बड़ी इकाइयां, बेहतरीन हाईवे, मुकुंदपुर व्हाइट सफारी, बंधवगढ़ नेशनल पार्क, संजय नेशनल पार्क, एशिया का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट, खूबसूरत जलप्रपात, भगवान श्री राम की तपोवन भूमि चित्रकूट, मैहर की शारदा मां और सीमेंट के बड़े उद्योग के कारण रीवा एयरपोर्ट की महत्व रखता है.
सीएम ने मध्यप्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई
इस एयरपोर्ट के द्वारा रीवा के विभिन्न सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में भी विस्तार होगा. मैं मध्यप्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई देता हूं, साथ ही माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी एवं माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री @RamMNK जी को धन्यवाद प्रेषित करता हूं.”
प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी
सीएम ने लिखा है…”मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित रीवा एयरपोर्ट को डीजीसीए का लाइसेंस प्राप्त हुआ है,जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार होगा.पीएम नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश’ के ध्येय अंतर्गत रीवा एयरपोर्ट, विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जहां से यात्री उड़ानों के साथ ही मालवाहक उड़ानों के परिचालन शुरू करने का DGCA से आधिकारिक लाइसेंस मिल गया है.
102 हेक्टेयर जमीन पर निर्मित है रीवा एयरपोर्ट
102 हेक्टेयर जमीन पर निर्मित रीवा एयरपोर्ट मध्य प्रदेश का छठा एयरपोर्ट है. अभी तक इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और खजुराहो एयरपोर्ट से विमान उड़ान भर रहे थे. अब छठे एयरपोर्ट के रूप में रीवा का नाम सामने आया है. 300 करोड़ रुपये की लागत से रीवा एयरपोर्ट बनाया गया है. रनवे बनाने पर 80 करोड़ रुपये खर्च हुआ है. रीवा एयरपोर्ट से परिचालन शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है. विमान सेवा शुरू होने से रोजगार, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में भी विस्तार होगा.
